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UP: बिजली विभाग में संविदा कर्मियों की छंटनी का मामला, नियामक आयोग ने निगम प्रबंधन से 7 दिन में मांगी रिपोर्ट
Sun, 22 Mar 2026 09:15 AM IST
Bhupendra Singh
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: Bhupendra Singh
Updated Sun, 22 Mar 2026 09:15 AM IST
सार
यूपी में बिजली विभाग में संविदा कर्मियों की छंटनी का मामला एक बार फिर उठा है। मामले में नियामक आयोग ने निगम प्रबंधन से सात दिन में रिपोर्ट मांगी है। आगे पढ़ें पूरी खबर...
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पावर सब स्टेशन में कार्य करते बिजली कर्मी। (सांकेतिक)
- फोटो : संवाद
विस्तार
उत्तर प्रदेश में राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने मध्यांचल विद्युत वितरण निगम में जनसुनवाई से जुड़े संविदा कर्मचारियों की छंटनी का मुद्दा उठाया है। इस पर नियामक आयोग ने निगम प्रबंधन से सात दिन के भीतर जवाब मांगा है।
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वर्मा ने कहा कि लगातार संविदा कर्मियों को हटाने से प्रदेश की विद्युत व्यवस्था प्रभावित हो रही है और बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति बन रही है। परिषद का आरोप है कि प्रबंधन के फैसले हड़ताल जैसी परिस्थितियां पैदा कर रहे हैं, ऐसे में जिम्मेदार अधिकारियों पर एस्मा लागू किया जाना चाहिए।
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फील्ड कर्मचारियों की छंटनी जारी है
उन्होंने बताया कि बरेली में भी यह मुद्दा उठाया गया था। वहां उद्योग संगठनों और उपभोक्ता प्रतिनिधियों ने परिषद के पक्ष का समर्थन किया। वर्ष 2024-25 में निगम ने कॉन्ट्रैक्ट मैनपावर पर 417 करोड़ रुपये खर्च किए, इसके बावजूद फील्ड कर्मचारियों की छंटनी जारी है। इससे बिजली आपूर्ति बहाल करने में देरी और राजस्व नुकसान बढ़ रहा है।
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