फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Reeta bahuguna joshi always criticized BJP.

भाजपा-संघ को जमकर कोसने वाली रीता अब मोदी की शान में पढ़ेंगी कसीदे

Fri, 21 Oct 2016 01:51 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Fri, 21 Oct 2016 01:51 AM IST
विज्ञापन
Reeta bahuguna joshi always criticized BJP.
भाजपा में रीता बहुगुणा जोशी का स्वागत करते अमित शाह - फोटो : amar ujala

कांग्रेस में रहते हुए सांप्रदायिकता की दुहाई देकर भाजपा व आरएसएस को पानी पी-पी कर कोसने वाली रीता बहुगुणा जोशी अब उन्हीं के कसीदे पढ़ेंगी।

विज्ञापन


कांग्रेस ने उनके बजाय दूसरी ‘ब्राह्मण’ महिला नेता शीला दीक्षित को विधानसभा चुनाव के लिए सीएम क्या प्रोजेक्ट किया, रीता ने ‘सेकुलरिज्म’ से तौबा करते हुए भगवा खेमे की तरफ रुख कर लिया।
विज्ञापन


अभी ज्यादा दिन नहीं बीते, जब रीता ‘अच्छे दिनों’ को लेकर नरेंद्र मोदी व अमित शाह पर तंज कसती रहती थीं, लेकिन सियासी वजूद पर खतरा मंडराने लगा तो उन्हें मोदी सरकार से लेकर भाजपा तक में सब कुछ ‘अच्छा’ लगने लगा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


24 साल तक कांग्रेस में रहने के बाद आखिरकार रीता बहुगुणा जोशी ने भाजपा का दामन थाम ही लिया। पिता हेमवती नंदन बहुगुणा का मुसलमानों के बीच खासा प्रभाव था जिसका फायदा कांग्रेस में रहते हुए रीता को भी मिला।

पार्टी बदलते ही बदल गया 'मन'

Reeta bahuguna joshi always criticized BJP.

रीता की गिनती कांग्रेस के उन चुनिंदा नेताओं में होती थी जो आरएसएस व भाजपा पर तीखे हमले का कोई मौका गंवाते नहीं थे। 2012 का विधानसभा चुनाव हो या फिर 2014 का लोकसभा चुनाव, रीता भाजपा पर सांप्रदायिकता का आरोप लगाते हुए हमलावर रहीं, लेकिन पार्टी बदलते ही उनका ‘मन’ भी बदल गया। हाल ही तक ‘अच्छे दिनों’ के नारे को लेकर तंज कसने वाली रीता अब प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ कर रही हैं।

जेएनयू से लेकर वेमुला तक घेरा था भाजपा को
रीता बहुगुणा ने जेएनयू में कन्हैया कुमार विवाद व हैदराबाद के रोहित वेमुला मामले पर भाजपा को घेरने में कोई कसर बाकी नहीं रखी थी। वे भाजपा व संघ परिवार पर एक खास तरह की विचारधारा को थोपने का इल्जाम लगा रही थीं। अब चुनाव से ठीक पहले वह खुद उसी विचारधारा से जुड़ गई हैं।

मोदी- शाह रहते थे निशाने पर
जिन अमित शाह के बगल में बैठकर रीता ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की, बतौर कांग्रेसी उन्हें भी कोसने का वह कोई मौका नहीं गंवाती थीं। रीता ने ट्वीट किया था- ‘अच्छे दिन पांच साल में, दस साल में, नहीं-नहीं 25 साल में, नरेंद्र मोदी और अमित शाह आप लोगों को एक बार बेवकूफ  बना सकते हो, बार-बार नहीं।’

संबित पात्रा पर किया था मानहानि का मुकदमा

Reeta bahuguna joshi always criticized BJP.
संब‌ित पात्रा

रीता ने भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा पर मानहानि का मुकदमा भी किया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि संबित ने एक चैनल पर बहस के दौरान श्रीराम के नाम को लेकर उनके बयान को ऐसे तोड़-मरोड़ कर पेश किया जिससे लोगों को लगे कि वह हिंदू विरोधी हैं।

उनका कहना था कि वह एक निष्ठावान हिंदू हैं व भगवान श्रीराम उनके इष्ट हैं। वह सभी धर्मों का सम्मान करती हैं। धर्म के नाम पर घृणा फैलाने वालों का वह खुलकर विरोध करती हैं।

साइबर सेल में की थी शिकायत, एफआईआर भी हुई
रीता ने इसी साल जनवरी में संबित पात्रा की शिकायत साइबर सेल में भी की। साइबर सेल की जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद हुसैनगंज कोतवाली में एफआईआर दर्ज की गई।

