{"_id":"69f36f08ed983428bc0012ab","slug":"revenue-inspector-sentenced-to-seven-years-fined-10000-lucknow-news-c-13-1-lko1121-1716836-2026-04-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: राजस्व निरीक्षक को सात की सजा, 10 हजार जुर्माना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: राजस्व निरीक्षक को सात की सजा, 10 हजार जुर्माना
Thu, 30 Apr 2026 08:32 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Thu, 30 Apr 2026 08:32 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
अयोध्या। चक मार्ग की नाप के लिए दो हजार रुपये रिश्वत लेने के मामले में राजस्व निरीक्षक राम जियावन शर्मा को सात साल की सजा सुनाई गई है। एंटी करप्शन कोर्ट की ओर से सुनाया गया यह फैसला अदालत की स्थापना के बाद पहला है।
विशेष न्यायाधीश एंटी करप्शन कोर्ट रजत वर्मा ने बृहस्पतिवार को यह फैसला सुनाया। दोषी राम जियावन शर्मा पर दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में उन्हें 120 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अभियोजन अधिकारी कृष्ण चंद्र वर्मा के अनुसार, यह मामला अंबेडकर नगर जिले के महरुआ थाना क्षेत्र का है। शिकायतकर्ता बरामदपुर गांव निवासी मनोज मिश्रा ने अपनी दादी की भूमि के बगल के चक मार्ग को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए पैमाइश की मांग की थी। इसी कार्य के लिए शर्मा ने दो हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। मामले के विवेचक दिलीप सिंह ने राजस्व निरीक्षक राम जियावन शर्मा (निवासी जोगापुर-अकबरपुर) के विरुद्ध आरोप पत्र एंटी करप्शन कोर्ट गोरखपुर भेजा।
एक दशक बाद आया फैसला
मनोज ने 5 जून 2014 को उप जिलाधिकारी भीटी को प्रार्थना पत्र दिया था। उप जिलाधिकारी ने राजस्व निरीक्षक शर्मा को पुलिस टीम के साथ चक मार्ग की नाप करने का आदेश दिया। रिश्वत मांगे जाने पर मनोज ने एंटी करप्शन को शिकायत दर्ज कराई। 25 जून 2014 को एंटी करप्शन की टीम ने शर्मा को रिश्वत की धनराशि के साथ गिरफ्तार किया था। मामले की पत्रावली बाद में सुनवाई के लिए अयोध्या स्थानांतरित की गई।
विज्ञापन
विशेष न्यायाधीश एंटी करप्शन कोर्ट रजत वर्मा ने बृहस्पतिवार को यह फैसला सुनाया। दोषी राम जियावन शर्मा पर दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में उन्हें 120 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अभियोजन अधिकारी कृष्ण चंद्र वर्मा के अनुसार, यह मामला अंबेडकर नगर जिले के महरुआ थाना क्षेत्र का है। शिकायतकर्ता बरामदपुर गांव निवासी मनोज मिश्रा ने अपनी दादी की भूमि के बगल के चक मार्ग को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए पैमाइश की मांग की थी। इसी कार्य के लिए शर्मा ने दो हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। मामले के विवेचक दिलीप सिंह ने राजस्व निरीक्षक राम जियावन शर्मा (निवासी जोगापुर-अकबरपुर) के विरुद्ध आरोप पत्र एंटी करप्शन कोर्ट गोरखपुर भेजा।
विज्ञापन
एक दशक बाद आया फैसला
मनोज ने 5 जून 2014 को उप जिलाधिकारी भीटी को प्रार्थना पत्र दिया था। उप जिलाधिकारी ने राजस्व निरीक्षक शर्मा को पुलिस टीम के साथ चक मार्ग की नाप करने का आदेश दिया। रिश्वत मांगे जाने पर मनोज ने एंटी करप्शन को शिकायत दर्ज कराई। 25 जून 2014 को एंटी करप्शन की टीम ने शर्मा को रिश्वत की धनराशि के साथ गिरफ्तार किया था। मामले की पत्रावली बाद में सुनवाई के लिए अयोध्या स्थानांतरित की गई।
विज्ञापन