लखनऊ: पूर्व डीजीपी सहित 8 गिरफ्तार, बिना अनुमति निकाल रहे थे जुलूस
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कुशीनगर की मुसहर बस्ती में साबुन बांटने के विरोध में जुलूस बनाकर सीएम आवास जा रहे पूर्व डीजीपी एसआर दारापुरी समेत आठ लोगों को सोमवार दोपहर कैसरबाग पुलिस ने प्रेस क्लब से गिरफ्तार कर लिया। पूर्व डीजीपी ने ट्वीट करके गिरफ्तारी की जानकारी दी तो हड़कंप मच गया।
प्रेस क्लब से सभी को पुलिस लाइन ले जाया गया। सीओ कैसरबाग अवधेश पांडेय का कहना है कि राजधानी में धारा 144 लागू है, इसके बाद भी पूर्व डीजीपी व उनके सहयोगी प्रशासन की अनुमति के बगैर जुलूस निकालने का प्रयास कर रहे थे। रोकने की कोशिश पर वे नहीं माने।
इसके बाद शांतिभंग के आरोप में सभी को गिरफ्तार करके पुलिस लाइन ले जाया गया। शाम को सभी को छोड़ दिया गया। गिरफ्तारी के विरोध में पूर्व डीजीपी व उनके सहयोगियों ने भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। मुख्यमंत्री को दलित विरोधी बताते हुए निंदा की गई।
गौरतलब है, दलितों के 45 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को रविवार को झांसी स्टेशन से गिरफ्तार किया गया था। सभी अहमदाबाद से सवा सौ किलोग्राम की साबुन की भगवान बुद्ध की मूर्ति लेकर सीएम आदित्यनाथ योगी को देने साबरमती एक्सप्रेस से लखनऊ आ रहे थे।
एलआईयू रिपोर्ट के बाद नहीं दी गई थी अनुमति
पुलिस के मुताबिक झांसी में गिरफ्तार लोगों को बुंदेलखंड दलित सेना के अध्यक्ष पूर्व डीजीपी और अन्य दलित चिंतक व विचारकों के साथ सोमवार को प्रेस क्लब में बैठक करके जुलूस की शक्ल में सीएम आवास जाना था।
इस कार्यक्रम के लिए जिला प्रशासन से अनुमति मांगी गई थी लेकिन एलआईयू की रिपोर्ट के बाद प्रशासन ने मना कर दिया। इसके बावजूद पूर्व डीजीपी दारापुरी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष प्रो. रमेश दीक्षित, केके बख्शी, डीके यादव, कुलदीप और पत्रकार आशीष अवस्थी सहित उनके आठ सहयोगी प्रेस क्लब पहुंच गए।
सीओ ने बताया कि प्रेस क्लब में बैठक के लिए आशीष ने बुकिंग कराई थी। सोमवार को प्रेस क्लब के व्यवस्थापकों को बैठक की जानकारी मिली तो बुकिंग निरस्त कर दी गई। पूर्व डीजीपी प्रेस क्लब पहुंचे तो बुकिंग निरस्त होने का पता चलते ही सहयोगियों के साथ नारेबाजी करते हुए सड़क पर निकल आए।
इस बीच एएसपी पश्चिम विकास चंद त्रिपाठी, सीओ कैसरबाग, इंस्पेक्टर डीके उपाध्याय सहित हजरतगंज इंस्पेक्टर आनंद कुमार शाही व अन्य थानों की पुलिस प्रेस क्लब पहुंच गई। पूर्व डीजीपी और अन्य लोगों को रोकने की कोशिश की गई। बातचीत और समझाने के बाद भी वह नहीं माने तो गिरफ्तार कर लिया गया।
कानून व्यवस्था संभल नहीं रही, मानवाधिकार वादियों पर दिखा रहे जोर
राजधानी में कानून-व्यवस्था संभल नहीं रही। महिलाएं असुरक्षित हैं। ताबड़तोड़ अपराध से दहशत फैली है लेकिन बदमाशों पर शिकंजा कसने के बजाय पुलिस मानवाधिकार वादियों पर ही जोर-आजमाइश करने में जुट गई है।
यह बात पूर्व डीजीपी एसआर दारापुरी ने सोमवार को तब कही, जब पुलिस ने उन्हें आठ सहयोगियों सहित प्रेस क्लब से शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।
यह थी सीएम आवास जाने की वजह
पूर्व डीजीपी ने कहा, दलितों की समस्याओं और मुद्दों पर शांतिपूर्ण तरीके से चर्चा करके मुख्यमंत्री को अवगत कराने व उनके निस्तारण के लिए विचार गोष्ठी आयोजित की गई थी। इसमें शामिल होने के लिए अहमदाबाद से दलित आ रहे थे जिन्हें पुलिस ने झांसी में गिरफ्तार कर लिया था। अहमदाबाद के दलित अपने साथ साबुन ला रहे थे जिसे सीएम को भेंट करना था।
दरअसल, पिछले दिनों मुख्यमंत्री कुशीनगर में मुसहर बस्ती में गए थे तो वहां के प्रशासन ने दलितों को साबुन और शैंपू बांटे थे। गुजरात के दलितों ने इसे यूपी के दलितों का अपमान माना। उन्हें लगा कि दलित नहाते नहीं हैं और गंदे रहते हैं। यही वजह थी कि वे मुख्यमंत्री को साबुन भेंट करने जा रहे थे ताकि इससे नहाकर उनका तन-मन शुद्ध हो जाए।