फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   RRDA have more rights

चुनाव बाद आरआरडीए के बढ़ेंगे अधिकार

Tue, 11 Mar 2014 02:03 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/ अमर उजाला, लखनऊ Updated Tue, 11 Mar 2014 02:03 PM IST
विज्ञापन
RRDA have more rights

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कामों को बेहतर तरीके से कराने के लिए

विज्ञापन
उत्तर प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण (यूपीआरआरडीए) के सीईओ के अधिकार बढ़ाए जाएंगे।

इस योजना को लोक निर्माण विभाग और ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के माध्यम से लागू किया जा रहा है लेकिन दोनों ही विभागों के इंजीनियरों की ढिलाई पर अंकुश लगाने के लिए यूपीआरआरडीए को कोई अधिकार नहीं दिया गया है।


गौरतलब है कि पीडब्ल्यूडी में पीएमजीएसवाई की अलग विंग ही है। इसमें सर्किल स्तर से लेकर मुख्यालय तक एक्सईएन, एसई और चीफ इंजीनियर तैनात किए जाते हैं।

ज्यादातर जिलों में बजट जारी होने के बावजूद कार्य की प्रगति बेहद धीमी है। इनमें लक्ष्य का बीस फीसदी काम भी अभी तक नहीं हुआ है जबकि चालू वित्तीय वर्ष खत्म होने को है।


मुख्य सचिव की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई समीक्षा बैठक में यूपीआरआरडीए के अफसरों ने अपनी समस्याएं रखी।

उन्होंने कहा कि काम नहीं करने वाले इंजीनियरों के खिलाफ कार्रवाई करने का उनके पास कोई अधिकार नहीं है। वहीं अभिकरण की भूमिका महज बजट देने तक ही सीमित रह गई है।


इस पर बैठक में तय हुआ कि दोनों कार्यदायी संस्थाओं के पीएमजीएसवाई सेल में काम करने वाले इंजीनियरों की चरित्र पंजिका पर कलम चलाने का अधिकार यूपीआरआरडीए के सीईओ को दिया जाएगा।

लेकिन आचार संहिता की वजह से अभी यह व्यवस्था लागू नहीं हो सकती। चुनाव बाद इस पर अमल होगा।

बैठक में यूपीआरआरडीए के सीईओ अनुज कुमार झा और पीडब्ल्यूडी के प्रमुख अभियंता (ग्रामीण सड़क) एके गुप्ता भी मौजूद थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed