वरुण ने पूछे 632 सवाल पर राहुल खामोश क्यों?
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16 लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को फिर से सत्ता में काबिज करने का सपना देख रहे राहुल गांधी ने संसद में होने वाली बहसों में कम ही हिस्सा लिया।
दिलचस्प बात यह है कि इन बहसों में उन्होने एक भी सवाल पूछना मुनासिब नहीं समझा।
जबकि वरूण गांधी ने 15वीं लोकसभा के दौरान 632 सवाल पूछें। इस तरह वरूण, राहुल से काफी आगे निकल गये।
आइये देखें रिपोर्ट कार्ड
15वीं लोकसभा के यूपी के अधिकतर सांसद इस चुनाव में भी किस्मत आजमा रहे हैं। ऐसे में यह जान लेना लाजिमी है कि 16वीं लोकसभा का ख्वाब देख रहे इन सांसदों का संसद में प्रदर्शन कैसा रहा।
इन्होंने कितने सवाल पूछे, बहस में हिस्सा लिया और अपनी सांसद निधि का कितना उपयोग कर पाए।
वहीं, सांसद निधि का खर्च होना यह बताता है कि प्रतिनिधि अपने लोकसभा क्षेत्र की समस्याओं, जरूरतों की बेहतर समझ रखता है।
कुछ के तो संसद में बोल ही नहीं फूटे
15वीं लोकसभा का रिपोर्ट कार्ड बताता है कि विकास का सब्जबाग दिखाकर सांसद बनने वालों ने बुनियादी सुविधाएं तक दिलाने में कंजूसी बरती।
यही नहीं, संसद में होने वाली बहस में इक्का-दुक्का बार ही हिस्सा लिया और कई सांसदों ने पांच साल में एक भी सवाल पूछना तक मुनासिब नहीं समझा।
अलीगढ़ की सांसद राजकुमारी चौहान और डुमरियागंज के जगदंबिका पाल ने सांसद निधि का 95% इस्तेमाल किया।
2 अप्रैल 2014 तक लगभग सभी सांसदों की निधि में ढाई से सात करोड़ रुपये शेष रह गए थे।
धमेंद्र ने ऊंची की मुलायम की नाक
प्रदेश के सांसदों में सबसे अधिक सवाल (964) धमेंद्र यादव ने पूछे लेकिन मुलायम सिंह यादव इस मामले मे भतीजे के आसपास भी नजर नहीं आ सके।
उन्होंने पूरे पांच साल में एक भी सवाल नहीं पूछा, अलबत्ता उनकी पुत्रवधू डिम्पल ने 55 सवाल पूछे।
वैसे चर्चा में हिस्सा लेने के मामले में सपा मुखिया मुलायम सिंह परिवार में आगे रहे। उन्होंने 132 बार चर्चा में हिस्सा लिया, जबकि धमेंद्र ने 20 और डिम्पल ने सिर्फ 4 बार ही चर्चा में हिस्सा लिया।
सोनिया और राहुल ने नहीं पूछा एक भी सवाल
अपने परिवार के बीच भी राहुल का प्रदर्शन ठीक नहीं रहा। खराब प्रदर्शन के मामले में उनकी मां सोनिया भी पीछे नहीं हैं।
राहुल ने जहां संसद में दो बार चर्चा में हिस्सा लिया वहीं सोनिया ने तीन बार लेकिन दोनों ने एक भी सवाल नहीं पूछे।
जबकि उनके चचेरे भाई वरुण गांधी ने 632 और चाची मेनका गांधी ने 335 सवाल पूछे। वरुण गांधी ने सिर्फ चार बार और मेनका ने 11 बार ही चर्चा में हिस्सा लिया।
जहां तक सांसद निधि के इस्तेमाल की बात है, वरुण गांधी परिवार में सबसे आगे रहे। उन्होंने करीब 85 प्रतिशत सांसद निधि का इस्तेमाल किया।
सांसद निधि के खर्च में भी पीछे रहे राहुल
सांसद निधि खर्च किए 11.56 करोड़ (69.80 प्रतिशत)
चर्चा में हिस्सा लिया-2 बार
सवाल पूछे-0
मुलायम सिंह यादव (सपा, मैनपुरी)
सांसद निधि खर्च किए 14.46 करोड़ (75.86 प्रतिशत)
चर्चा में हिस्सा लिया-132 बार
सवाल पूछे-0
रेवती रमण सिंह (सपा, इलाहाबाद)
सांसद निधि खर्च किए 14.23 करोड़ (74.65 प्रतिशत)
