{"_id":"5e2c6a288ebc3e4b4a3d5328","slug":"republic-day-evening-dgp-op-singh-praised-cm-yogi-adityanath","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर पुलिस कर्मियों को सरकार का तोहफा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर पुलिस कर्मियों को सरकार का तोहफा
Sat, 25 Jan 2020 09:47 PM IST
अवधेश कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: अवधेश कुमार
Updated Sat, 25 Jan 2020 09:47 PM IST
विज्ञापन
yogi adityanath, DGP OP Singh
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले साल कुंभ में ड्यूटी करने वाले पुलिस कर्मियों को एक माह के अतिरिक्त वेतन का तोहफा दिया है। मुख्यमंत्री ने इसकी घोषणा गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर शनिवार को पुलिस मुख्यालय पर आयोजित कुंभ सेवा पदक वितरण कार्यक्रम में की। इसका लाभ 45 हजार पुलिस कर्मियों और अधिकारियों को मिलेगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कुंभ और पुलिस से संबंधित काफी टेबल बुक का विमोचन भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ में 24.56 करोड़ लोग शामिल हुए। कुंभ के दौरान पुलिस कर्मियों ने बेहतरीन काम किया। जिसको जो जिम्मेदारी दी गई, उसने उसे बखूबी निभाया। आने वाले वर्षों के लिए प्रयागराज कुंभ 2019 का आयोजन केस स्टडी के रूप में बनकर उभरा है।
उन्होंने कहा कि पुलिस का काम काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। कई बार सारे अच्छे काम पर एक गलती मीडिया के फोकस का कारण बनती है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने एक टीम वर्क के रूप में कुंभ के आयोजन में उत्कृष्ट उदाहरण पेश किया है उन्हें मेडल भी मिलेगा और एक महीने का अतिरिक्त वेतन की व्यवस्था भी करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ में 24.56 करोड़ लोग शामिल हुए। कुंभ के दौरान पुलिस कर्मियों ने बेहतरीन काम किया। जिसको जो जिम्मेदारी दी गई, उसने उसे बखूबी निभाया। आने वाले वर्षों के लिए प्रयागराज कुंभ 2019 का आयोजन केस स्टडी के रूप में बनकर उभरा है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि पुलिस का काम काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। कई बार सारे अच्छे काम पर एक गलती मीडिया के फोकस का कारण बनती है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने एक टीम वर्क के रूप में कुंभ के आयोजन में उत्कृष्ट उदाहरण पेश किया है उन्हें मेडल भी मिलेगा और एक महीने का अतिरिक्त वेतन की व्यवस्था भी करेंगे।
विज्ञापन
पुलिस कमिश्नरी सिस्टम को अधिकारों की लड़ाई से न जोड़ें
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस कमिश्नरी सिस्टम प्रदेश में लागू हो, इसकी मांग पिछले 60 बरसों से हो रही थी। प्रशासनिक स्तर पर अधिकार की लड़ाई से इसको जोड़ा जाता था। मैं इस बात को नहीं समझ पाया कि इसको अधिकारों की लड़ाई से क्यों जोड़ा गया? कौन ऐसा व्यक्ति है जो सुरक्षा नहीं चाहता? यह एक चुनौती है कि इस नए सिस्टम के साथ पुलिसकर्मी अपने आप को ढाल सकें।
साइबर अपराध बड़ी चुनौती
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले दस्यु के गिरोह ही बड़ी चुनौती होते थे। आज साइबर क्राइम हमारे लिए चुनौती है। लखनऊ की घटना सामने है, जहां एटीएम का क्लोन तैयार कर गाढ़ी कमाई उड़ाने वाले गिरोह के लोग पकड़े गए। यह माडर्न डकैत हैं। इनसे हमें माडर्न तरीके से निपटना होगा। इसके लिए पुलिस फॉरेंसिक साइंस युनिवर्सिटी खोलने का निर्णय किया गया है।
सरकार ने तय किया है कि हर रेंज स्तर पर एक साइबर थाना और एक फॉरेंसिक लैब की स्थापना होगी। उन्होंने कहा कि पुलिस की प्रशिक्षण की क्षमता को दोगुना किया जा चुका है। पिछले साल 85 हजार लोगों की भर्तियां की गई हैं और भर्ती का सिलसिला अभी जारी है। पीएसी की कई कंपनियां समाप्त कर दी गई थीं, जिसमें से 54 कंपनियों को बहाल किया गया है।
‘अपराधी कानून से डरेगा या पुलिस के डंडे से’
मुख्यमंत्री ने कहा कि संवेदनशीलता स्थानों को चिह्नित कर फुट पेट्रोलिंग होती रहे तो कहीं कोई घटना नहीं होती। अपराधी कभी सुधरेगा नहीं। वह कानून से सुधरेगा या पुलिस के डंडे से सुधरेगा। उन्होंने कहा कि फुट पेट्रोलिंग से आम लोगों से जुड़ा जा सकता है।
साइबर अपराध बड़ी चुनौती
