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राज्य सरकार ने दिए निर्देश, यहां भी स्वीकार किए जाएंगे पुराने नोट
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Wed, 16 Nov 2016 12:37 PM IST
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राज्य सरकार ने रजिस्ट्री दफ्तरों में 23 नवंबर तक 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट स्वीकार करने के निर्देश दिए हैं। प्रमुख सचिव एवं निबंधक, स्टांप एवं निबंधन अनिल कुमार ने मंगलवार को इसका आदेश जारी किया।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा आवश्यक सेवाओं में पुराने नोटों को स्वीकार करने को लेकर 11 नवंबर को जारी अधिसूचना के आधार पर प्रदेश के सभी रजिस्ट्री एवं निबंधन कार्यालयों में 23 नवंबर तक 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को स्वीकार करना अनिवार्य कर दिया गया है।
सभी रजिस्ट्री कार्यालयों में रजिस्ट्रेशन शुल्क के तौर पर लिए जाने वाले पुराने नोटों का पूरा लेखा-जोखा भी रखने के निर्देश दिए गए हैं। स्टांप वादों के निस्तारण के बाद यदि किसी भी व्यक्ति पर अतिरिक्त स्टांप शुल्क निर्धारित किया जाता है तो उस धनराशि का भुगतान भी पुराने नोटों के रूप में किया जा सकेगा। अनिल कुमार ने बताया कि इसके साथ ही रोज जमा होने वाली धनराशि को अगले दिन बैंकों में जमा करने जरूरी होगा।
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केंद्र द्वारा अचानक बड़े नोट बंद करने के फैसले से स्टांप एवं निबंधन विभाग को तगड़ा झटका लगा है। इससे प्रदेश भर में जहां रजिस्ट्री की संख्या में भारी गिरावट आई है, वहीं राजस्व भी करीब 77 फीसदी घट गया है।
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उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा आवश्यक सेवाओं में पुराने नोटों को स्वीकार करने को लेकर 11 नवंबर को जारी अधिसूचना के आधार पर प्रदेश के सभी रजिस्ट्री एवं निबंधन कार्यालयों में 23 नवंबर तक 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को स्वीकार करना अनिवार्य कर दिया गया है।
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सभी रजिस्ट्री कार्यालयों में रजिस्ट्रेशन शुल्क के तौर पर लिए जाने वाले पुराने नोटों का पूरा लेखा-जोखा भी रखने के निर्देश दिए गए हैं। स्टांप वादों के निस्तारण के बाद यदि किसी भी व्यक्ति पर अतिरिक्त स्टांप शुल्क निर्धारित किया जाता है तो उस धनराशि का भुगतान भी पुराने नोटों के रूप में किया जा सकेगा। अनिल कुमार ने बताया कि इसके साथ ही रोज जमा होने वाली धनराशि को अगले दिन बैंकों में जमा करने जरूरी होगा।
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केंद्र द्वारा अचानक बड़े नोट बंद करने के फैसले से स्टांप एवं निबंधन विभाग को तगड़ा झटका लगा है। इससे प्रदेश भर में जहां रजिस्ट्री की संख्या में भारी गिरावट आई है, वहीं राजस्व भी करीब 77 फीसदी घट गया है।
घट गया रजिस्ट्री का आंकड़ा
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बड़े नोट बंद होने से पहले प्रदेश भर में रोज औसतन 6500 रजिस्ट्री होती थी, लेकिन नौ नवंबर के बाद यह आंकड़ा औसतन 1500 तक सिमट गया। राजस्व वसूली पर भी इसका असर पड़ा और इस महीने निर्धारित लक्ष्य का 23 फीसदी राजस्व ही अब तक वसूल हो पाया है।
राजधानी के आठ सब रजिस्ट्रार कार्यालयों में निबंधन का कार्य एक तिहाई रह गया है। सामान्य दिनों में 350 से 450 तक की संख्या में होने वाली रजिस्ट्री का आकंड़ा औसतन 125 प्रतिदिन तक आ गया है।
डीआईजी स्टांप व निबंधन ने बताया कि मंगलवार शाम चार बजे से सभी सब रजिस्ट्रार कार्यालय में नई व्यवस्था लागू हो गई। मंगलवार को ही 24 लोगों ने पांच सौ व एक हजार के नोट से रजिस्ट्री शुल्क का भुगतान कर निबंधन कराया। निबंधन कार्यालयों में बुधवार से भीड़ जुटने की उम्मीद को देखते हुए विशेष इंतजाम करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
राजधानी के आठ सब रजिस्ट्रार कार्यालयों में निबंधन का कार्य एक तिहाई रह गया है। सामान्य दिनों में 350 से 450 तक की संख्या में होने वाली रजिस्ट्री का आकंड़ा औसतन 125 प्रतिदिन तक आ गया है।
डीआईजी स्टांप व निबंधन ने बताया कि मंगलवार शाम चार बजे से सभी सब रजिस्ट्रार कार्यालय में नई व्यवस्था लागू हो गई। मंगलवार को ही 24 लोगों ने पांच सौ व एक हजार के नोट से रजिस्ट्री शुल्क का भुगतान कर निबंधन कराया। निबंधन कार्यालयों में बुधवार से भीड़ जुटने की उम्मीद को देखते हुए विशेष इंतजाम करने के निर्देश भी दिए गए हैं।