विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी होगी पूरी रिटायर डॉक्टरों को मिलेगी फिर से नियुक्ति
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रिटायर होने के साथ ही विशेषज्ञ डॉक्टरों को सेवा विस्तार भी दिया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग इन्हें ऐसे अस्पतालों में लगा रही है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी है।
प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में करीब पांच हजार डॉक्टरों के पद खाली हैं। सबसे ज्यादा कमी विशेषज्ञ डॉक्टरों की है। एमएस, एमडी, डी आर्थ, डीसीएच, डीसीपी व डीवीडी जैसे विशेषज्ञता वाले डॉक्टर जहां से भी मिल रहे हैं, उन्हें तुरंत तैनाती देने के आदेश हुए हैं।
इन्हें मनचाही जगह पर तैनाती भी मिल रही है। इसी कड़ी में 2012 से 2016 के बीच रिटायर होने वाले विशेषज्ञ डॉक्टरों को पुनर्नियोजित किया गया है।
महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्ति
पहले चरण में महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सुनील श्रीवास्तव ने ऐसे 26 डॉक्टरों को फिर से सेवा में लिया है। इन्हें विभिन्न स्थानों पर तैनात भी कर दिया गया है। इन्हें 65 वर्ष तक की उम्र के लिए सेवा में रखा गया है।
सरकार ने पुनर्नियुक्ति देने के साथ ही दो डॉक्टरों को मुख्य चिकित्सा अधिकारी जैसे महत्वपूर्ण पदों पर बैठाया है। इनमें डॉ. राकेश कुमार को हापुड़ का नया सीएमओ बनाया गया है।
डॉ. राकेश 31 जुलाई 2013 को रिटायर हुए थे। डी आर्थ. होने के नाते इन्हें पुनर्नियुक्ति दी गई है। डॉ. शशि कुमार को देवरिया का नया सीएमओ बनाया गया है। यह भी 31 दिसंबर 2015 को रिटयर हुए थे।