'मुस्लिमों से बैर नहीं पर हिंदुओं के हित पहले'
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने स्वयंसेवकों का आह्वान किया है कि सिर्फ सरकार के सहारे न रहें। वे समाज में पैठ व पकड़ बढ़ाने का काम करते रहें। परिवर्तन सरकारों से नहीं, बल्कि समाज से आता है। इसके लिए संगठन को ही काम करना होता है।
इससे पहले बैठक में कुछ प्रतिनिधियों ने संघ की मुस्लिम विरोधी छवि तोड़ने की जरूरत बताई। हालांकि यह भी कहा कि संदेश यह दिया जाए कि संघ मुसलमानों से कोई बैर भाव नहीं रखता, पर हिंदू हितों से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
संघ के केंद्रीय कार्यकारी मंडल की तीन दिन से यहां निरालानगर स्थित सरस्वती कुंज में चल रही बैठक रविवार को संपन्न हो गई। इसी के साथ प्रतिनिधियों का लौटना भी शुरू हो गया।
परंपरा के अनुसार, रविवार को भाजपा, विद्यार्थी परिषद, भारतीय मजदूर संघ, भारतीय किसान संघ जैसे 30 संगठनों के प्रतिनिधियों का लौटना शुरू हो गया। सोमवार को प्रांत प्रचारक व अन्य पदाधिकारी तथा मंगलवार को क्षेत्र प्रचारक व अन्य क्षेत्रीय पदाधिकारी लौटेंगे। बुधवार को सरसंघचालक व अन्य केंद्रीय पदाधिकारी जाएंगे।
हिंदुओं के खिलाफ चल रही साजिश का पर्दाफाश करें
सरसंघचालक मोहन भागवत ने स्वयंसेवकों से देश में संघ परिवार के लिए बन रही अनुकूल परिस्थितियों का लाभ उठाकर लोगों के बीच पकड़ व पैठ बनाने का आह्वान किया। उन्होंने जोर दिया कि जो जहां हैं, वहीं हिंदू समाज को एकजुट करें।
हिंदू समाज के खिलाफ चल रही साजिशों का पर्दाफाश करें। महाराष्ट्र व हरियाणा के चुनाव नतीजों की तरफ इशारा करते हुए कहा कि देश में बड़े परिवर्तन का दौर लगातार जारी है। देश की जनता राष्ट्रवादी शक्तियों का साथ देने को तत्पर है। हमें इस अवसर का लाभ उठाना चाहिए।
केंद्र सरकार को वक्त दें
जानकारी के मुताबिक, सरसंघचालक ने कहा कि केंद्र सरकार से अपेक्षाएं तो ठीक हैं लेकिन उसे थोड़ा सा वक्त भी देना चाहिए। माना जा रहा है कि सरसंघचालक ने यह बात बैठक के दौरान स्वदेशी जागरण मंच और भारतीय किसान संघ जैसे संगठनों की तरफ से केंद्र की नीतियों पर रोष जताने के मद्देनजर कही गई है।
सरसंघचालक ने पाकिस्तान की तरफ से हो रही गोलाबारी की निंदा की। साथ ही केंद्र सरकार की पीठ भी थपथपाई। कहा- परिवर्तन का असर दिख रहा है। चीन से घुसपैठ हो या पाकिस्तान की तरफ से आतंक फैलाने की कोशिश, अभी तक सरकार ने ठीक ही जवाब दिया है।
नहीं होने दिया जाएगा मुस्लिम तुष्टीकरण
बैठक में कुछ प्रमुख प्रतिनिधियों ने संघ परिवार की शक्ति व संगठन के विस्तार के लिए मुस्लिम विरोधी छवि तोड़ने की जरूरत बताई।
वहीं, कुछ प्रतिनिधियों ने कहा कि यह संदेश तो दिया जाए कि संघ मुसलमानों का विरोधी नहीं है, पर यह सावधानी भी बरती जाए कि लोगों में यह संदेश न चला जाए कि संघ परिवार भी तुष्टीकरण की राह पर जा रहा है।
मुसलमानों को अन्य नागरिकों की तरह बराबरी का अधिकार देने में कोई बुराई नहीं है, पर विशेष अधिकार नहीं दिए जा सकते।
मुसलमानों के बीच संघ परिवार को लेकर व्याप्त भ्रम को दूर करने के साथ यह संदेश देना भी जरूरी है कि हम लोग देश के सभी नागरिकों से बराबरी का व्यवहार होने के पक्षधर हैं, पर मुसलमानों से भी राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल होने और हिंदुओं की परंपराओं व संस्कृति का सम्मान करने की अपेक्षा करते हैं।