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परिवहन विभाग इनकी करेगा गिरफ्तारी
नरेश शर्मा/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Mon, 07 Jul 2014 10:50 AM IST
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परिवहन विभाग ने ओवर लोडिंग करने वाले जिन ट्रांसपोर्टरों और ड्राइवरों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कराया है, उनकी गिरफ्तारी होगी।
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इसके लिए गृह विभाग व परिवहन विभाग ने मिलकर रणनीति बनाई है। गृह विभाग ने पुलिस कप्तानों से पूछा है कि ट्रांसपोर्टरों व ड्राइवरों पर अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
एक पखवारे के भीतर केस की दोबारा समीक्षा होने के बाद गिरफ्तारी का सिलसिला शुरू होने की उम्मीद है।
परिवहन विभाग ने ओवर लोडिंग के खिलाफ जिलाधिकारी की अनुमति से पीडीपीपी एक्ट के तहत मई में 1,100 और जून में 327 ट्रांसपोर्टरों व ड्राइवरों के खिलाफ नामजद एफआईआर कराया और ट्रक को सीज कर पुलिस के हवाले किया।
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लेकिन पुलिस ने एक भी ट्रांसपोर्टर और ड्राइवर को गिरफ्तार नहीं किया। मुख्य सचिव आलोक रंजन की अध्यक्षता में 4 जून को इन केसों की समीक्षा हुई।
इसके बाद गृह विभाग ने प्रदेश के तमाम पुलिस कप्तानों से ट्रांसपोर्टरों व ड्राइवरों के खिलाफ दर्ज केस का विवरण मांगा है।
इसमें उन्हें केस की कुल संख्या, ट्रांसपोर्टरों व ड्राइवरों की गिरफ्तारी व चार्जशीट देने और कोर्ट के आदेश पर कितने सीज ट्रक को छोड़ा गया संबंधी ब्यौरा देना होगा।
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परिवहन आयुक्त रजनीश गुप्ता ने बताया कि एआरटीओ की कमी के बावजूद ओवर लोडिंग को रोकने के लिए छापामारी अभियान जारी है।
लेकिन ट्रांसपोर्टरों और ड्राइवरों की गिरफ्तारी न होने के कारण ओवर लोडिंग पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।