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Lucknow News: फूल, चुनरी और प्रसाद से मां चंद्रघंटा का पूजन

Wed, 14 Oct 2026 03:01 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 14 Oct 2026 03:01 AM IST
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Worship of Goddess Chandraghanta with flowers, a *chunri*, and *prasad*
नवरात्र पर मां दुर्गा के दर्शन के लिए उमड़ी भीड़। 
लखनऊ। शारदीय नवरात्र के तीसरे दिन मंगलवार को राजधानी के देवी मंदिरों में मां चंद्रघंटा की पूजा-अर्चना की गई। सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। भक्तों ने मां के दर्शन कर नारियल, चुनरी, पुष्प और प्रसाद अर्पित किया। मंदिरों में दुर्गा सप्तशती के पाठ, आरती और भजन-कीर्तन के बीच माहौल भक्तिमय बना रहा।
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चौक स्थित बड़ी काली जी मंदिर, छोटी काली जी मंदिर, संदोहन देवी मंदिर, संकटा देवी मंदिर और शास्त्रीनगर स्थित श्री दुर्गा मंदिर समेत विभिन्न देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजन किया। भक्तों ने मां के जयकारे लगाते हुए परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली और आरोग्य की कामना की।
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धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्र के तीसरे दिन मां दुर्गा के तृतीय स्वरूप मां चंद्रघंटा की आराधना की जाती है। मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र धारण करने के कारण देवी को चंद्रघंटा कहा जाता है। मां का यह स्वरूप साहस, शक्ति और शांति का प्रतीक माना जाता है। श्रद्धालुओं ने मां को लाल फूल, चुनरी और मिष्ठान अर्पित कर पूजा की। मंदिरों में आरती के दौरान भक्तों ने मां से सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद मांगा।
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आज मां कूष्मांडा की पूजा से दूर होंगे कष्ट
लखनऊ। शारदीय नवरात्र के चौथे दिन मां दुर्गा के चौथे स्वरूप मां कूष्मांडा की पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यता है कि मां ने अपनी मंद मुस्कान से सृष्टि की रचना की थी। उन्हें आदिशक्ति का स्वरूप माना जाता है। भक्त मां की आराधना कर सुख-समृद्धि, आरोग्य और खुशहाली की कामना करते हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कूष्मांडा को मालपुए का भोग प्रिय माना जाता है। पूजा में लाल वस्त्र, पुष्प और चूड़ियां अर्पित करने की परंपरा है। मां को अन्नपूर्णा स्वरूप में भी पूजा जाता है। उनकी उपासना में मंत्र जाप और ध्यान का विशेष महत्व है।
मां कूष्मांडा को अष्टभुजा देवी भी कहा जाता है। उनकी आठ भुजाओं में कमंडल, धनुष-बाण, कमल, शंख, चक्र, गदा, अमृत कलश और जपमाला सुशोभित हैं। उनका वाहन सिंह है। मान्यता है कि विधि-विधान से पूजा करने पर भक्तों को आयु, यश और आरोग्य का आशीर्वाद मिलता है। कूष्मांडा नाम का संबंध कुम्हड़े से भी माना जाता है और पारंपरिक मान्यताओं में देवी को इसकी बलि अर्पित करने का उल्लेख मिलता है।

नवरात्र पर मां दुर्गा के दर्शन के लिए उमड़ी भीड़। 

नवरात्र पर मां दुर्गा के दर्शन के लिए उमड़ी भीड़। 

नवरात्र पर मां दुर्गा के दर्शन के लिए उमड़ी भीड़। 

नवरात्र पर मां दुर्गा के दर्शन के लिए उमड़ी भीड़। 

नवरात्र पर मां दुर्गा के दर्शन के लिए उमड़ी भीड़। 

नवरात्र पर मां दुर्गा के दर्शन के लिए उमड़ी भीड़। 

नवरात्र पर मां दुर्गा के दर्शन के लिए उमड़ी भीड़। 

नवरात्र पर मां दुर्गा के दर्शन के लिए उमड़ी भीड़। 

नवरात्र पर मां दुर्गा के दर्शन के लिए उमड़ी भीड़। 

नवरात्र पर मां दुर्गा के दर्शन के लिए उमड़ी भीड़। 

नवरात्र पर मां दुर्गा के दर्शन के लिए उमड़ी भीड़। 

नवरात्र पर मां दुर्गा के दर्शन के लिए उमड़ी भीड़। 

नवरात्र पर मां दुर्गा के दर्शन के लिए उमड़ी भीड़। 

नवरात्र पर मां दुर्गा के दर्शन के लिए उमड़ी भीड़। 

नवरात्र पर मां दुर्गा के दर्शन के लिए उमड़ी भीड़। 

नवरात्र पर मां दुर्गा के दर्शन के लिए उमड़ी भीड़। 

नवरात्र पर मां दुर्गा के दर्शन के लिए उमड़ी भीड़। 

नवरात्र पर मां दुर्गा के दर्शन के लिए उमड़ी भीड़। 

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