आफत बनी बारिश: यूपी में नदियां उफान पर, कई जिलों में बाढ़ का खतरा, एसडीआरएफ तैनात करने के निर्देश
यूपी में हो रही भारी बारिश अब आफत बनती जा रही है। कई जिलों में नदियां उफान पर हैं। बाढ़ के खतरे को देखते हुए एसडीआरएफ तैनात करने के निर्देश दे दिए गए हैं।
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पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश के चलते प्रदेश में गंगा, यमुना व सरयू समेत सभी नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा है । इससे कई जिलों में बाढ़ की स्थिति बनने लगी है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक प्रदेश के 50 से अधिक जिलों में भारी बारिश होने और कई जिलों में बज्रपात होने की चेतावनी जारी की है। पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश में 9.7 मिली मीटर वर्षा दर्ज की गई है।
इसे देखते हुए प्रदेश सरकार ने भी सरकारी मशीनरी को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी शनिवार को भी लगातार दूसरे दिन भी हालात का जायजा लेने को जिलों के दौरे पर थे। उन्होंने बाढ़ प्रभावितों को राहत पहुंचाने के लिए सारी व्यवस्था चाक-चौबंद रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए तटबंधों और बैराजों की सुरक्षा पर विशेष नजर रखने को कहा गया है।
केन्द्रीय जल आयोग की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक गंगा और यमुना का जल स्तर भी अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बना हुआ है। इसके अलावा सरयू, रामगंगा आदि नदियों में भी नदियों का पानी बढ़ाव पर है। यूपी में हो रही लगातार बारिश से बढ़ रहे बाढ़ के खतरे को देखते हुए सरकार ने एसडीआरएफ की टीम को बाढ़ प्रभावित जिलों में तैनात करने के आदेश दिए गए हैं। प्रदेश में गंगा और यमुना दोनों ही नदियां उफान हैं। इन दोनों नदियों से संबंधित जिलों में एसडीआरएफ और राहत टीम को तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।
रौद्र रूप दिखा रही हैं नदियां
गंगा और यमुना के साथ सरयू भी कई जिलों में अपना रौद्र रूप दिखा रही है तो उधर राप्ती का वेग भी अब प्रभावित करने लगा है। बरसाती नदियां अलग से बाढ़ का रूप ले रही हैं। आने वाले दिनों में भी इसी तरह के हालात रहने वाले हैं। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक अभी अगले तीन दिनों तक प्रदेश के आधे से अधिक जिलों में भारी बारिश के साथ बिजली गिरने की संभावना है । अब तक प्रदेश के 32 जिलों में 12 प्रतिशत से अधिक वर्षा हुई है। जबकि 20 जिलों में 80 से 120 प्रतिशत तक बारिश हो चुकी है ।
नदियों का स्तर बढ़ने से कई जिलों में बाढ़ का खतरा बरकरार है। बदायूं में गंगा का जल स्तर उच्च स्तर पर है। बाराबंकी और फर्रुखाबाद में सरयू सामान्य से काफी ऊपर बह रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने और राहत व बचाव कार्यों की जानकारी के लिए खुद मैदान में उतरे हुए हैं। सहानपुर में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण करने के बाद अब वह पूर्वांचल के दौरे पर निकले हैं। शनिवार को उन्होंने गोंडा क्षेत्र में बाढ़ का जायजा लिया।
इधर, शाहजहांपुर और हापुड़ जिले में गंगा तथा बरेली और मुरादाबाद में रामगंगा सामान्य से काफी ऊपर बह रही हैं। अयोध्या में भी सरयू का जल स्तर सामान्य से ऊपर है। बलरामपुर में राप्ती का जल स्तर लगातार बढ़ रहा है जिससे स्थिति विकट होती जा रही है। बहराइच में राप्ती भयावह रूप धारण करती जा रही है। उधर मथुरा में यमुना का जल स्तर भी बढ़ रहा है। उधर दिल्ली में यमुना का स्तर उच्च होने के कारण एनसीआर के यमुना तट के जिलों में भी स्थिति खराब बनी हुई है।अगले कई दिनों तक बारिश की आशंका के कारण खतरा अभी बना हुआ है। गंगा कचला ब्रिज (बदायूँ), यमुना मावी मुजफ्फरनगर में खतरे के जलस्तर से उपर बह रही है ।
इन जिलों में भारी बारिश व बज्रपात की चेतावनी