पीएम मोदी की फिर ताजपोशी के लिए एक्शन मोड में आया संघ, 2014 की तरह काम करेंगे स्वयंसेवक
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भाजपा की जमीन मजबूत बनाने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ताजपोशी का रास्ता मजबूत बनाने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भी सक्रिय हो गया है। लोकसभा चुनाव 2014 की तरह इस बार भी संघ के स्वयंसेवक भाजपा की पूरी चुनावी कमान संभालेंगे। ये मान-मनौवल से लेकर भाजपा को लेकर लोगों में नाराजगी भी दूर करने की कोशिश करेंगे।
जानकारी के मुताबिक, ग्वालियर में संघ की प्रतिनिधि सभा में लोकसभा चुनाव के मद्देनजर यूपी के राजनीतिक और सामाजिक समीकरणों पर भी चर्चा की गई। कहा गया कि संघ के लिए वैसे तो सभी राजनीतिक दल अपने ही हैं लेकिन राष्ट्रीय हित और संस्कृति के संरक्षण के सवाल की अनदेखी नहीं की जा सकती है।
इस नाते संघ की जिम्मेदारी है कि देश में राष्ट्रीय हितों का ध्यान रखकर काम करने वाली सरकार सत्तारूढ़ हो। संघ के स्वयंसेवक लोगों को समझाएंगे कि इस समय व्यापक हित में मतदान की जरूरत है। देश को ऐसी सरकार चाहिए जो धर्म, संस्कृति, देश की सुरक्षा और स्वाभिमान, गोरक्षा का ध्यान रखे और धर्मान्तरण पर नियंत्रण रखे। इस नाते भाजपा और मोदी सरकार ही उचित है।
ज्यादा से ज्यादा मतदान करने पर फोकस करने का लिया निर्णय
संघ ने स्वयंसेवकों के जरिये ज्यादा से ज्यादा मतदान पर भी फोकस करने का निर्णय लिया है। इसके लिए सभी स्थानों पर टोलियां बनाई जाएंगी। ये लोगों को मतदान के लिए प्रेरित ही नहीं करेंगी बल्कि मतदान केंद्र तक पहुंचाने की भी जिम्मेदारी संभालेंगी। सभी स्थानों पर संघ के वरिष्ठ लोगों को शामिल करते हुए कोर कमेटियां पहले ही गठित हो चुकी हैं।
ये कमेटियां टिकट वितरण के बाद यदि कहीं नाराजगी होती है तो उसे दूर करने की जिम्मेदारी संभालेंगी। साथ ही संघ परिवार के सभी संगठनों के बीच समन्वय का काम भी संघ ने अपने कंधों पर लिया है। कार्यकर्ताओं के बीच खींचतान को दूर करने का काम भी संघ के हाथों में रहेगा।
राम मंदिर पर जनता को समझाएंगे
बैठक में संघ के स्वयंसेवकों के जरिये लोगों को राममंदिर पर समझाने की जिम्मेदारी सौंपी गई। संघ के लोग जनता को समझाएंगे कि राम मंदिर हर हाल में बनेगा। निश्चित स्थान पर और निर्धारित प्रारूप में ही बनेगा।
इसमें वक्त लग रहा है क्योंकि राज्यसभा में बहुमत न होने के कारण कानून बनाकर यह करना संभव नहीं हो पाया। पर, सत्ता संचालन कर रहे भाजपा नेताओं का राम मंदिर को लेकर कोई विरोध नहीं है। इनकी प्रतिबद्धता को लेकर भी शंका करना ठीक नहीं है।
कुंभ, अयोध्या, प्रयाग, मथुरा-वृंदावन, स्लॉटर हाउस पर पाबंदी सहित हिंदुत्व के एजेंडे को धार देने वाले अन्य फैसलों का हवाला देकर भी ये लोगों को समझाएंगे कि भाजपा ही ठीक है।