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रेरा ने अंसल के दो प्रोजेक्टों के पंजीकरण किए निरस्त, तीन माह में भरने होंगे इतने रुपये...
Fri, 12 Feb 2021 02:21 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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Published by: लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 12 Feb 2021 02:21 AM IST
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यूपी रेरा का दफ्तर
- फोटो : अमर उजाला
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रेरा ने अंसल एपीआई की हाईटेक टाउनशिप सुशांत गोल्फ सिटी के दो प्रोजेक्ट पॉकेट-2 सेक्टर पी और पॉकेट-2 सेक्टर जे के पंजीकरण निरस्त कर दिए हैं। तीसरे प्रोजेक्ट पॉकेट-3 सेक्टर ए के विकास कार्य पूरे कर 20 मार्च तक पूर्णता प्रमाण पत्र रेरा की वेबसाइट पर अपलोड करने का आदेश हुआ है। ऐसा नहीं करने पर रेरा कार्रवाई करेगा। आदेशों का अनुपालन नहीं होने पर रेरा ने 1.62 करोड़ रुपये का जुर्माना भी अंसल एपीआई पर लगाया है। रेरा से मिली सूचना के मुताबिक, अंसल एपीआई रेरा अधिनियम की धारा-7 में कार्रवाई कर दोनों पंजीकरण निरस्त किए गए हैं।
यूपी रेरा पीआरजे7122 के नाम से पॉकेट-2 सेक्टर पी, यूपीरेरापीआरजे9594 से पॉकेट-2 सेक्टर जे पंजीकृत कराए गए थे। अध्यक्ष राजीव कुमार का कहना है कि शिकायतें मिलने के बाद इन प्रोजेक्टों की निगरानी कराई गई। चेतावनी के बावजूद यहां विकास कार्य पूरे नहीं कराए गए। बिल्डर कंपनी की तरफ से उचित जवाब भी नहीं दिया गया। इसके बाद कार्रवाई की है। यह कार्रवाई दूसरे बिल्डरों के लिए भी चेतावनी है।
तीसरा प्रोजेक्ट पॉकेट-3 सेक्टर ए यूपी रेरा पीआरजे10009 से पंजीकृत है। यहां भी विकास कार्य अधूरे पड़े हैं। इसके लिए 20 मार्च तक का समय दिया गया है। इसके लिए तीन महीने के अंदर बिल्डर को अलग खाते में 9.40 करोड़ रुपये जमा करने होंगे। रेरा के सचिव आनंद शुक्ला के मुताबिक, हाईटेक टाउनशिप के दो प्रोजेक्टों के पंजीकरण निरस्त करने के बाद प्रदेश सरकार से भी सलाह ली जा रही है। इस के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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यूपी रेरा पीआरजे7122 के नाम से पॉकेट-2 सेक्टर पी, यूपीरेरापीआरजे9594 से पॉकेट-2 सेक्टर जे पंजीकृत कराए गए थे। अध्यक्ष राजीव कुमार का कहना है कि शिकायतें मिलने के बाद इन प्रोजेक्टों की निगरानी कराई गई। चेतावनी के बावजूद यहां विकास कार्य पूरे नहीं कराए गए। बिल्डर कंपनी की तरफ से उचित जवाब भी नहीं दिया गया। इसके बाद कार्रवाई की है। यह कार्रवाई दूसरे बिल्डरों के लिए भी चेतावनी है।
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तीसरा प्रोजेक्ट पॉकेट-3 सेक्टर ए यूपी रेरा पीआरजे10009 से पंजीकृत है। यहां भी विकास कार्य अधूरे पड़े हैं। इसके लिए 20 मार्च तक का समय दिया गया है। इसके लिए तीन महीने के अंदर बिल्डर को अलग खाते में 9.40 करोड़ रुपये जमा करने होंगे। रेरा के सचिव आनंद शुक्ला के मुताबिक, हाईटेक टाउनशिप के दो प्रोजेक्टों के पंजीकरण निरस्त करने के बाद प्रदेश सरकार से भी सलाह ली जा रही है। इस के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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606 करोड़ रुपये का किया गबन
