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कांग्रेस में बगावत, 50 लाख में टिकट बेचने का आरोप

Sun, 09 Mar 2014 03:29 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sun, 09 Mar 2014 03:29 PM IST
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rift in congress over ticket distribution

यूपी कांग्रेस में भी बड़ी बगावत हो गई है। पार्टी के महासचिव श्याम लाल पुजारी ने पार्टी के प्रदेश प्रभारी मधुसूदन मिस्त्री पर टिकट बेचने का आरोप लगा दिया है।

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टिकट वितरण के खिलाफ पार्टी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे पुजारी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी में पैसे लेकर टिकट बेचे गए हैं। पुजारी ने यहां तक कह डाला कि मिस्त्री ने 50 लाख रुपये में लोकसभा का टिकट बेचा है और वह पार्टी को हराने के लिए लगा हुआ है।
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उन्होंने कहा कि पार्टी में दशकों पुराने कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की कोई अहमियत नहीं रह गई है। पुजारी ने कहा कि ऐसे लोगों की अनदेखी करके पार्टी ने गलत किया है। हालांकि, इस विरोध का नतीजा यह हुआ है कि उन्हें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष निर्मल खत्री ने पार्टी से निष्कासित कर दिया है।
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फेल हो रहा राहुल का फॉर्मूला?

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हाल ही में कांग्रेस छोड़ने वाले डुमरियागंज के पूर्व सांसद जगदंबिका पाल ने भी कुछ ऐसा ही दर्द बयां किया था। उन्होंने भी पार्टी से इस्तीफा देते हुए कहा था कि पार्टी में अब उनकी कोई अहमियत नहीं रह गई है।

पाल ने यहां ‌तक कह दिया था कि अब कांग्रेस में किराएदार मकान मालिक बन गए हैं और जिन्होंने मेहनत से मकान खड़ा किया था, उन्हें किराएदार बना दिया गया है।

पुजारी ने भी ऐसे ही आरोप लगाए हैं। उन्होंने भी कहा कि कांग्रेस में दशकों पुराने पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की अनदेखी की गई है।

इससे यह भी संदेश जा रहा है‌ कि पार्टी में राहुल गांधी के फॉर्मूले को लेकर खासा असंतोष है। बेनी भी दबी जुबां में राहुल के टिकट वितरण फॉर्मूले पर उंगली उठा चुके हैं।

तोड़ दिए खुद के बनाए पैमाने

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कांग्रेस भले ही विपक्षी दलों पर निशाना साधने के लिए परिवारवाद और भाई-भतीजावाद की बात करती हो, लेकिन खुद राहुल को जिताने के लिए भी ऐसा ही नजारा पार्टी में देखने को मिला है।

कांग्रेस के पुराने नेता संजय सिंह ने जब भाजपा से बातचीत शुरू की, तो कांग्रेस ने झट-पट उन्हें असम से राज्यसभा सांसद बना दिया।

इतना ही नहीं, उनकी पत्नी अमिता सिंह को सुल्तानपुर से लोकसभा प्रत्याशी घोषित कर दिया है। इससे एक बात तो तय हो गई है कि कांग्रेस में भी वंशवाद के साथ-साथ परिवारवाद भी कम नहीं है।

नेहरू की सीट पर बैठेंगे कैफ

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भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की लोकसभा सीट रही इलाहाबाद की फूलपुर से अब भारतीय टीम के सलामी बल्लेबाज रहे मोहम्मद कैफ को पार्टी ने टिकट दिया है।

गौरतलब है कि नेहरू इस सीट से तीन बार सांसद रहे। एक बार विजय लक्ष्मी पंडित भी यहां से सांसद रहीं। हालांकि, ऐसा मौका भी आया ‌जब यह सीट माफियाओं के दामन में भी गिर पड़ी।

फिलवक्त सपा से श्रावस्ती के लोकसभा प्रत्याशी अतीक अहमद भी फूलपुर लोकसभा सीट से सांसद रह चुके हैं।

देखना ये है कि इस सीट पर कैफ क्या कमाल दिखा पाते हैं। या फिर, यहां इस बार भाजपा का कमल खिलेगा।

क्या पूनिया की मदद करेंगे बेनी?

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कांग्रेस के प्रत्याशियों की लिस्ट जारी होने के बाद से ही यूपी में हमेशा एक-दूसरे के खिलाफ जहर उगलने वाले कांग्रेस के दो़ बड़े नेताओं और केंद्रीय मंत्रियों के बारे में जबरदस्त चर्चा का माहौल है।

कभी बेनी प्रसाद वर्मा की सीट रही बाराबंकी से इस बार भी पीएल पुनिया के खाते में है। हालांकि, बेनी ने सीट वितरण से काफी पहले ही कहा था कि इस बार पुनिया को बाराबंकी से टिकट नहीं मिलने देंगे।

अपने घर से दूर गोंडा में अपनी सियासी ‌जमीन बनाने को परेशान बेनी को ‌एक बार फिर मुंह की खानी ‌पड़ी है। ऐसे में देखना होगा कि बेनी के समर्थक बाराबंकी में पुनिया का क्या हाल करते हैं। मदद करते हैं या मुश्किलें खड़ी करते हैं?

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