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दंगे की 5 दास्तां: इनके न भरे घाव, न गया दर्द

Sun, 10 Nov 2013 01:24 PM IST
अतुल भारद्वाज/लखनऊ
अतुल भारद्वाज/लखनऊ Updated Sun, 10 Nov 2013 01:24 PM IST
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rihai manch peaceful protest in lucknow

मुजफ्फरनगर के रिहाई मंच की तरफ से लखनऊ में जनसुनवाई आयोजित की गई।

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इसमें बड़ी संख्या में शामिल होने के लिए दंगा पीड़ित मुजफ्फरनगर, शामली, बागपत, सहारनपुर और मेरठ जनपद से पहुंचे थे। बाद में प्रशासनिक अधिकारियों को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया।

रिहाई मंच के पदाधिकारियों का कहना है कि जनसुनवाई में प्रदर्शित करने के लिए एक सीडी बनाई गई थी।

सूत्रों के मुताबिक, प्रशासन द्वारा इस सीडी की सूचना मिलने पर धारा 144 लागू होने की बात कहकर जनसुनवाई को निरस्त कर दिया गया।

हर चेहरे पर दिख रहा था दंगे का दंश
शनिवार को जनसुनवाई के लिए जुटे मुजफ्फरनगर दंगे के पीड़ितों में सभी के चेहरे पर अपनों को खोने का दर्द था। किसी ने अपनी मां खोई तो किसी ने बेटा। घरों को दंगाइयों ने आग के हवाले कर दिया। इस आग में बेटी को ससुराल रुखसत करने के लिए रखा दहेज तक जल गया। दंगे के पीड़ितों ने यह दर्द खुद साझा किया।
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पढ़ें: दंगों के बाद 'रिहाई' पर नहीं हुई सुनवाई


बागपत से आए जमशेद ने बताया कि अभी भी दंगा का आतंक वहां बना है। लोग शिविरों में रह रहे हैं। कोई डर की वजह से वापस जाना नहीं चाहता।

बेबस का हाथ ही काट दिया
विरोध मार्च में शामिल सात साल का आमिर दंगाइयों के बारे में कुछ नहीं जानता। उसे पता तक नहीं कि अचानक यह सब क्यों हो गया। बागपत जिले के बमनौली गांव के रहने वाले आमिर का बांया हाथ गंड़ासा लगने से कट गया।
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पिता जाकिर हुसैन ने बताया कि पांच सितंबर की रात को करीब 20-25 लोगों ने एक साथ हमला बोल दिया। इसमें उनके तीन बेटे भी घायल हो गए।

पढ़ें- दंगों के बाद अब महापंचायत की महाचुनौती

ईख में घसीटकर किया कत्ल
मां के साथ खेत पर बागपत के दोगट निवासी इंतजार को दंगाइयों ने ईख के खेत में घसीटकर मार डाला। मां को लगा कि वह कहीं गया होगा। शाम को उसकी लाश ईख के खेत में मिली। भाई इदरीश ने बताया कि उसी ईख के खेत से उसने गांव के ही लोगों को भागते देखा था।

इनमें से एक को पहचानकर एफआईआर भी कराई गई। इसके बाद इदरीश के ही एक दोस्त को आरोपी बनाकर जेल भेज दिया गया।

पढ़ें- ‘हिम्मत है तो मुजफ्फरनगर आकर दिखाएं आजम’


13 लोगों की हुई हत्या

ग्राम लिसाढ़, मुजफ्फरनगर से आए रफीक और गुलशेर ने कहा कि गांव में 13 व्यक्तियों की हत्याएं हुई जिनमें केवल 2 की लाशें जनपद बड़ौत के गंगनहर में मिलीं। बाकी 11 लाशों का अब तक काई अता पता नहीं है। उन्होंने सवाल किया कि क्या ये दो लाशें खुद चलकर बड़ौत की गंग नहर में पहुंच गईं।

18 दिन तक बनाए रखा बंधक

बागपत के ग्राम रंछाड़ निवासी रहीसुद्दीन ने कहा कि उसके पुत्र आमिर की हत्या गांव के की गई और उससे 80 हजार रुपए भी वसूले गए। इतना ही नहीं, 18 दिन तक बंधक बनाकर रखा तथा रुपया अदा करने पर ही गांव से जाने दिया गया।

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