पहला चरण: 58 हजार शिक्षामित्र बनेंगे शिक्षक
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बेसिक शिक्षा विभाग शिक्षा मित्रों को सहायक अध्यापक के पद पर समायोजन की प्रक्रिया सोमवार से शुरू करेगा। पहले चरण में 58,826 शिक्षा मित्रों को सहायक अध्यापक बनाया जाएगा।
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) प्राचार्य पहले चरण में दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से दो वर्षीय सफलतापूर्वक परीक्षा पास करने वालों की सूची आज जिलेवार बेसिक शिक्षा अधिकारियों को सौंपेंगे।
इसके बाद 7 जुलाई तक काउंसलिंग के लिए कार्यक्रम जिलेवार जारी कर दिए जाएंगे। बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक स्कूलों में 1.70 लाख शिक्षा मित्र बच्चों को पढ़ा रहे हैं।
31 जुलाई तक पूरी हो जाएगी प्रक्रिया
मौजूदा समय में शिक्षामित्रों को प्रतिमाह 3500 रुपये मानदेय दिया जा रहा है। राज्य सरकार शिक्षा मित्रों को दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से दो वर्षीय बीटीसी प्रशिक्षण देकर परिषदीय स्कूलों में समायोजित करना चाहती है।
शिक्षा मित्रों को तीन चरणों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पहले चरण में 60,000 को प्रशिक्षण दिया गया जिसमें 58,826 ने बीटीसी परीक्षा उत्तीर्ण की है।
दूसरे चरण में 64,000 और तीसरे चरण में 46,000 शिक्षा मित्रों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
शिक्षा मित्रों के समायोजन की प्रक्रिया सोमवार से शुरू कर 31 जुलाई तक पूरी कर ली जाएगी।
1.70 लाख शिक्षामित्रों का होगा समायोजन
प्रदेश के कुल 1.70 लाख शिक्षामित्रों का समायोजन होगा। सरकार के निर्देश पर बेसिक शिक्षा विभाग ने पिछले दिनों दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से दो वर्षीय बीटीसी प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले शिक्षा मित्रों को सहायक अध्यापक के पद पर समायोजित करने संबंधी आदेश जारी कर दिया था।
बेसिक शिक्षा निदेशालय में इस संबंध में उच्चाधिकारियों की बैठक में तय किया गया कि शिक्षा मित्रों को बंद और एकल स्कूलों में सहायक अध्यापक बनाया जाएगा।
बदले गए थे नियम
गौरतलब है कि समायोजन के लिए उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा अध्यापक सेवा नियमावली 1981 में संशोधन किया जा गया था।
लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने के चलते इस पर निर्णय नहीं हो पाया था।
सचिव बेसिक शिक्षा नीतीश्वर कुमार ने आचार संहिता समाप्त होते ही बेसिक शिक्षा मंत्री के पास फाइल भेजी थी।