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देवरिया में सड़कों का गड्ढे भरने में करोड़ों का घपला, कई जेई पर गाज गिरना तय
Sat, 13 Jul 2019 10:14 PM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: Amulya Rastogi
Updated Sat, 13 Jul 2019 10:14 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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लोकसभा चुनाव की आड़ में पीडब्ल्यूडी में सड़कों का गड्ढा भरने में करोड़ों रुपये का घोटाला किया गया है। देवरिया के प्रांतीय खंड में यह मामला सामने आने के बाद अन्य जिलों में भी इसी तरह की गड़बड़ियों की आशंका जताई जा रही है। इस मामले में मुख्यालय ने विस्तृत रिपोर्ट तलब की है और आरोपी इंजीनियरों को बड़ा दंड देने की तैयारी चल रही है।
बस्ती में कागजों में ही 300 से ज्यादा सड़कें बनाने की जांच अभी पूरी भी नहीं हुई थी कि देवरिया में सड़कों का गड्ढे भरने में घपले का मामला सामने आया है। खास बात यह है कि दोनों ही जिलों में पीडब्ल्यूडी के प्रांतीय खंड में ही यह गड़बड़ की गई।
देवरिया में लोकसभा चुनाव के दौरान जनवरी से मार्च के बीच इंजीनियरों ने इस घपले को अंजाम दिया। मनमानी का अंदाजा इससे लगा सकते हैं कि प्रांतीय खंड के एक्सईएन ने एक ठेकेदार को सारे नियम-कानून ताक पर रखकर गड्ढा भरने के लिए एक 1.10 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया। जबकि, नियमानुसार, एक लाख रुपये से ज्यादा के काम टेंडर के माध्यम से ही कराए जा सकते हैं।
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कुछ ग्रामीण मार्गों के गड्ढे भरने में मनमाने ढंग से 45 लाख रुपये का भुगतान दिखा दिया। इसके लिए सक्षम स्तर से अनुमति लेना भी मुनासिब नहीं समझा गया। इसी तरह की गड़बड़ी रुद्रपुर-कपरवार प्रमुख जिला मार्ग के गड्ढे भरने के नाम पर भी की गई।
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बस्ती में कागजों में ही 300 से ज्यादा सड़कें बनाने की जांच अभी पूरी भी नहीं हुई थी कि देवरिया में सड़कों का गड्ढे भरने में घपले का मामला सामने आया है। खास बात यह है कि दोनों ही जिलों में पीडब्ल्यूडी के प्रांतीय खंड में ही यह गड़बड़ की गई।
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देवरिया में लोकसभा चुनाव के दौरान जनवरी से मार्च के बीच इंजीनियरों ने इस घपले को अंजाम दिया। मनमानी का अंदाजा इससे लगा सकते हैं कि प्रांतीय खंड के एक्सईएन ने एक ठेकेदार को सारे नियम-कानून ताक पर रखकर गड्ढा भरने के लिए एक 1.10 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया। जबकि, नियमानुसार, एक लाख रुपये से ज्यादा के काम टेंडर के माध्यम से ही कराए जा सकते हैं।
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कुछ ग्रामीण मार्गों के गड्ढे भरने में मनमाने ढंग से 45 लाख रुपये का भुगतान दिखा दिया। इसके लिए सक्षम स्तर से अनुमति लेना भी मुनासिब नहीं समझा गया। इसी तरह की गड़बड़ी रुद्रपुर-कपरवार प्रमुख जिला मार्ग के गड्ढे भरने के नाम पर भी की गई।
पीडब्ल्यूडी मुख्यालय ने मंडलीय अधिकारियों से इसकी जांच कराई तो भुगतान में गड़बड़ियां बताई गईं। इतना ही नहीं संबंधित अभियंताओं के खिलाफ उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली-1999 के नियम-7 के तहत अनुशासनिक जांच करने की सिफारिश की गई है।
यहां बता दें कि नियम-7 के अतर्गत जांच में दोषी आरोपी-कर्मचारी की बर्खास्तगी का भी प्रावधान है। मुख्यालय के एक अधिकारी ने नाम न छापने के अनुरोध के साथ बताया कि कई जिलों से इस तरह की शिकायतें मिल रही हैं। मामला उच्चस्तर पर पहुंच चुका है, जहां से प्राथमिक जानकारी जुटाने के बाद अग्रिम कार्यवाही करने के लिए कहा गया है।
यह मामला हमारी जानकारी में आया है। मामले से संबंधित तीन सहायक अभियंताओं को अन्यत्र स्थानांतरित कर दिया गया है। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
-वीके सिंह, विभागाध्यक्ष, पीडब्ल्यूडी
यहां बता दें कि नियम-7 के अतर्गत जांच में दोषी आरोपी-कर्मचारी की बर्खास्तगी का भी प्रावधान है। मुख्यालय के एक अधिकारी ने नाम न छापने के अनुरोध के साथ बताया कि कई जिलों से इस तरह की शिकायतें मिल रही हैं। मामला उच्चस्तर पर पहुंच चुका है, जहां से प्राथमिक जानकारी जुटाने के बाद अग्रिम कार्यवाही करने के लिए कहा गया है।
यह मामला हमारी जानकारी में आया है। मामले से संबंधित तीन सहायक अभियंताओं को अन्यत्र स्थानांतरित कर दिया गया है। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
-वीके सिंह, विभागाध्यक्ष, पीडब्ल्यूडी