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...तो पांच गुना बढ़ा किराया वसूलेगा नगर निगम
प्रवेंद्र/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Tue, 13 May 2014 04:08 AM IST
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नगर निगम अब अपनी आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों का किराया डीएम सर्किल रेट पर वसूलेगा।
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पिछले साल नगर निगम सदन में इस आशय का प्रस्ताव पारित किया गया था।
अब इस पर अमल शुरू करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इसके बाद किराए में करीब पांच गुना बढ़ोतरी हो जाएगी।
नगर निगम की शहर में करीब 2700 आवासीय व व्यावसायिक संपत्तियां हैं।
जिनसे सालाना करीब 68 लाख रुपये किराया मिलता है। दशकों पहले आवंटित की गईं ये संपत्तियां नाम मात्र के किराए पर हैं।
रिवर बैंक जैसी पॉश कॉलोनी में आज भी लोग महज 90 और 100 रुपये महीना किराया दे रहे हैं।
कॉलोनी में 251 मकान हैं। इनमें से उन्हीं मकानों का किराया 500 रुपये के आसपास है जिनमें अब मूल आवंटी नहीं हैं।
इसी तरह अमीनाबाद के प्रमुख गड़बड़झाला बाजार में दुकानें महज 35 रुपये महीने के किराये पर उठाई गई हैं।
डीएम सर्किल रेट लागू होने पर इन दुकानों का किराया कई गुना बढ़ जाएगा। नामांतरण के मामलों में तो डीएम सर्किल रेट के अनुसार किराये का निर्धारण कर भी दिया गया है।
अमीनाबाद में दुकान नंबर 146 का एरिया 4.41 वर्ग मीटर है। इसका किराया पहले 500 रुपये था, जो अब बढ़कर 2120 रुपये हो गया है।
डीएम सर्किल रेट पर किराया तय करने के बाद यह बढ़ोतरी हुई है।
इस इलाके में डीएम सर्किल रेट की किराया दर 480 रुपये प्रति वर्ग मीटर है।
व्यावसायिक संपत्तियों की तरह डीएम सर्किल रेट पर आवासीय संपत्तियों का किराया तय करने में पेंच फंस गया है।
इन मामलों को देखने वाले अपर नगर आयुक्त पीके श्रीवास्तव का कहना है कि व्यावसायिक संपत्तियों का किराया तय करने के रेट डीएम द्वारा निर्धारित हैं मगर आवासीय संपत्तियों के रेट तय नहीं हैं।
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ऐसे में आवासीय संपत्तियों का किराया निर्धारण किस तरह किया जाए, यह समस्या आई है।
ऐसे में यह प्रस्ताव बनाया गया कि आवासीय संपत्तियों के किराए का निर्धारण गृहकर की निर्धारित दरों के तहत किया जाए।
इसको लेकर प्रस्ताव सदन में मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा।