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चरक अस्पतालः सिपाही की मौत पर हंगामा, केस दर्ज, 21 को मनाई थी शादी की दूसरी सालगिरह
Thu, 25 Apr 2019 01:06 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Thu, 25 Apr 2019 01:06 PM IST
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अभिषेक (फाइल फोटो)
- फोटो : amar ujala
लखनऊ के ठाकुरगंज दुबग्गा स्थित चरक अस्पताल में बुधवार सुबह इलाज के दौरान कानपुर के घाटमपुर निवासी सिपाही अभिषेक सिंह (30) की मौत हो गई। परिवारीजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया।
सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया। इंस्पेक्टर ठाकुरगंज दीनानाथ मिश्रा का कहना है कि पत्नी की तहरीर पर अस्पताल संचालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने बाद आगे की कार्रवाई होगी।
गौरतलब है कि सिपाही तीन माह पहले तक एक राज्य मंत्री की सुरक्षा में तैनात था। बीमारी की वजह से उसने अपनी ड्यूटी रिजर्व पुलिस लाइन में करा ली थी। वह मंगलवार दोपहर काम से निकला था, तभी उसके पेट में दर्द उठने लगा। दोपहर करीब 12 बजे वह चरक अस्पताल में जाकर भर्ती हो गया। उसने फोन करके पत्नी प्रीति को बुला लिया।
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दो लाख रुपये वसूलने का लगाया आरोप
अविनाश का आरोप है कि इलाज में लापरवाही से उसके भाई की हालत बिगड़ गई। डॉक्टर इलाज के बजाय रुपये वसूलने में लगे रहे। करीब दो लाख रुपये ले लिए। बुधवार सुबह इलाज में लापरवाही से उसकी मौत हो गई। अभिषेक के साले शिवम सिंह का आरोप है कि दवा के लिए रुपये पहले जमा करा लिए जाते थे, जबकि दवा मरीज तक दो से तीन घंटे बाद पहुंचती थी। मौत लापरवाही से हुई है।
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सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया। इंस्पेक्टर ठाकुरगंज दीनानाथ मिश्रा का कहना है कि पत्नी की तहरीर पर अस्पताल संचालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने बाद आगे की कार्रवाई होगी।
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गौरतलब है कि सिपाही तीन माह पहले तक एक राज्य मंत्री की सुरक्षा में तैनात था। बीमारी की वजह से उसने अपनी ड्यूटी रिजर्व पुलिस लाइन में करा ली थी। वह मंगलवार दोपहर काम से निकला था, तभी उसके पेट में दर्द उठने लगा। दोपहर करीब 12 बजे वह चरक अस्पताल में जाकर भर्ती हो गया। उसने फोन करके पत्नी प्रीति को बुला लिया।
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दो लाख रुपये वसूलने का लगाया आरोप
अविनाश का आरोप है कि इलाज में लापरवाही से उसके भाई की हालत बिगड़ गई। डॉक्टर इलाज के बजाय रुपये वसूलने में लगे रहे। करीब दो लाख रुपये ले लिए। बुधवार सुबह इलाज में लापरवाही से उसकी मौत हो गई। अभिषेक के साले शिवम सिंह का आरोप है कि दवा के लिए रुपये पहले जमा करा लिए जाते थे, जबकि दवा मरीज तक दो से तीन घंटे बाद पहुंचती थी। मौत लापरवाही से हुई है।
गंभीर थी मरीज की हालत
प्रीति ने बताया कि शादी को दो साल ही हुए थे। अभी कोई संतान भी नहीं थी। बीती 21 अप्रैल को शादी की दूसरी सालगिरह धूमधाम से मनाई गई थी। कहा कि पति की बीमारी इतनी बड़ी नहीं थी, जिससे मौत हो जाए। लापरवाही से उसकी जान गई है। अविनाश सिंह ने बताया कि उनके बड़े भाई वर्ष 2011 बैच में भर्ती हुए थे।
मरीज गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हुआ था। लिवर पूरी तरह से खराब हो चुका था। अस्पताल में भर्ती के दौरान पिता ने मरीज के हाई रिस्क कागज पर हस्ताक्षर भी किए थे। परिवारीजनों को मरीज की स्थिति से अवगत कराया गया था। तीमारदार अनावश्यक लाभ लेने के लिए बिना वजह विवाद खड़ा कर रहे हैं। - प्रदीप सिंह चौहान, मैनेजर, चरक हॉस्पिटल
मरीज गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हुआ था। लिवर पूरी तरह से खराब हो चुका था। अस्पताल में भर्ती के दौरान पिता ने मरीज के हाई रिस्क कागज पर हस्ताक्षर भी किए थे। परिवारीजनों को मरीज की स्थिति से अवगत कराया गया था। तीमारदार अनावश्यक लाभ लेने के लिए बिना वजह विवाद खड़ा कर रहे हैं। - प्रदीप सिंह चौहान, मैनेजर, चरक हॉस्पिटल