{"_id":"692095f676ef7c48100c6a79","slug":"rto-transport-lucknow-news-c-13-1-lko1068-1482847-2025-11-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: 320 प्राइवेटकर्मियों पर गिरेगी गाज, परिवहन आयुक्त ने जारी किया आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: 320 प्राइवेटकर्मियों पर गिरेगी गाज, परिवहन आयुक्त ने जारी किया आदेश
विज्ञापन
320 प्राइवेटकर्मियों पर गिरेगी गाज, परिवहन आयुक्त ने जारी किया आदेश
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। ट्रांसपोर्टनगर आरटीओ सहित प्रदेश के सभी आरटीओ, एआरटीओ 320 प्राइवेट कर्मचारियों को बाहर करने की तैयारी पर शुक्रवार को परिवहन आयुक्त ने
मुहर लगा दी है. उन्होंने आदेश जारी कर परिवहन विभाग में कार्यदायी संस्था को इस बाबत निर्देशित किया है. संस्था को चेताया है कि पुराने कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं. सावधानी बरतें.
परिवहन विभाग में डीएल प्रिंटिंग से लेकर जुड़े अन्य कार्यों की जिम्मेदारी निजी संस्था के पास है. लखनऊ में 28 सही प्रदेशभर में 320 कर्मचारी इन कामों को संभाल रहे हैं. हाल ही में ट्रांसपोर्टनगर आरटीओ संजय तिवारी ने परिवहन आयुक्त किंजल सिंह को पत्र लिखकर इन कर्मचारियों को हटाने का अनुरोध किया था. उनका आरोप था कि इन कर्मचारियों की दलालों से मिलीभगत है. लेकिन कर्मचारियों ने इन आरोपों को एकसिरे से ख़ारिज कर दिया था. बावजूद इसके बगैर किसी जांच के परिवहन आयुक्त किंजल सिंह ने शुक्रवार को आदेश जारी कर कर्मचारियों को अप्रत्यक्ष रूप से बाहर करने का मन बना लिया है. उन्होंने सभी नई कार्यदायी संस्थाओं को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने आरटीओ संजय कुमार तिवारी के लगाये गए आरोपों ही शामिल करते हुए इन कर्मचारियों को भ्रष्टाचार करने और विभाग की छवि धूमिल करने की बात कही है। निर्देश दिया है कि पूर्व कार्यदायी संस्था(स्मार्ट चिप) के किसी कर्मचारी को नई कार्यदायी संस्था रखती है तो वह यह सुनिश्चित करे
कि उसका जिला बदल दिया जाए। साथ ही कर्मचारियों ने जहां-जहां काम लिया है,वहां के एआरटीओ से कर्मचारियों की कार्यशैली पर आख्या भी जरूर ले।
इसके अलावा इन कर्मचारियों का पुलिस वेरिफिकेशन जरूर कराएं। हालांकि सवाल यह उठता है कि महज पांच से छह हजार रुपये तनख्वाह पाने वाले कर्मचारी
जिला बदलने पर काम कैसे करेंगे. अफसर उनकी आख्या क्यों ही देंगे. फ़िलहाल कर्मचारी सोमवार को परिवहन आयुक्त किंजल सिंह से मुलाकात कर अपनी बात रखेंगे.
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। ट्रांसपोर्टनगर आरटीओ सहित प्रदेश के सभी आरटीओ, एआरटीओ 320 प्राइवेट कर्मचारियों को बाहर करने की तैयारी पर शुक्रवार को परिवहन आयुक्त ने
मुहर लगा दी है. उन्होंने आदेश जारी कर परिवहन विभाग में कार्यदायी संस्था को इस बाबत निर्देशित किया है. संस्था को चेताया है कि पुराने कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं. सावधानी बरतें.
परिवहन विभाग में डीएल प्रिंटिंग से लेकर जुड़े अन्य कार्यों की जिम्मेदारी निजी संस्था के पास है. लखनऊ में 28 सही प्रदेशभर में 320 कर्मचारी इन कामों को संभाल रहे हैं. हाल ही में ट्रांसपोर्टनगर आरटीओ संजय तिवारी ने परिवहन आयुक्त किंजल सिंह को पत्र लिखकर इन कर्मचारियों को हटाने का अनुरोध किया था. उनका आरोप था कि इन कर्मचारियों की दलालों से मिलीभगत है. लेकिन कर्मचारियों ने इन आरोपों को एकसिरे से ख़ारिज कर दिया था. बावजूद इसके बगैर किसी जांच के परिवहन आयुक्त किंजल सिंह ने शुक्रवार को आदेश जारी कर कर्मचारियों को अप्रत्यक्ष रूप से बाहर करने का मन बना लिया है. उन्होंने सभी नई कार्यदायी संस्थाओं को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने आरटीओ संजय कुमार तिवारी के लगाये गए आरोपों ही शामिल करते हुए इन कर्मचारियों को भ्रष्टाचार करने और विभाग की छवि धूमिल करने की बात कही है। निर्देश दिया है कि पूर्व कार्यदायी संस्था(स्मार्ट चिप) के किसी कर्मचारी को नई कार्यदायी संस्था रखती है तो वह यह सुनिश्चित करे
विज्ञापन
कि उसका जिला बदल दिया जाए। साथ ही कर्मचारियों ने जहां-जहां काम लिया है,वहां के एआरटीओ से कर्मचारियों की कार्यशैली पर आख्या भी जरूर ले।
इसके अलावा इन कर्मचारियों का पुलिस वेरिफिकेशन जरूर कराएं। हालांकि सवाल यह उठता है कि महज पांच से छह हजार रुपये तनख्वाह पाने वाले कर्मचारी
जिला बदलने पर काम कैसे करेंगे. अफसर उनकी आख्या क्यों ही देंगे. फ़िलहाल कर्मचारी सोमवार को परिवहन आयुक्त किंजल सिंह से मुलाकात कर अपनी बात रखेंगे.