छात्रा के गैंगरेप व हत्या पर यूपी विधानसभा में जमकर हंगामा
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राजधानी के हाई सिक्योरिटी वाले इलाके में छात्रा की गैंगरेप के बाद बेरहमी से की गई हत्या की गूंज मंगलवार को विधानमंडल के दोनों सदनों में सुनाई दी।
विपक्ष ने इस घटना को लेकर सरकार पर हमला बोला और कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। विधानसभा में बसपा और कांग्रेस ने सदन से बहिर्गमन किया जबकि विधान परिषद में समूचे विपक्ष ने इस मामले को उठाते हुए सरकार को घेरा।
सभापति ओमप्रकाश शर्मा ने सरकार को इस मामले में ढिलाई बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। संसदीय कार्यमंत्री आजम खां ने घटना को अफसोसनाक बताते हुए कहा, यदि इस मामले में पुलिस की गलती है तो सजा दिलाएंगे।
विधानसभा में सुबह कार्यवाही शुरू होते ही जहां भाजपा सदस्यों ने व्यापारियों के अपमान को लेकर हंगामा किया, वहीं छात्रा की हत्या के मुद्दे पर बसपा व कांग्रेस के सदस्यों ने भी वेल में आकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
कांग्रेस व बसपा रहे बेहद आक्रामक
नेता प्रतिपक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य व कांग्रेस के प्रदीप माथुर ने मुख्यमंत्री व डीजीपी आवास के पास छात्रा की हत्या का मामला उठाते हुए कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई है।
अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा, इस मामले पर उन्होंने बसपा की ओर से नियम 56 के तहत दिया गया नोटिस स्वीकार कर लिया है। इस पर चर्चा होने पर सदस्यों को बोलने का मौका मिलेगा। थोड़ी देर तक शोर-शराबा करने के बाद बसपा सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन किया।
इसके बाद भाजपा सदस्यों के शोर-शराबे के बीच प्रदीप माथुर ने भी सरकार पर कानून-व्यवस्था न संभाल पाने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस सदस्यों के साथ सदन से बहिर्गमन किया।
कांग्रेस ने लापरवाह पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और छात्रा के परिवारीजनों को मुआवजा देने की मांग उठाई।
बसपा की मांग, दोषी पुलिस वालों पर हो कार्रवाई
शून्य प्रहर में बसपा के स्वामी प्रसाद मौर्य ने यह मामला कार्यस्थगन प्रस्ताव के जरिये उठाया। कहा कि 10 फरवरी को छात्रा घर से स्कूल के लिए निकली थी। वह स्कूल नहीं पहुंची तो परिवारीजनों को सूचना दी गई।
कुछ देर खोजने के बाद उसके परिवार के लोग जानकीपुरम थाना गए। पुलिस ने घटना का संज्ञान नहीं लिया। यदि पुलिस मोबाइल को सर्विलांस पर लगाती तो छात्रा की लोकेशन मिल सकती थी।
इस घटना के बाद स्कूली छात्राओं और उनके अभिभावकों में भय है। उन्होंने दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की।
पुलिस संवेदनशीलता दिखाती तो नहीं होती वारदात : खन्ना
भाजपा के सुरेश खन्ना ने कहा, पुलिस संवेदनशीलता दिखाती तो घटना से बचा जा सकता था। उन्होंने 4 दिसंबर को दो युवतियों के धड़ और सिर बोरे में मिलने और पीजीआई में गैंगरेप समेत साल भर में राजधानी में दरिंदगी की आधा दर्जन घटनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने ऐसे कदम उठाने पर जोर दिया कि घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
'शर्म आती है कि मर्द किस हद तक गिर गया'
संसदीय कार्यमंत्री आजम खां ने कहा कि छात्रा के साथ हुई घटना संगीन, दुखद और शर्मनाक है। दो आरोपी पकड़े गए हैं। पूरी कोशिश की जा रही है कि सभी जघन्य अपराधी पकड़े जाएं।
दिल्ली की घटना के बाद कानून सख्त हुआ है, लेकिन जुल्म में भी इजाफा हुआ है। बेशर्म लोगों ने हया उतारकर रख दी है।
उन्होंने कहा, कानून से ज्यादा जिम्मेदारी समाज की है। शर्म आती है कि मर्द किस हद तक गिर गया है। उनके लिए सजा कुछ ऐसी होनी चाहिए कि अपराध करने से पहले उन्हें घबराहट महसूस हो। पुलिस ने कोताही बरती है तो कार्रवाई करेंगे।
मौर्य ने कहा, पुलिस तब चेती जब उन्होंने अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था से टेलीफोन पर बात की। उसी के बाद लाश बरामद हुई है। स्थानीय पुलिस के गैरजिम्मेदाराना रवैये के कारण यह घटना हुई। संसदीय कार्यमंत्री के जवाब से नाखुश बसपा सदस्यों ने नारेबाजी करते हुए सदन से बहिर्गमन किया।
विधान परिषद में भी होता रहा हंगामा
उधर, विधान परिषद में बसपा ने कार्यस्थगन सूचना के जरिये यह मामला उठाया और प्रदेश में कानून-व्यवस्था के पूरी तरह फेल हो जाने का आरोप लगाया।
कहा कि छात्रा 10 फरवरी को घर से स्कूल के लिए निकली तो फिर लौटकर नहीं पहुंची। परिवारीजनों ने पुलिस को सूचना दी लेकिन पुलिस ने हीलाहवाली ही नहीं की बल्कि छात्रा के परिवारीजनों से लड़की के बारे में अभद्र टिप्पणी भी की।
बसपा ने सदन में कानून-व्यवस्था पर दो घंटे की चर्चा कराने की मांग की। भाजपा के डॉ. यज्ञदत्त शर्मा, कांग्रेस के नसीब पठान, निर्दल चेतनारायण सिंह व सपा के बागी देवेंद्र प्रताप सिंह ने भी इसका समर्थन किया।
नेता सदन बोले-चर्चा नहीं, कार्रवाई की जरूरत
नेता प्रतिपक्ष नसीमुद्दीन सिद्दीकी, डॉ. रामकुमार कुरील, सुनील कुमार चित्तौड़ और डॉ. विजय प्रताप ने मामला उठाते हुए कहा, मेडिकल रिपोर्ट न सिर्फ दहलाने वाली है बल्कि मानवता को शर्मसार करने वाली भी। पुलिस सक्रिय होती तो छात्रा बच सकती थी।
आरोप लगाया कि लखनऊ के पुलिस कप्तान तो इस मामले को आत्महत्या बनाने पर तुले थे, पर डॉक्टरों ने उनके मंसूबे पूरे नहीं होने दिए।
नेता सदन अहमद हसन ने कहा, मामला वास्तव में काफी गंभीर है लेकिन चर्चा की नहीं बल्कि कार्रवाई की जरूरत है। सरकार कार्रवाई कर रही है। किसी को बचाने का सवाल ही नहीं है। सभापति ने कार्यस्थगन सूचना अस्वीकार कर दी।
इन्हें तो अच्छी खबर चाहिए
बसपा के बहिर्गमन पर आजम ने कहा कि बसपा को घटना से ज्यादा चिंता अच्छी खबर बनने की है। इसीलिए सदन से उठकर चले गए। नेता प्रतिपक्ष को इस मुद्दे पर बहस करनी चाहिए थी। सरकार इस मामले में संजीदा है और जांच में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।