गंगा के सहारे अपने भी उद्धार में जुटेगा संघ परिवार
आयोजन तो गंगा महासभा का है, पर पर्दे के पीछे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने भी आयोजन की सफलता के लिए पूरी ताकत लगा दी है। गंगा समझौता शताब्दी समारोह के नाम से 5 नवंबर को सीएम एंग्लो बंगाली इंटर कॉलेज, भेलूपुर वाराणसी में गंगा के सरोकारों पर बड़े जमावड़े की तैयारी है।
इसमें अलग-अलग क्षेत्रों के कई दिग्गज होंगे तो पर्यावरणविद्, समाजसेवी, वैज्ञानिक, जल प्रदूषण विशेषज्ञ और नदियों की सुरक्षा, संरक्षण व संवर्धन पर काम करने वाले संगठनों के प्रतिनिधि भी।
जिस तरह की तैयारी दिख रही है, उससे साफ लगता है कि गंगा के सहारे संघ परिवार कहीं न कहीं अपने पूर्ण उद्धार का सपना भी पूरा होता देख रहा है।
भगवा टोली के रणनीतिकार चाहते हैं कि राम की आस्था का सहारा लेकर जिस तरह हर क्षेत्र में ताकत बढ़ाई गई है, ठीक उसी राह पर गंगा के प्रति लोगों की आस्था की मदद से इस ताकत में और इजाफा किया जाए।
यह है संघ की योजना
गंगा किनारे न सिर्फ कई महानगर हैं बल्कि अति पिछड़ी जातियों की भी काफी आबादी है। तमाम कोशिशों के बावजूद भगवा टोली इनके बीच उतनी पकड़ व पैठ स्थायी रूप से नहीं बन पाई है।
रणनीतिकारों का मानना है कि गंगा की अविरलता और निर्मलता के काम में जुटकर इन लोगों के साथ भी सतत संवाद व संपर्क कायम किया जा सकता है।
इस मिशन में गंगा के किनारे रहने वाले लोगों के विकास, उनकी बस्तियों में साफ-सफाई की स्थायी व्यवस्था तथा उनके लिए वैकल्पिक रोजगार के इंतजाम का भी काम शामिल हैं। संघ परिवार का मानना है कि इन कामों के सहारे लोगों को जोड़ने में काफी सुविधा रहेगी।