{"_id":"5ed74b3e8ebc3e908f6877fb","slug":"resident-doctors-of-sgpgi-are-not-ready-for-14-days-duty","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"एसजीपीजीआई: 14 दिन की ड्यूटी पर राजी नहीं रेजिडेंट, चिकित्सा शिक्षा मंत्री को भेजा ज्ञापन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एसजीपीजीआई: 14 दिन की ड्यूटी पर राजी नहीं रेजिडेंट, चिकित्सा शिक्षा मंत्री को भेजा ज्ञापन
Wed, 03 Jun 2020 12:33 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Wed, 03 Jun 2020 12:33 PM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संजय गांधी पीजीआई के रेजिडेंट डॉक्टर एक साथ 14 दिन की ड्यूटी करने के लिए राजी नहीं है। डॉक्टरों ने सात सात दिन की ड्यूटी रखने का रोस्टर तैयार करते हुए चिकित्सा शिक्षा मंत्री को ज्ञापन भेजा है। रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन की ओर से भेजे गए ज्ञापन में बताया गया है कि ब्रेकअप ड्यूटी होने से काम की गति बढ़ेगी।
विज्ञापन
प्रस्तावित ब्रेक ड्यूटी यानी सात-सात दिन ड्यूटी रोस्टर से दबाव नहीं पड़ेगा। एसोसिएशन ने ड्यूटी के लिए प्रस्तावित रोस्टर भी भेजा है। आरडीए के अध्यक्ष डॉ. आकाश माथुर, उपाध्यक्ष डॉ. श्रुति तथा जनरल सेक्रेटरी डॉ.अनिल गंगवार ने बताया कि सात दिन की ड्यूटी में ही जिस तरह पीपीई किट पहनकर थकान तथा ड्यूटी के दौरान शरीर में पानी की कमी का अनुभव करते हैं, उसके साथ सात दिन और ड्यूटी करना यातना जैसा होगा।
विज्ञापन
रेजिडेंट डॉक्टरों ने कहा कि इस वक्त मरीजों को समुचित इलाज मिलता रहे और डॉक्टरों को किसी तरह की दिक्कत न हो इस पर वैकल्पिक तौर-तरीकों को अपनाया जाना जरूरी है।
विज्ञापन
केजीएमयू के रेजिडेंटों के संस्थान छोड़ने पर रोक
केजीएमयू में मास्टर ऑफ मेडिसिन, मास्टर ऑफ सर्जरी सहित पीजी के विभिन्न कोर्स की पढ़ाई पूरी करने वाले रेजिडेंट डॉक्टरों को अभी रिलीव नहीं किया जाएगा। उन्हें सेवा विस्तार दिया जाएगा और वे अस्पताल में काम करते रहेंगे। यह फैसला कोविड-19 को देखते हुए लिया गया है।
इस संबंध में शासन ने आदेश कर दिया है। केजीएमयू में करीब 4500 बेड हैं और 1000 रेजिडेंट डॉक्टर हैं। हर साल पीजी में नीट के जरिए एडमिशन होता है। नीट पीजी की चयन प्रक्रिया हो गई है, लेकिन अभी नए छात्रों ने एडमिशन नहीं लिया है।
ऐसी स्थिति में वर्ष 2017 और 2018 बैच के पीजी छात्रों को कार्यकाल पूरा होने के बावजूद रिलीव नहीं करने का आदेश जारी हो गया है। कुलपति डॉ. एमएलबी भट्ट के अनुमोदन के बाद कुल सचिव ने सभी रेजिडेंट डॉक्टरों को सेवा विस्तार देने संबंधी आदेश जारी कर दिया है। इस संबंध में सभी विभागाध्यक्षों को पत्र जारी कर दिया गया है। मानदेय पहले की तरह दिया जाएगा।
इस संबंध में शासन ने आदेश कर दिया है। केजीएमयू में करीब 4500 बेड हैं और 1000 रेजिडेंट डॉक्टर हैं। हर साल पीजी में नीट के जरिए एडमिशन होता है। नीट पीजी की चयन प्रक्रिया हो गई है, लेकिन अभी नए छात्रों ने एडमिशन नहीं लिया है।
ऐसी स्थिति में वर्ष 2017 और 2018 बैच के पीजी छात्रों को कार्यकाल पूरा होने के बावजूद रिलीव नहीं करने का आदेश जारी हो गया है। कुलपति डॉ. एमएलबी भट्ट के अनुमोदन के बाद कुल सचिव ने सभी रेजिडेंट डॉक्टरों को सेवा विस्तार देने संबंधी आदेश जारी कर दिया है। इस संबंध में सभी विभागाध्यक्षों को पत्र जारी कर दिया गया है। मानदेय पहले की तरह दिया जाएगा।