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Lucknow News: नाट्य पुस्तक ‘कालिंजर की राजनर्तकी’ का विमोचन

Sun, 13 Jul 2025 01:35 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ Updated Sun, 13 Jul 2025 01:35 AM IST
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Release of the drama book 'Kalinjar ki Rajnartki'
गोमतीनगर स्थित संगीत नाटक अकादमी में सेवानिवृत्त आईएएस रमेश मिश्रा की ओर से लिखित      पुस्तक क
लखनऊ। उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी में शनिवार को पूर्व आईएएस रमेश मिश्र की नाट्य पुस्तक ‘कालिंजर की राजनर्तकी’ का विमोचन पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने किया। इस पुस्तक में इतिहास के हाशिए पर छूटे किरदारों को संजोने और उनकी कहानी को मंच पर लाने की कोशिश की गई है।
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रमेश मिश्र ने बताया कि उन्होंने अपने प्रशासनिक अनुभव और ऐतिहासिक समझ से प्रेरित होकर यह नाटक लिखा है जो इतिहास के कई अनदेखे और अनकहे पक्ष को उजागर करता है।
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उन्होंने बताया कि कालिंजर की राजनर्तकी एक ऐसा ही किरदार है, जो न केवल चंदेलों के वैभवशाली इतिहास का हिस्सा थी, बल्कि वह उस समाज का दर्पण भी थी, जहां नारी को एक स्वतंत्र व्यक्तित्व के रूप में देखे जाने के स्थान पर केवल उपभोग की वस्तु माना गया। उन्होंने कहा कि मैं इतिहास का छात्र था और राजाओं, सेनापतियों, इमारतों तक सीमित इतिहास पढ़ते-पढ़ते ऊब गया था। मेरा मानना है कि एक मामूली किरदार की सोच भी राष्ट्र की दिशा बदल सकती है। ‘कालिंजर की राजनर्तकी’ उसी सोच की परिणति है। यह एक नारी की कथा है जो इतिहास में कहीं दर्ज नहीं है, लेकिन समाज के अंतर्मन में गूंजती है।
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इस अवसर पर मौजूद सेवानिवृत्त आईएएस अफसरों में शामिल शंभूनाथ, सुदेश कुमार ओझा, अजय उपाध्याय, अष्टभुजा प्रसाद त्रिपाठी, शरद कुमार सिंह, अजय कुमार सिंह और सतेंद्र सिंह यादव ने लेखक की प्रशासनिक और सांस्कृतिक यात्रा की सराहना की।


इस दौरान भारतीय संस्कृति, कला, संगीत, त्योहारों, परंपराओं और फैशन को अमेरिका सहित वैश्विक मंचों पर प्रस्तुत करने वाले प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म माईड्रीम टीवी यूएसए की लॉन्चिंग भी की गई। अभिनेता आशुतोष राणा अभिनीत फिल्म लकीरें के निर्देशक डॉ. दुर्गेश पाठक और लेखक सूर्य सक्सेना के अलावा खैरागढ़ विश्वविद्यालय की पूर्व कुलपति डॉ. पूर्णिमा पांडेय, पद्मश्री विद्याविंदु सिंह, डॉ. मीता सिंह आदि भी मौजूद रहे।
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