इस मास्टर प्लान से बदल जाएगा परिषदीय स्कूलों का हाल
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गुणवत्तापरक शिक्षा और छात्र-छात्राओं को दी गई सुविधा की हकीकत परखने के लिए परिषदीय स्कूलों का रिपोर्ट कार्ड तैयार कराया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी जिला समन्वयक प्रशिक्षण को सौंपी गई है।
उन्हें हर माह कम से कम 20 स्कूलों में जाकर पढ़ाई के अलावा बच्चों को दी गई सुविधाओं के आधार पर रिपोर्ट कार्ड बनाना होगा।
सर्व शिक्षा अभियान की राज्य परियोजना निदेशक शीतल वर्मा ने इस संबंध में जिला समन्वयकों को विस्तृत दिशा-निर्देश भेज दिया है।
रिपोर्ट कार्ड तैयार करते समय जिला समन्वयकों को एक फॉर्म भरना होगा। इसमें विकास खंड और स्कूल का नाम, किस कक्षा में कितने छात्र पढ़ते हैं और उस दिन कितने आए, छात्र-छात्राओं के लिए अलग शौचालय है या नहीं, हैं तो वे ठीक हैं या खराब, पेयजल की व्यवस्था कैसी है, विद्यालय प्रबंध समिति के गठन एवं नियमित बैठकों की क्या स्थिति है, शिक्षक प्रतिदिन स्कूल आ रहे हैं या नहीं और अभिभावकों से संपर्क कर रहे हैं या नहीं। इन सबका ब्यौरा भरना होगा।
कोर्स की भी ली जाएगी जानकारी
बेसिक शिक्षा परिषद की समय सारिणी के अनुसार स्कूलों में पढ़ाई की क्या स्थिति है, प्रतिदिन प्रार्थना सभा हो रही है या नहीं, निरीक्षण के समय यह भी पता किया जाएगा कि निर्धारित समय में कोर्स पूरा कराया गया है या नहीं।
शिक्षक छात्र-छात्राओं की वर्कबुक का इस्तेमाल कर रहे हैं या नहीं, शिक्षक कक्षा में बच्चों से कितनी बार सवाल पूछते हैं, बच्चों के सवालों का शिक्षक कैसे जवाब दे रहे हैं, बच्चों की पढ़ाई का स्तर क्या है, वे किताब पढ़ पाते हैं या नहीं, हिंदी व अंग्रेजी आसानी से पढ़ लेते हैं या नहीं।
रिपोर्ट में इन बातों का भी जिक्र करना अनिवार्य होगा। रिपोर्ट कार्ड के आधार पर परिषदीय स्कूलों में पढ़ाई का स्तर पता लगाया जाएगा।