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साक्षरता बढ़ाने के लिए होगी 3100 प्रेरकों की भर्ती
शैलेंद्र श्रीवास्तव/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Wed, 01 Jan 2014 01:10 AM IST
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मुख्य सचिव जावेद उस्मानी ने राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण की बैठक निर्धारित समय से न कराने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि निर्धारित छह माह में बैठक जरूर कराई जाए।
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उन्होंने बैठक समय से न कराने के लिए दोषी अधिकारियों को चिह्नित कर एक सप्ताह में बताने को कहा है।
उन्होंने ग्राम पंचायतों में रहने वाले 15 वर्ष से अधिक आयु वाले सभी निरक्षरों को साक्षर करने के लिए तीन माह में रिक्त 3100 प्रेरकों को रखने का निर्देश दिया। वह मंगलवार को राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
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मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश के 66 जिलों में चल रहे राज्य साक्षरता मिशन में तेजी लाने के लिए जिलेवार प्रगति की जानकारी प्रत्येक माह उपलब्ध कराई जाए।
ग्रामीण क्षेत्रों में योजना संचालित कराके अनुसूचित जाति, जनजाति व अल्पसंख्यक समुदायों को साक्षर बनाने में प्राथमिकता दी जाएगी।
ग्राम पंचायत स्तर पर एक लोक शिक्षा केंद्र की स्थापना व बनने के बाद उस पर दो पूर्णकालिक प्रेरक रखे जाएं।
उन्होंने कहा, नवसाक्षरों की आमदनी में बढ़ोतरी तथा उनके रहन-सहन को बेहतर बनाने के लिए उन्हें व्यावसायिक तथा कौशल विकास से प्रशिक्षित कराया जाएगा।
ग्रामीण क्षेत्र में अनुसूचित जाति, जनजाति, अल्पसंख्यक समुदाय की महिलाओं व अन्य वंचित वर्ग को प्राथमिकता दी जाएगी।
निरक्षरों को साक्षर करने के लिए 90 प्रतिशत महिलाएं व 10 प्रतिशत पुरुष अभियान में शामिल किए जाएं।