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अयोध्या: इस बार 6 दिसंबर को शौर्य और विजय दिवस नहीं, निर्णय के बाद भी सावधानी दिखा रहा संघ

Thu, 28 Nov 2019 02:09 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Thu, 28 Nov 2019 02:09 PM IST
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RSS and VHP will not celebrate victory day on six december.
संघ प्रमुख मोहन भागवत - फोटो : PTI

अयोध्या मुद्दे पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और उससे जुड़े संगठन खासतौर से विश्व हिंदू परिषद अब भी काफी सावधानी से आगे बढ़ना चाहते हैं। संघ व विहिप का प्रयास है कि सर्वोच्च न्यायालय के फैसले से पहले और बाद में जिस तरह माहौल तनावमुक्त, सद्भाव और सौहार्द्रपूर्ण रहा है वैसा ही बने रहना चाहिए।

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कुछ भी ऐसा न होने पाए, जिससे कोई नया विवाद खड़ा हो और उसमें उसे अकारण उलझना पड़े तथा श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण की प्रक्रिया फिर खटाई में पड़े। इसीलिए सावधानी बरतते हुए विश्व हिंदू परिषद ने इस बार 6 दिसंबर को शौर्य व विजय दिवस जैसे आयोजनों को न करने का फैसला किया है। साथ ही तय किया है कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की तरफ से दायर होने वाली पुनर्विचार याचिका पर भी केवल अधिकृत व्यक्ति ही कुछ बोलेंगे।
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सूत्र बताते हैं कि सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद कुछ लोगों को छोड़कर मुस्लिम समाज के ज्यादातर लोगों ने जिस तरह उसे स्वीकार करने की घोषणा की। साथ ही इस मुद्दे पर अब विराम लगाने की मांग उठाई उसने विहिप व संघ को श्रीराम मंदिर निर्माण के प्रति काफी आश्वस्त और उत्साहित किया है। वह चाहता है कि कुछ भी ऐसा न होने पाए, जिससे मुस्लिम समाज के उन लोगों के दिल व दिमाग में अस्तित्व और अहम का सवाल जन्म ले जो अभी तक सकारात्मक रुख दिखा रहे हैं तथा मंदिर निर्माण के पक्ष में बोल रहे हैं।

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निर्णय आने पर मोहन भागवत ने कहा था कि काशी व मथुरा उनके एजेंडे में नहीं

दोनों संगठनों का पूरा ध्यान अब इस बात पर है कि कुछ भी ऐसा न होने पाए जिससे मुस्लिम समाज के दिल में कोई आशंका न जन्म ले। इसीलिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय आने के तुरंत बात यह साफ कर दिया कि काशी और मथुरा का मुद्दा उनके एजेंडे में नहीं है।

विहिप के मीडिया प्रभारी शरद शर्मा कहते हैं कि सर्वोच्च न्यायालय का फैसला आने के बाद अब शौर्य व विजय दिवस मनाने का कोई औचित्य नहीं है। न्यायालय के फैसले से अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो गया है। अब मंदिर निर्माण की प्रक्रिया शुरू होनी है जिसकी हम सभी को धैर्य के साथ प्रतीक्षा करनी है। हिंदू समाज की एक इच्छा पूरी हुई अब भव्य राम मंदिर निर्माण की भी पूरी होगी।

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