सिर्फ भाजपा के लिए ही नहीं इसलिए भी चिंतित है संघ
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ देश में हुए सत्ता परिवर्तन से जहां उत्साहित है, वहीं आंतरिक सुरक्षा से चिंतित भी है। उसका मानना है कि सिर्फ सत्ता व राजनीति के सहारे इन चुनौतियों से पार नहीं पाया जा सकता।
समाज में पकड़ व पहुंच बनाकर और लोगों को जागरूक करके ही इन चुनौतियों से पार पाया जा सकता है। संघ की यहां शुक्रवार से शुरू हुई केंद्रीय कार्यकारी मंडल की तीन दिन की बैठक के प्रारंभिक सत्र में सरकार्यवाह सुरेश जोशी भैयाजी की तरफ से बैठक की प्रस्तावना रखी गई।
सूत्रों ने जो कुछ बताया, उससे पता चलता है कि संघ देश में हुए सत्ता परिवर्तन को लोगों के बीच पकड़ व पहुंच बढ़ाने और लोगों में भरोसा बढ़ाने का बढिया जरिया मान रहा है, पर वह केंद्र सरकार से बढ़ रही अपेक्षाओं से भी चिंतित है।
वह चाहता है कि अपेक्षाएं इतनी न बढ़ जाएं कि लोगों को सरकार नकारा लगने लगे। इसीलिए प्रस्तावना में कहा गया कि सिर्फ सत्ता व राजनीति के सहारे रहना ठीक नहीं है।
ये दी नसीहत
जानकारी के मुताबिक, बैठक में विभिन्न संगठनों ने कामकाज का ब्यौरा रखा। जोशी ने भाजपा की पीठ थपथपाई लेकिन यह भी जोड़ा कि काम अभी पूरा नहीं हुआ है। कई संगठनों को पकड़ व पहुंच बढ़ाने की नसीहत भी मिली। सरकार्यवाह ने सचेत किया कि असम सहित कई राज्यों में घुसपैठ से जनसंख्या असंतुलन बढ़ रहा है।
इससे देश की सुरक्षा को खतरा है, पर संबंधित राज्यों की सरकारों ने वोट जुटाने की लालसा के चलते इस खतरे की ओर से आंखें मूंद ली हैं। इन स्थानों पर समाज के लोगों को इस खतरे से अवगत कराकर ही स्थितियों को ठीक करना होगा।
केरल-तमिलनाडु में जेहादी गतिविधियां बड़ा खतरा
केरल व तमिलनाडु जैसे राज्यों में जेहादी गतिविधियां बढ़ी हैं। आईएसआईएस के रूप में आतंकवाद के नए अवतार के चलते जेहादी गतिविधियां बड़ा खतरा बन गई हैं। इससे निपटने के लिए भी समाज को जागरूक करना होगा। सरकार्यवाह जोशी की प्रस्तावना के बाद यह साफ हो गया है कि केंद्रीय कार्यकारी मंडल की बैठक में ये सारे मुद्दे चर्चा में रहेंगे।