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कारोबारियों के ठिकानों पर छापा: तीन दिन तक मुख्यालय को नहीं भेजी रिपोर्ट; बढ़ सकती हैं अफसरों की मुश्किलें
Fri, 23 Jan 2026 10:11 AM IST
भूपेन्द्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: भूपेन्द्र सिंह
Updated Fri, 23 Jan 2026 10:11 AM IST
सार
कारोबारियों के ठिकानों पर छापे के तीन दिन तक मुख्यालय को रिपोर्ट नहीं भेजी गई। सीबीआई ने दोनों अधीक्षकों से पूछताछ की। विभाग के वरिष्ठ अफसरों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। आगे पढ़ें पूरा मामला...
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सीबीआई। (डेमो पिक)
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
यूपी के झांसी में कारोबारियों से घूस लेने के आरोप में गिरफ्तार सेंट्रल जीएसटी के अफसरों की वरिष्ठ अधिकारियों से मिलीभगत थी। छापे के बाद डिप्टी कमिश्नर और दोनों अधीक्षकों ने इसी वजह से बरामद दस्तावेजों को कार्यालय में जमा नहीं कराया था। इतना ही नहीं, उन्होंने अपने से वरिष्ठ अधिकारियों को छापे से संबंधित रिपोर्ट तक नहीं भेजी थी।
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सीबीआई की पूछताछ में अधीक्षक अनिल कुमार तिवारी और अजय कुमार शर्मा ने स्वीकार किया कि छापे की कार्रवाई करोड़ों रुपये की उगाही के उद्देश्य से की गई थी। रिमांड के दौरान उनसे उनके घरों से बरामद नकदी और चांदी को लेकर भी सवाल किए गए।
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दोनों ने बताया कि वकील नरेश कुमार गुप्ता के जरिए उनका संपर्क कारोबारियों से हुआ था, जिसने मामला निपटाने के लिए 1.50 करोड़ रुपये घूस दिलाने का भरोसा दिया था। उन्होंने यह भी कहा कि डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी ने छापे से जुड़ी जानकारी मुख्यालय को न देने के निर्देश दिए थे। सीबीआई शुक्रवार को भी दोनों से पूछताछ करेगी।
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