राममंदिर पर संघ परिवार का जनजागरण अभियान जनवरी में, 10 करोड़ हिंदू परिवारों तक पहुंचना है लक्ष्य
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अयोध्या में ढांचा ध्वंस पर फैसला आने के बाद संघ परिवार आगे की तैयारियों में जुट गया है। इसके लिए शुक्रवार को विहिप के पूर्वी क्षेत्र के पदाधिकारियों की प्रयाग में बैठक बुलाई गई है, जिसमें राममंदिर पर आगे की योजनाओं और कार्यक्रमों की अंतिम रूप देने की उम्मीद है। जानकारी के अनुसार जनवरी में राममंदिर पर एक बड़ा जनजागरण अभियान चलाने का निर्णय हो चुका है। जल्द ही इसकी औपचारिक घोषणा कर दी जाएगी।
विहिप की अगुवाई में चलने वाले इस अभियान की बागडोर पर्दे के पीछे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के हाथ में रहेगी। कुछ उसी तरह जैसे 80-90 के दशक में राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान संघ के निर्देश पर विहिप ने काम किया था। इसकी पूरी योजना को अंतिम रूप देने और संघ के सभी संगठनों को इस अभियान में जुटाने के लिए आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत जल्द ही दौरा शुरू करेंगे। वह संघ परिवार की सांगठनिक रचना के अनुसार प्रांतवार जाकर अभियान के बारे में बातचीत करेंगे।
इस अभियान के जरिये संघ परिवार जहां राममंदिर से लेकर ढांचा ध्वंस तक विपक्ष की साजिशों के बारे में जनता को बताएगा वहीं उनसे राम मंदिर निर्माण से जुड़ने का आग्रह भी करेगा। संघ की योजना इस अभियान के जरिये देश के 10 करोड़ हिंदू परिवारों को अयोध्या में बनने वाले श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से सीधे जोड़कर इस मंदिर को भौतिक भव्यता और दिव्यता के साथ विशाल जन चेतना का भावनात्मक प्रतीक बनाने की है। साथ ही इन हिंदू परिवारों को मंदिर से जोड़कर भविष्य के लिए भी इस स्थान के महत्व, मजबूती और इसके साथ जनसमर्थन की शक्ति को लेकर निश्चिंत हो जाने की भी है।
पहले से ही तय हैं कुछ कार्यक्रम
जानकारी के मुताबिक यह अभियान देश भर में चलना है, जिसके लिए संघ परिवार के लोगों को 10 करोड़ परिवारों से संपर्क करना है। इसके लिए लोगों को पहले निकलना पड़ेगा और दौरे करके तैयारियों को अंतिम रूप देना होगा।
रणनीतिकारों को उम्मीद है कि जनवरी तक संभवत: कोरोना का प्रकोप भी थोड़ा कम हो जाएगा, जिससे अभियान चलाने में सुविधा रहेगी। अक्तूबर में नवरात्र के साथ विजयदशमी का त्योहार है, उसके बाद दिवाली है। इन मौकों पर संघ के कार्यक्रम पहले से ही तय हैं।
दिवाली के आसपास संघ की कार्यकारी मंडल की बैठक होनी है। नवंबर में विहिप का धर्मरक्षा निधि कार्यक्रम तय है। दिसंबर में विहिप की केंद्रीय बैठक के साथ संघ परिवार के अन्य संगठनों के अलग-अलग कार्यक्रम हैं।