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डॉक्टर नहीं रोबोट करेगा आपके शरीर की सर्जरी

Wed, 15 Apr 2015 03:47 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला,लखनऊ Updated Wed, 15 Apr 2015 03:47 PM IST
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Robotic surgery started in sgpgi hospital

संजय गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान में मरीजों का ऑपरेशन अब रोबोट से होगा। संस्थान ने रोबोटिक सर्जरी शुरू कराने के लिए मशीन खरीदने का प्रस्ताव सरकार और एक बड़े कॉरपोरेट हाउस को भेजा है। अब उम्मीद जताई जा रही है कि रोबोटिक सर्जरी मशीन मिलने के बाद संस्थान में भर्ती होने वाले मरीजों का ऑपरेशन रोबोट की मदद से होगा।

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अभी तक प्रदेश के किसी मेडिकल कॉलेज या संस्थान में इस तरह की सुविधा नहीं है। संजय गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान में जल्द ही मरीजों का ऑपरेशन रोबोट से होगा। पीजीआई प्रशासन ने खुद को इस हाईटेक व्यवस्था से लैस करने के लिए प्रदेश सरकार और एक बड़े कॉरपोरेट हाउस से मशीन की मांग के लिए प्रस्ताव भेजा है।
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मशीन मिलने के बाद एसजीपीजीआई के चार विभाग इंडोक्राइन, गैस्ट्रोलॉजी, यूरोलॉजी और कार्डियोलॉजी में मरीजों की रोबोटिक सर्जरी होगी। फिलहाल पूरे प्रदेश में अभी तक कहीं भी रोबोटिक सर्जरी की सुविधा नहीं है। पीजीआई के एक अधिकारी बताते हैं कि रोबोटिक सर्जरी सबसे लेटेस्ट टेक्नोलॉजी है। रोबोटिक मशीन की कीमत करीब 27 करोड़ रुपये है।
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रोबोट को कंसोल से ऑपरेट किया जाता है। ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर मरीज के भीतरी हिस्से को स्क्रीन पर देखते रहता है और कंसोल की मदद से उस हिस्से को काटकर अलग करता है जिसकी वजह से मरीज को परेशानी होती है।हाई क्वालिटी का कैमरा होने की वजह से मरीज के भीतरी हिस्से को बेहतर तरीके से देखा जा सकता है।

जानिए, कैसे होती है रोबोटिक सर्जरी

Robotic surgery started in sgpgi hospital

रोबोट की मदद से सर्जरी मेडिकल की दुनिया में सबसे लेटेस्ट टेक्नोलॉजी है। विशेषज्ञ बताते हैं कि रोबोट में पांच पोर्ट होते हैं। सर्जरी के लिए मरीज के उस हिस्से में होल किया जाता है। इसके बाद इसकी मदद से एक पोर्ट से कैमरा डाला जाता है।

दो पोर्ट उस हिस्से तक पहुंचते हैं जिस हिस्से को सर्जरी की मदद से हटाना होता है। दो पोर्ट को मैनुअली कंसोल से डॉक्टर या पैरामेडिकल स्टाफ ऑपरेट करता है। रोबोट हाई क्वालिटी थ्री डी पिक्चर देता है जिससे उस हिस्से को बारीकी से देखा जाता है।
रोबोट का मैग्निफिकेशन भी बहुत स्पष्ट होता है और शरीर के भीतर के हिस्से को लेंस की मदद से तीन गुना अधिक बढ़ाकर देखा जा सकता है।

रोबोटिक सर्जरी की सबसे खास बात ये है कि इसमें पोर्ट को 360 डिग्री पर आसानी से घुमाया जा सकता है और उस हिस्से तक आसानी से पहुंचा जा सकता है जहां लैप्रोस्कोप या ओपेन सर्जरी में पहुंचने में दिक्कत होती है।

लखनऊ में मिलेगी दिल्ली से सस्ती रोबोटिक सर्जरी

Robotic surgery started in sgpgi hospital

फिलहाल रोबोटिक सर्जरी की सुविधा दिल्ली के एम्स और गुड़गांव समेत कई अन्य प्राइवेट सेक्टर के बड़े अस्पतालों में है। जहां सर्जरी के लिए कम से कम चार से आठ लाख रुपये खर्च करना पड़ता है। पीजीआई में रोबोटिक सर्जरी के लिए मरीजों को सिर्फ एक से डेढ़ लाख रुपये खर्च करना पड़ेगा।

रोबोटिक सर्जरी में मरीज को ऑपरेट करने के लिए कोई बड़ा कट नहीं लगाना होता है। इस वजह से वह चार से पांच दिन के बाद आसानी से घर जा सकता है। कट न लगने की वजह से संक्रमण का खतरा नहीं रहता है। मरीज की रिकवरी भी फास्ट होती है। कार्डियोलॉजी, इंडोक्राइन, यूरोलॉजी और गैस्ट्रो के मरीजों का आमतौर पर बड़ा ऑपरेशन करना पड़ता है।

एसजीपीजीआई के निदेशक प्रो. राकेश कपूर ने बताया कि एसजीपीजीआई में रोबोटिक सर्जरी को शुरू कराने के लिए सरकार और एक कॉरपोरेट हाउस को पत्र लिखा गया है। रोबोट मशीन मिलने के बाद संस्थान में मरीजों का ऑपरेशन रोबोट की मदद से किया जाएगा। रोबोटिक सर्जरी लेटेस्ट टेक्नोलॉजी है और संस्थान पहुंचने वाले मरीजों को इसका लाभ मिले इसकी पूरी कोशिश की जा रही है।

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