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले दस्यु के गिरोह ही बड़ी चुनौती होते थे। आज साइबर क्राइम हमारे लिए चुनौती है। लखनऊ की घटना सामने है, जहां एटीएम का क्लोन तैयार कर गाढ़ी कमाई उड़ाने वाले गिरोह के लोग पकड़े गए। यह माडर्न डकैत हैं। इनसे हमें माडर्न तरीके से निपटना होगा। इसके लिए पुलिस फॉरेंसिक साइंस युनिवर्सिटी खोलने का निर्णय किया गया है।
सरकार ने तय किया है कि हर रेंज स्तर पर एक साइबर थाना और एक फॉरेंसिक लैब की स्थापना होगी। उन्होंने कहा कि पुलिस की प्रशिक्षण की क्षमता को दोगुना किया जा चुका है। पिछले साल 85 हजार लोगों की भर्तियां की गई हैं और भर्ती का सिलसिला अभी जारी है। पीएसी की कई कंपनियां समाप्त कर दी गई थीं, जिसमें से 54 कंपनियों को बहाल किया गया है।
‘अपराधी कानून से डरेगा या पुलिस के डंडे से’
मुख्यमंत्री ने कहा कि संवेदनशीलता स्थानों को चिह्नित कर फुट पेट्रोलिंग होती रहे तो कहीं कोई घटना नहीं होती। अपराधी कभी सुधरेगा नहीं। वह कानून से सुधरेगा या पुलिस के डंडे से सुधरेगा। उन्होंने कहा कि फुट पेट्रोलिंग से आम लोगों से जुड़ा जा सकता है।
समय से निर्णय न लेना भी एक चुनौती
मुख्यमंत्री ने कहा कि समय से निर्णय न ले पाना आज भी चुनौती बना हुआ है। निर्भया फंड में सेफ सिटी के लिए पैसा है। लेकिन समय से प्रपोजल नहीं आ पाता। ऐसा भी होता है कि पहली किस्त आती है और उसका इस्तेमाल नहीं हो पाता।
अच्छे कामों को प्रमोट करना चाहिए
उन्होंने कहा कि रात के समय महिला को घर तक पहुंचाने में पीआरवी जो मदद कर रही है, वह अच्छा काम है। ऐसे कामों को प्रमोट करना चाहिए। नौकरों का सत्यापन और बुजुर्गों का भी रिकार्ड पुलिस के पास होना चाहिए। शहरी क्षेत्र में रहने वाले लोग कई बार अंजान लोगों को भी अपने घरों में काम करने के लिए रख लेते हैं। ऐसे लोगों का पुलिस से वेरिफिकेशन अनिवार्य हो जाए तो कई घटनाओं को रोका जा सकता है।
अच्छे कामों को प्रमोट करना चाहिए
उन्होंने कहा कि रात के समय महिला को घर तक पहुंचाने में पीआरवी जो मदद कर रही है, वह अच्छा काम है। ऐसे कामों को प्रमोट करना चाहिए। नौकरों का सत्यापन और बुजुर्गों का भी रिकार्ड पुलिस के पास होना चाहिए। शहरी क्षेत्र में रहने वाले लोग कई बार अंजान लोगों को भी अपने घरों में काम करने के लिए रख लेते हैं। ऐसे लोगों का पुलिस से वेरिफिकेशन अनिवार्य हो जाए तो कई घटनाओं को रोका जा सकता है।
डीजीपी और पूर्व एडीजी एलओ समेत 22 लोगों को किया गया सम्मानित
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर 22 पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को ‘कुंभ सेवा मेडल’ से सम्मानित किया। इसमें मौजूदा डीजीपी ओम प्रकाश सिंह, पूर्व एडीजी कानून व्यवस्था और मौजूदा डीजी कारागार आनंद कुमार, तत्कालीन एडीजी जोन प्रयागराज एसएन सांबत, तत्कालीन आईजी रेंज प्रयागराज मोहित अग्रवाल, एडीजी रेलवे संजय सिंघल और एडीजी पीएसी वीके सिंह समेत कुल 22 लोगों को सम्मानित किया। कुंभ सेवा अवार्ड 377 पुलिस कर्मियों को दिए गए हैं।
काफी टेबल बुक का हुआ विमोचन
मुख्यमंत्री ने काफी टेबल बुक ‘स्मार्ट’ का विमोचन किया। इसके अलावा कुंभ पर आधारित काफी टेबिल बुक और कुंभ की सोशल मीडिया हैंड बुक का विमोचन भी किया। इस मौके पर मुख्य सचिव आरके तिवारी, अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी, एडीजी यूपी 112 असीम अरुण व पूर्व डीजीपी सुलखान सिंह समेत बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर 22 पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को ‘कुंभ सेवा मेडल’ से सम्मानित किया। इसमें मौजूदा डीजीपी ओम प्रकाश सिंह, पूर्व एडीजी कानून व्यवस्था और मौजूदा डीजी कारागार आनंद कुमार, तत्कालीन एडीजी जोन प्रयागराज एसएन सांबत, तत्कालीन आईजी रेंज प्रयागराज मोहित अग्रवाल, एडीजी रेलवे संजय सिंघल और एडीजी पीएसी वीके सिंह समेत कुल 22 लोगों को सम्मानित किया। कुंभ सेवा अवार्ड 377 पुलिस कर्मियों को दिए गए हैं।
काफी टेबल बुक का हुआ विमोचन
मुख्यमंत्री ने काफी टेबल बुक ‘स्मार्ट’ का विमोचन किया। इसके अलावा कुंभ पर आधारित काफी टेबिल बुक और कुंभ की सोशल मीडिया हैंड बुक का विमोचन भी किया। इस मौके पर मुख्य सचिव आरके तिवारी, अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी, एडीजी यूपी 112 असीम अरुण व पूर्व डीजीपी सुलखान सिंह समेत बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी मौजूद थे।