चर्चा में हिस्सा लिया-68 बार
सवाल पूछे-212
राजनाथ ने पूछे 33 सवाल
सांसद निधि खर्च किए 14.49 करोड़ (76.01 प्रतिशत)
चर्चा में हिस्सा लिया-15 बार
सवाल पूछे-33
सलमान खुर्शीद (कांग्रेस, फर्रुखाबाद)
सांसद निधि खर्च किए 11.69 करोड़ (83.13 प्रतिशत)
चर्चा में हिस्सा लिया-64 बार
सवाल पूछे-0
सोनिया गांधी (कांग्रेस, रायबरेली)
सांसद निधि खर्च किए 13.69 करोड़ (82.66 प्रतिशत)
चर्चा में हिस्सा लिया-3 बार
सवाल पूछे-0
मुरली ने पूछे 500 से ज्यादा सवाल
मुरली मनोहर जोशी (भाजपा, वाराणसी)
सांसद निधि खर्च किए 14.52 करोड़ (76.17 प्रतिशत)
चर्चा में हिस्सा लिया-54 बार
सवाल पूछे-566
जगदंबिका पाल (कांग्रेस, डुमरियागंज)
सांसद निधि खर्च किए 18.24 करोड़ (95.69 प्रतिशत)
चर्चा में हिस्सा लिया-191 बार
सवाल पूछे-223
बेनी प्रसाद वर्मा (कांग्रेस, गोंडा)
सांसद निधि खर्च किए 15.25 करोड़ (80 प्रतिशत)
चर्चा में हिस्सा लिया-21 बार
सवाल पूछे-0
ये बोले सबसे ज्यादा
पीएल पुनिया (कांग्रेस, बाराबंकी)
सांसद निधि खर्च किए 15.96 करोड़ (83.72 प्रतिशत)
चर्चा में हिस्सा लिया-295 बार
सवाल पूछे-640
योगी आदित्यनाथ (भाजपा, गोरखपुर)
सांसद निधि खर्च किए 10.95 करोड़ (66.11 प्रतिशत)
चर्चा में हिस्सा लिया-88 बार
सवाल पूछे-345
धमेंद्र यादव (964), नीरज शेखर (811), अशोक कुमार रावत (799), गोरख प्रसाद जायसवाल (714), यशवीर सिंह (641), पीएल पुनिया (640), वरुण गांधी (632) राजकुमारी रत्ना सिंह (589), मुरली मनोहर जोशी (566), सुशीला सरोज (538), सुरेंद्र सिंह नागर (500)
सबसे अधिक सांसद निधि खर्च की
जगदंबिका पाल (डुमरियागंज)
95.69 प्रतिशत (18.24 करोड़)
राजकुमारी चौहान (अलीगढ़)
95.2७ प्रतिशत (18.16 करोड़)
राजकुमारी चौहान (अलीगढ़)
95.27 प्रतिशत (16.60 करोड़)
अजित सिंह (बागपत)
87.08 प्रतिशत, (16.60 करोड़)
दारा सिंह चौहान (घोसी)
88.66 प्रतिशत (16.90 करोड़)
निर्मल खत्री (फैजाबाद)
88.39 प्रतिशत (16.85 करोड़)
सबसे कम सांसद निधि खर्च की इन्होने
कमलेश पासवान (बांसगांव)
57.84 प्रतिशत (9.58 करोड़)
हर्षवर्धन (महराजगंज)
59.47 प्रतिशत (9.85 करोड़)
सुरेंद्र सिंह नागर (गौतमबुद्धनगर)
62.73 प्रतिशत (10.39 करोड़)
धनंजय सिंह (जौनपुर)
64.78 प्रतिशत (10.73 करोड़)
योगी आदित्यनाथ (गोरखपुर)
66.11 प्रतिशत (10.95 करोड़)
इनका रहा ये हाल
सांसद निधि खर्च किए 11.47 करोड़ (69.25 प्रतिशत)
चर्चा में हिस्सा लिया-36 बार
सवाल पूछे-0
जितिन प्रसाद (कांग्रेस, धौरहरा)
सांसद निधि खर्च किए 14.90 करोड़ (78.16 प्रतिशत)
चर्चा में हिस्सा लिया-40 बार
सवाल पूछे-0
मेनका गांधी (भाजपा, आंवला)
सांसद निधि खर्च किए 11.64 करोड़ (70.28 प्रतिशत)
चर्चा में हिस्सा लिया-11 बार
सवाल पूछे-335
वरूण ने खर्च की 85 प्रतिशत सांसद निधि
वरुण गांधी (भाजपा, पीलीभीत)
सांसद निधि खर्च किए 16.28 करोड़ (85.40 प्रतिशत)
चर्चा में हिस्सा लिया-4 बार
सवाल पूछे-632
राज बब्बर (कांग्रेस, फीरोजाबाद)
सांसद निधि खर्च किए 14.43 करोड़ (75.70 प्रतिशत)
चर्चा में हिस्सा लिया-8 बार
सवाल पूछे-11
अजित सिंह (आरएलडी, बागपत)
सांसद निधि खर्च किए 16.60 करोड़ (87.08 प्रतिशत)
चर्चा में हिस्सा लिया-10 बार
सवाल पूछे-0