हजरतगंज कोतवाली के विवेचना सेल के इंस्पेक्टर अरुण कुमार सिंह ने बताया कि राम मंदिर से संबंधित टिप्पणी के बाद रीता के वॉट्सएप नंबर पर कई लोगों ने कमेंट भेजे थे। साइबर सेल ने रीता के लिए अपशब्द लिखने वाले लोगों के करीब 35 मोबाइल नंबर चिह्नित किए। पड़ताल में 20 लोगों के कमेंट आपत्तिजनक पाए गए। ये कमेंट गुजरात, महाराष्ट्र, त्रिवेंद्रम, गोवा सहित अन्य राज्यों के लोगों ने किए थे।

कांग्रेसी भड़के, बताया-दगाबाज, फितरती व गद्दार

Reeta bahuguna joshi always criticized BJP.
राज बब्बर

विधानमंडल दल के कांग्रेस नेता प्रदीप माथुर का कहना है कि कांग्रेस ने उन्हें इतना दिया, फिर भी उन्होंने गद्दारी की। मुझे पहले से मालूम था कि ये फितरती महिला हैं। उनके डीएनए में ही गड़बड़ी है।

वहीं, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर ने कहा कि रीता खानदानी दगाबाज हैं। भाजपा दगाबाजों की फौज इकट्ठा कर रही है।

उत्तराखंड के सीएम हरीश रावत ने कहा कि कांग्रेस ने अनुभवहीन को उत्तराखंड में सीएम बनाया, तो इंदिराजी को तानाशाह बताने वाली को यूपी में प्रदेशाध्यक्ष। उन्हें हैसियत से ज्यादा दे दिया, जो पचा नहीं। चले गए, अच्छा हुआ।

यूपी के कांग्रेस प्रभारी गुलाम नबी आजाद ने कहा कि अवसरवादी नेता एक जगह नहीं टिकते। हार के डर से वे अपनी सीट बदलवाने का दबाव बना रही थीं। असल में वे अपनी सीट तक नहीं जीत सकती।

रीता खुद बता चुकीं हैं मोदी को सांप्रदायिक

Reeta bahuguna joshi always criticized BJP.

देश में इस समय भय व संदेह का माहौल है। असहिष्णुता बढ़ रही है। सरकार जानबूझकर आंखें मूंदे है। प्रधानमंत्री शांत हैं। (4 नवंबर, 2015)

मोदी कट्टरपंथ के प्रतीक हैं। वे कहीं न कहीं सांप्रदायिकता के पक्षधर हैं। उनकी विचारधारा एकतरफा है। देश में सर्वधर्म सम्भाव की नीति व सोच से उनका मेल नहीं है। उनकी बातें देश-विरुद्ध हैं। (22 जुलाई, 2013)

बिहार के नतीजे देश के सेक्युलर मिजाज की जीत है। मोदी के अहंकार और भाजपा-आरएसएस की सांप्रदायिक अप्रोच को नकार दिया है। (8 नवंबर, 2015)

वहीं लोकसभा चुनाव से पहले इलाहाबाद में उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के बारे में कहा था कि वह फुंका हुआ कारतूस हैं, जो भाजपा के लिए नुकसानदेह साबित होंगे। यूपी की जनता उन्हें स्वीकार नहीं करेगी। यहां जनता सांप्रदायिक सौहाद्र्र से जीना चाहती है।

भाजपा पर ये किए थे ये तीखे ट्वीट

Reeta bahuguna joshi always criticized BJP.
रीता बहुगुणा और सोनिया गांधी

- उन्होंने सदन न चलने देने पर ट्वीट किया था कि नरेंद्र मोदी सदन ना चलने की शिकायत करते रहते हैं। भाजपा ने कितने दिन लोकसभा चलने दी थी मोदी जी। (3, मार्च 2016)

- मुजफ्फरनगर रेप केस का सांप्रदायिकरण करने की कोशिश में भाजपा की बुरी तरह से पोल खुल गई। गंदी राजनीति नहीं चलने वाली। (21, जनवरी 2016)

- भारत-पाकिस्तान के रिश्ते बड़े संवेदनशील हैं। उसमें सावधानी बरतनी पड़ेगी। प्रधानमंत्री की अपनी-अपनी सोच के आधार पर बात नहीं बनने वाली। (25, दिसम्बर 2015)

- राहुल गांधी को बधाई जिन्होंने बिहार में महागठबंधन के गठन में अहम भूमिका निभाई जिसने बिहार में भाजपा को धूल चटा दी। (8, नवम्बर 2015)

- बिहार की जीत भारत की धर्म निरपेक्ष सोच की जीत है, मोदी का घमंड और भाजपा-संघ की सांप्रदायिकता को लोगों ने नकार दिया। (8, नवम्बर 2015)

- मोदी जी के मौन की वजह से गुजरात में नरसंहार हुआ। इस बार उनका मौन पूरे भारत को हिंसा व नफरत में डुबो देगा। (19, अक्टूबर 2015)

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed