युवाओं को जोड़ने के लिए अहम बदलाव करेगा संघ
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ काम के विस्तार से जहां उत्साहित है, वही संगठन से जुड़ने वाले लोगों को रोकने के लिए चिंतित भी। केंद्रीय कार्यकारी मंडल की शुक्रवार से यहां शुरू हो रही तीन दिवसीय बैठक में कोर कमेटी की स्वीकृति वाले विषयों के साथ यह मुद्दा भी चिंतन में शामिल रहेगा।
केंद्रीय कार्यकारी मंडल के विचारार्थ संभावित विषयों पर संघ के शीर्ष नेतृत्व ने विभिन्न विषयों पर अलग-अलग फोरम के साथ चर्चा के क्रम में गुरुवार को यहां क्षेत्र प्रचारकों से विचार-विमर्श किया।
इस दौरान उत्तर भारत सहित पश्चिम व दक्षिण के राज्यों में नियुक्त प्रचारकों ने लोगों में संघ से जुड़ने की बढ़ती ललक पर जहां संतोष जताया, वहीं इस बात पर चिंता भी झलकी कि काम बढ़ने के बावजूद प्रभाव नहीं बढ़ पा रहा है।
असम, मणिपुर सहित पूर्वोत्तर क्षेत्रों में संघ के कार्य विस्तार की फिक्र भी दिखी। यह भी कहा गया कि संघ की शाखाओं की संख्या बढ़ती जा रही है, पर इनमें नियमित आने वालों की संख्या नहीं बढ़ रही है। कुछ ने यह भी कहा कि युवाओं की दिनचर्या और उनके रहन-सहन के मद्देनजर कुछ संशोधन समय की मांग है, ताकि शाखाओं सहित अन्य गतिविधियों में प्रभावी भागीदारी दिखे।
ताकि जुड़े रहें लोग
संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख डॉ. मनमोहन वैद्य ने कहा भी कि संघ से जुड़ने के लिए रोजाना तमाम लोग इंटरनेट के जरिये इच्छा जता रहे हैं, जुड़ भी रहे हैं। ऐसे लोगों को संघ के बारे में बताने व समझाने के लिए प्रशिक्षण शिविरों का स्वरूप बदला गया है।
एक से डेढ़ दिन के इस कार्यक्रम का नाम ‘संघ का परिचय वर्ग’ दिया गया है। उन्होंने बताया कि तीन दिन की केंद्रीय कार्यकारी मंडल की बैठक में संघ से जुड़ने वालों को संगठन की कार्यसंस्कृति के बारे में कम से कम समय में समझा देने के उपायों पर भी विचार-विमर्श होगा।