लखनऊः कोरोना के बीच डेंगू-मलेरिया का भी खतरा, 78 जगह मिला लार्वा
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बारिश के मौसम में अब कोरोना के साथ डेंगू और मलेरिया का भी खतरा बढ़ गया है। विभाग के सर्वे में 78 स्थानों पर लार्वा मिले हैं। ऐसे में लोगों को विशेष सावधानी बरतनी होगी। चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि पानी किसी भी कीमत पर इकट्ठा न होने दें। खासतौर से ट्रांसगोमती के लिए ज्यादा सचेत रहने की जरूरत है। क्योंकि जुलाई व अगस्त में इस क्षेत्र में हर साल डेंगू और मलेरिया के मरीज मिलते रहे हैं।
लखनऊ में कोरोना के अब तक 4500 से अधिक मरीज मिल चुके हैं। ज्यादातर अस्पतालों में बेड फुल हैं। ऐसे में बारिश होने के बाद डेंगू और मलेरिया के लार्वा भी मिलने लगे हैं। मलेरिया विभाग की टीम को 87 घरों के कूलर, बर्तन और गमलों में डेंगू-मलेरिया के लार्वा मिले हैं। इन्हें नोटिस जारी किया है।
दोबारा लार्वा मिलने पर जुर्माना लगाया जाएगा। तीसरी बार लार्वा मिलने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ एफ आईआर भी दर्ज कराई जाती है। पिछले साल केजीएमयू के विभिन्न विभागों में दो बार लार्वा मिला था। ऐसे में केजीएमयू को करीब ढाई हजार रुपया जुर्माना चुकाना पड़ा था। इसी तरह अन्य चिकित्सा एवं सरकारी संस्थानों में भी लार्वा मिला था।
विभाग ने शुरू की पड़ताल
इसके अलावा गोमती नगर में अलग से टीमें लगाई गई हैं। यह टीम विभिन्न अपार्टमेंट्स में जाकर रखे गए गमलों की सफाई कराएंगी। ग्राउंड फ्लोर पर कार पार्किंग वाले स्थलों में जहां भी जलभराव नजर आएगा उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
यहां आठ लोगों को नोटिस
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बुधवार को डालीगंज के मनकामेश्वर मंदिर वार्ड, बरौलिया, राजीवगांधी नगर व कुतुबपुर में अभियान चलाया। सुपरवाइजर शैलेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि उनकी टीम ने 8 स्थानों पर कूलर में लार्वा पाए हैं।। इन सभी को नोटिस जारी कर चेतावनी दी गई है।
ये है बचाव का तरीका
- मच्छर जनित बीमारियों से बचने के लिए कूलर का पानी हर तीसरे दिन बदलते रहें।
- घर में रखे गए गमलों की दो से 3 दिन में सफाई करें।
- चिड़िया के बर्तन को विशेष तौर पर दूसरे दिन साफ कर दें।
- घर के बेसमेंट में रखे गए टायर या अन्य कबाड़ की सफाई करा दें।
- जिस स्थानों पर जलभराव हो रहा है वहां पानी निकासी की व्यवस्था करें अन्यथा केरोसिन डाल दें।
खुद को ऐसे बचाएं मच्छर से
- मच्छरदानी का इस्तेमाल करें।
- सोते समय फुल कपड़े पहने।
- साफ -सफाई का विशेष ध्यान रखें।
- घर के आस-पास जलभराव न होने दें।
- तेज कंपन संग बुखार आए तो चिकित्सक को दिखाएं।
सरकारी अस्पतालों में होगी मुफ्त जांच
राजधानी के सरकारी अस्पतालों में डेंगू और मलेरिया की मुफ्त जांच होती है।। इसलिए सर्दी देकर तेज बुखार आए तो अस्पताल पहुंचकर जांच करा लें।
डेंगू वार्ड को व्यवस्थित करने में जुटा अस्पताल प्रशासन
राजधानी के विभिन्न अस्पतालों में बने डेंगू वार्ड को व्यवस्थित करने में टीमें जुट गई हैं। केजीएमयू के सीएमएस प्रोफेसर एसएन शंखवार ने बताया कि गांधी वार्ड में डेंगू के मरीजों के लिए अलग से वार्ड बना हुआ है। उसकी साज-सज्जा कर ली गई है। दस बेड डेंगू मरीजों के लिए अलॉट कर दिए गए हैं।
इसमें मच्छरदानी भी लगा दी गई है। हालांकि अभी तक अस्पताल में सिर्फ दो मरीज आए हैं। सिविल अस्पताल के निदेशक डॉ. डीएस नेगी ने बताया कि द्वितीय मंजिल पर डेंगू का अलग से वार्ड बना हुआ है। साफ सफाई करा दी गई है। इसी तरह लोहिया संस्थान में भी डेंगू वार्ड खोल दिया गया है।