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अब फ्लैट और प्लॉट की रजिस्ट्री से पहले यहां पंजीकरण कराना होगा जरूरी
अतुल भारद्वाज, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Fri, 25 May 2018 11:15 AM IST
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अवैध कॉलोनियों और बिना ले-आउट पास कराए बनने वाले अपार्टमेंट व व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स में खरीदी गई संपत्ति की रजिस्ट्री रियल एस्टेट रेग्युलेटरी अथॉरिटी (रेरा) में बिना पंजीकरण के नहीं हो सकेगी। यूपी रेरा इसके लिए नियम बना रहा है। प्रदेश सरकार की अनुमति लेकर जल्द ही इसे लागू कराया जाएगा।
रेरा के सचिव अबरार अहमद का कहना है कि नियमों का प्रारूप तैयार किया जा रहा है। इसके लागू होने के बाद ऐसी संपत्तियों का निबंधन रुक जाएगा जिनके प्रोजेक्ट का पंजीकरण रेरा में नहीं कराया गया है। हम चाहते हैं कि अनियोजित रूप से विकसित हो रही कॉलोनियों या अवैध बन रहे अपार्टमेंट पर रोक लगाई जाए।
इनमें से अधिकतर के नक्शे सक्षम प्राधिकरण या विभाग से स्वीकृत नहीं कराए गए होते हैं। रेरा में पंजीकरण की अनिवार्यता लागू होने के बाद अवैध निर्माण को रोका जा सकेगा।
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सचिव ने कहा, हम अवैध निर्माण या अनियोजित कॉलोनी में संपत्तियां खरीद कर फंसने वालों केहित में काम कर रहे हैं। हमारी कोशिश है कि विकासकर्ता या बिल्डर्स खरीदारों के साथ ठगी न कर सकें। इसलिए यह सख्त कदम उठाया गया है। इस नियम के लागू होने से लोग वैध संपत्ति ही खरीद सकेंगे। वहीं, बिल्डर्स के वादे के मुताबिक खरीदारों को संपत्ति और सुविधाएं मिलना सुनिश्चित हो सकेगा।
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रेरा के सचिव अबरार अहमद का कहना है कि नियमों का प्रारूप तैयार किया जा रहा है। इसके लागू होने के बाद ऐसी संपत्तियों का निबंधन रुक जाएगा जिनके प्रोजेक्ट का पंजीकरण रेरा में नहीं कराया गया है। हम चाहते हैं कि अनियोजित रूप से विकसित हो रही कॉलोनियों या अवैध बन रहे अपार्टमेंट पर रोक लगाई जाए।
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इनमें से अधिकतर के नक्शे सक्षम प्राधिकरण या विभाग से स्वीकृत नहीं कराए गए होते हैं। रेरा में पंजीकरण की अनिवार्यता लागू होने के बाद अवैध निर्माण को रोका जा सकेगा।
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सचिव ने कहा, हम अवैध निर्माण या अनियोजित कॉलोनी में संपत्तियां खरीद कर फंसने वालों केहित में काम कर रहे हैं। हमारी कोशिश है कि विकासकर्ता या बिल्डर्स खरीदारों के साथ ठगी न कर सकें। इसलिए यह सख्त कदम उठाया गया है। इस नियम के लागू होने से लोग वैध संपत्ति ही खरीद सकेंगे। वहीं, बिल्डर्स के वादे के मुताबिक खरीदारों को संपत्ति और सुविधाएं मिलना सुनिश्चित हो सकेगा।
अभी हो रहे धड़ल्ले से निबंधन
अभी मौजूदा हालत यह है कि उन संपत्तियों का निबंधन भी रजिस्ट्रार कार्यालय में धड़ल्ले से होता है जिनके ले-आउट या मानचित्र विकास प्राधिकरण, आवास विकास परिषद या जिला पंचायत से पास नहीं कराए जाते हैं। ऐसे में अवैध निर्माण और अनियोजित कॉलोनियों के विकास को बढ़ावा मिलता है। जनता भी सस्ते के लालच में बिल्डर्स के धोखे में फंस जाती है।
यूपी में 2398 प्रोजेक्ट ही पंजीकृत
रेरा के रिकॉर्ड के मुताबिक अभी पूरे यूपी में 2398 प्रोजेक्ट ही पंजीकृत हुए हैं जबकि इनकी संख्या कई गुना है। अकेले लखनऊ में अभी तक सिर्फ 490 प्रोजेक्ट ही पंजीकृत हैं। जानकारों के मुताबिक इससे कहीं अधिक प्रोजेक्ट अभी बिना पंजीकरण के चल रहे हैं।
यूपी में 2398 प्रोजेक्ट ही पंजीकृत
रेरा के रिकॉर्ड के मुताबिक अभी पूरे यूपी में 2398 प्रोजेक्ट ही पंजीकृत हुए हैं जबकि इनकी संख्या कई गुना है। अकेले लखनऊ में अभी तक सिर्फ 490 प्रोजेक्ट ही पंजीकृत हैं। जानकारों के मुताबिक इससे कहीं अधिक प्रोजेक्ट अभी बिना पंजीकरण के चल रहे हैं।