कुंभ के मुद्दे पर अखाड़ा बनी विधान परिषद, विपक्ष ने लगाया केसरियाकरण का आरोप
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कुंभ के मुद्दे पर बुधवार को विधान परिषद अखाड़ा बन गई। विपक्ष ने कहा कि भाजपा सरकार प्राचीनतम आयोजन का केसरियाकरण कर रही है। वहीं, सत्तापक्ष ने इसे हिंदुओं की आस्था पर गहरी चोट बताया। इसके बाद सपा सदस्य नारेबाजी करते हुए वेल में आ गए।
नेता सदन डॉ. दिनेश शर्मा और ग्राम्य विकास मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह समेत सत्तापक्ष के सभी सदस्य भी नारे लगाने लगे। इसके चलते सभापति रमेश यादव को सदन की कार्यवाही 20 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।
शून्य प्रहर में सपा सदस्य शतरुद्र प्रकाश ने कहा कि योगी सरकार के मंत्री कुंभ में अठखेलियां कर रहे थे। उन्होंने फोटो भी खिंचवाए जो नियमत: और शास्त्रों की दृष्टि से भी अनुचित था। नेता सदन डॉ. दिनेश शर्मा ने इस पर कहा कि किसी सदस्य के अपनी पार्टी के नेता से मतभेद हो सकते हैं, लेकिन मीडिया के फोटो लेने या कुंभ में स्नान को अठखेलियां बताना अनुचित है।
अखिलेश यादव का नाम लिए बिना कहा कि कुंभ में उन्होंने भी स्नान किया था, जिसकी फोटो भी मीडिया में आईं। इसके बाद सपा सदस्य कुंभ का केसरियाकरण बंद करने संबंधी नारे लगाते हुए वेल में आ गए। वहीं, सत्तापक्ष के सदस्यों ने भी नारे लगाए कि हमारी आस्था पर इस तरह से चोट बंद होनी चाहिए।
कुंभ हमारे लिए भी आस्था का विषय : अहमद हसन
जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, नेता प्रतिपक्ष अहमद हसन ने कहा कि कुंभ हम सबके लिए आस्था का विषय है। शतरुद्र प्रकाश ने कुंभ को लेकर जो कहा, वह उनका व्यक्तिगत मुद्दा है। इससे हमारी पार्टी का कोई लेना-देना नहीं है।
वहीं शतरुद्र प्रकाश ने भाजपा सदस्यों को नकली हिंदू बताते हुए कहा, जिस तरह मंत्रियों ने कुंभ में स्नान का नाटक किया, उससे मेरे जैसे काशी के ब्राह्मण की आस्था को गहरी चोट पहुंची है। नेता सदन डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि अगर सपा सदस्य कुंभ को लेकर उठाए सवालों पर अफसोस जाहिर करते हैं तो वे मामले को खत्म करने के लिए तैयार हैं।