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Lucknow News: आयुष्मान योजना से भी मिले रोबोटिक सर्जरी का लाभ
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लखनऊ। कैंसर और यूरोलाॅजी समेत कई प्रकार की सर्जरी में रोबोटिक सर्जरी ज्यादा प्रभावी और सटीक है, इसके बावजूद अभी तक इसे आयुष्मान योजना में शामिल नहीं किया गया है। अब डाॅ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान प्रशासन ने इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेजा है।
लोहिया संस्थान में इसी साल से रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत हुई है। सामान्य सर्जरी के मुकाबले यह महंगी है। संस्थान में इसकी फीस 80 हजार से 1.25 लाख रुपये तक है। यहां रोबोट के माध्यम से साै से ज्यादा सर्जरी की जा चुकी हैं। शुरुआती सर्जरी निशुल्क होने से कोई समस्या नहीं हुई, लेकिन सभी मरीज इस फीस का खर्च वहन करने की स्थिति में नहीं हैं।
संस्थान के प्रवक्ता प्रो. भुवन चंद्र तिवारी ने बताया कि मरीजों के लाभ को देखते हुए लोहिया प्रशासन ने आयुष्मान योजना में रोबोटिक सर्जरी को शामिल करने के लिए पत्र भेजा है। ऐसा होने से गरीब और जरूरतमंदों को लाभ मिलने लगेगा।
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केजीएमयू में भी शुरू हुई है रोबोटिक सर्जरी
पीजीआई और लोहिया संस्थान की तरह केजीएमयू में भी रोबोटिक सर्जरी शुरू हो चुकी है। केजीएमयू में इसकी फीस 58 हजार से लेकर 1.10 लाख रुपये तक निर्धारित है। वहीं, पीजीआई जैसे संस्थान में शुरुआती फीस 1.66 लाख रुपये है। सर्जरी की प्रकृति के हिसाब से इसमें इजाफा होता है।
क्यों उपयोगी है रोबोटिक सर्जरी
रोबोटिक सर्जरी का सबसे बड़ा फायदा ऑपरेशन की सटीकता है। रोबोटिक सर्जरी में चीरा लगने के बाद मरीज के भीतरी अंगों की थ्रीडी इमेज बनती है। इससे डॉक्टर को भीतरी अंग स्पष्ट दिखाई देते हैं। इसी तरह चीरे की लंबाई और गहराई का सटीक अंदाजा लगाया जा सकता है। इससे चीरे का आकार छोटा होता है और खून भी कम बहता है। इसके चलते उसे जल्द ही छुट्टी मिल जाती है।
रोबोट के माध्यम से डॉक्टर करते हैं सर्जरी
रोबोटिक सर्जरी में भी सामान्य सर्जरी की तरह डाॅक्टर ही ऑपरेशन करते हैं, लेकिन इसमें रोबोट का एक हिस्सा मरीज के पास होता है और इसे नियंत्रित करने वाला हिस्सा बगल में डाॅक्टर के हाथों में होता है। डाॅक्टर रोबोट को नियंत्रित करते हुए मरीज की सर्जरी करते हैं।
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लोहिया संस्थान में इसी साल से रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत हुई है। सामान्य सर्जरी के मुकाबले यह महंगी है। संस्थान में इसकी फीस 80 हजार से 1.25 लाख रुपये तक है। यहां रोबोट के माध्यम से साै से ज्यादा सर्जरी की जा चुकी हैं। शुरुआती सर्जरी निशुल्क होने से कोई समस्या नहीं हुई, लेकिन सभी मरीज इस फीस का खर्च वहन करने की स्थिति में नहीं हैं।
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संस्थान के प्रवक्ता प्रो. भुवन चंद्र तिवारी ने बताया कि मरीजों के लाभ को देखते हुए लोहिया प्रशासन ने आयुष्मान योजना में रोबोटिक सर्जरी को शामिल करने के लिए पत्र भेजा है। ऐसा होने से गरीब और जरूरतमंदों को लाभ मिलने लगेगा।
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केजीएमयू में भी शुरू हुई है रोबोटिक सर्जरी
पीजीआई और लोहिया संस्थान की तरह केजीएमयू में भी रोबोटिक सर्जरी शुरू हो चुकी है। केजीएमयू में इसकी फीस 58 हजार से लेकर 1.10 लाख रुपये तक निर्धारित है। वहीं, पीजीआई जैसे संस्थान में शुरुआती फीस 1.66 लाख रुपये है। सर्जरी की प्रकृति के हिसाब से इसमें इजाफा होता है।
क्यों उपयोगी है रोबोटिक सर्जरी
रोबोटिक सर्जरी का सबसे बड़ा फायदा ऑपरेशन की सटीकता है। रोबोटिक सर्जरी में चीरा लगने के बाद मरीज के भीतरी अंगों की थ्रीडी इमेज बनती है। इससे डॉक्टर को भीतरी अंग स्पष्ट दिखाई देते हैं। इसी तरह चीरे की लंबाई और गहराई का सटीक अंदाजा लगाया जा सकता है। इससे चीरे का आकार छोटा होता है और खून भी कम बहता है। इसके चलते उसे जल्द ही छुट्टी मिल जाती है।
रोबोट के माध्यम से डॉक्टर करते हैं सर्जरी
रोबोटिक सर्जरी में भी सामान्य सर्जरी की तरह डाॅक्टर ही ऑपरेशन करते हैं, लेकिन इसमें रोबोट का एक हिस्सा मरीज के पास होता है और इसे नियंत्रित करने वाला हिस्सा बगल में डाॅक्टर के हाथों में होता है। डाॅक्टर रोबोट को नियंत्रित करते हुए मरीज की सर्जरी करते हैं।