रेरा ने इससे पहले करी एंड ब्राउन संस्था से फोरेंसिक ऑडिट कराया था। इसमें 606 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितता सामने आई थी। इस बजट को हाईटेक टाउनशिप परियोजना से बाहर ट्रांसफर किया गया। फंड का गलत उपयोग कर कुप्रबंधन हुआ। मौजूदा समय में फेज-1 और फेज-2 की जमीनें बैंकों में बंधक रखी हुई हैं। यह कर्ज चुकाना और टाउनशिप का काम पूरा करना खुद में एक चुनौती बना है। ऑडिटर ने रिपोर्ट में कहा कि परियोजना में अधिक फंड थे, जिनका उपयोग विकास कार्य पूरा करने में होना चाहिए था। दूसरी तरफ प्रोजेक्ट पूरा करने में विफल रहने पर आवंटियों का पैसा भी बिल्डर कंपनी ने रिफंड नहीं किया।
आरोप, विकास कार्य पूरी तरह ठप
रेरा के अधिकारियों का कहना है कि अंसल एपीआई पर आरोप है कि टाउनशिप में काम रुके हुए हैं। रेरा को परियोजना को पूरा करने के लिए अनुचित समय सीमा दी गई है। यह अभी भी चार से पांच साल आगे की हैं। प्रबंधक किसी सवाल का उचित जवाब नहीं देता। वहीं, परियोजना पूरा करने के लिए कोई ठोस कार्ययोजना भी उनके पास नहीं है।
आदेश की प्रति नहीं मिली
अंसल एपीआई, प्रेसिडेंट, अरुण मिश्रा ने बताया कि अभी तक रेरा के आदेश की प्रति नहीं मिली है। आदेश मिलने के बाद विधिक परीक्षण कराया जाएगा। रेरा को समुचित जानकारी समय-समय पर उपलब्ध कराई गई है। कोविड की वजह से कुछ दिक्कतें हुईं। उनका विचार भी रेरा को करना चाहिए था।
आरोप, विकास कार्य पूरी तरह ठप
रेरा के अधिकारियों का कहना है कि अंसल एपीआई पर आरोप है कि टाउनशिप में काम रुके हुए हैं। रेरा को परियोजना को पूरा करने के लिए अनुचित समय सीमा दी गई है। यह अभी भी चार से पांच साल आगे की हैं। प्रबंधक किसी सवाल का उचित जवाब नहीं देता। वहीं, परियोजना पूरा करने के लिए कोई ठोस कार्ययोजना भी उनके पास नहीं है।
आदेश की प्रति नहीं मिली
अंसल एपीआई, प्रेसिडेंट, अरुण मिश्रा ने बताया कि अभी तक रेरा के आदेश की प्रति नहीं मिली है। आदेश मिलने के बाद विधिक परीक्षण कराया जाएगा। रेरा को समुचित जानकारी समय-समय पर उपलब्ध कराई गई है। कोविड की वजह से कुछ दिक्कतें हुईं। उनका विचार भी रेरा को करना चाहिए था।
अब यह रहेंगे विकल्प
रजिस्ट्रेशन निरस्त होने के बाद अंसल को नई संपत्ति इन प्रोजेक्टों में बेचने की अनुमति नहीं होगी। ऐसे में रेरा किसी दूसरी संस्था जैसे एलडीए या निजी कंपनी से अधूरे काम मौजूदा फंड जैसे बिना बिकी संपत्तियों की बिक्री या खरीदारों की बाकी किश्तों से पूरा करा सकता है। दूसरा विकल्प खरीदारों की ही कमेटी ऑफ क्रेडिटर्स बनाकर प्रोजेक्ट को रेरा की निगरानी में पूरा किया जाए।
दोनो प्रोजेक्ट में 796 भूखंड करने हैं विकसित
पॉकेट-2 सेक्टर पी में 446 और पॉकट-2 सेक्टर जे में 250 भूखंड विकसित करने की योजना थी। इसको 2023 तक पूरा करना था। पर लंबे समय से यहां काम बंद पड़ा था। कोविड की वजह से छह महीने का अतिरिक्त समय रेरा दे चुका है।
दोनो प्रोजेक्ट में 796 भूखंड करने हैं विकसित
पॉकेट-2 सेक्टर पी में 446 और पॉकट-2 सेक्टर जे में 250 भूखंड विकसित करने की योजना थी। इसको 2023 तक पूरा करना था। पर लंबे समय से यहां काम बंद पड़ा था। कोविड की वजह से छह महीने का अतिरिक्त समय रेरा दे चुका है।