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कई राज्यों में ट्रांसजेंडर पुलिस में हुए भर्ती : मध्य प्रदेश में हो चुकी है शुरुआत, यूपी पुलिस को करनी है पहल

Sun, 24 Sep 2023 09:24 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Sun, 24 Sep 2023 09:24 PM IST
सार

मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में तैनात महिला सिपाही को लिंग परिवर्तन कराने की सशर्त अनुमति दी जा चुकी है। उससे पहले निवाड़ी में तैनात महिला पुलिसकर्मी को भी इसकी अनुमति मिली थी।

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Recruitment in transgender police in many states: It has started in Madhya Pradesh
लखनऊ के थाना कैसरबाग में प्रदेश के पहले ट्रांसजेंडर पुलिस सहायता केंद्र का उद्घाटन करते पुलिस उपायुक्त सोमेन वर्मा और साथ में अपर पुलिस उपायुक्त पश्चिम चिरंजीव नाथ सिन्हा (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में तैनात महिला सिपाही को लिंग परिवर्तन कराने की सशर्त अनुमति दी जा चुकी है। उससे पहले निवाड़ी में तैनात महिला पुलिसकर्मी को भी इसकी अनुमति मिली थी। जेंडर डिस्फोरिया के मामले में मध्य प्रदेश पुलिस ने इसकी पहल की है, तो दूसरी ओर कई राज्यों के पुलिस बल में ट्रांसजेंडर की भर्ती की कवायद भी जा रही है। अब उत्तर प्रदेश में भी इसकी पहल हो सकती है।

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प्रदेश पुलिस में तैनात दो महिला पुलिसकर्मियों ने अपने लिंग परिवर्तन के लिए डीजीपी मुख्यालय से अनुरोध किया था। इनमें से एक महिला आरक्षी ने हाईकोर्ट की शरण ली, जिसके बाद अदालत ने राज्य सरकार से इस बारे में नियमावली पर विचार करने और महिला आरक्षी के प्रतिवेदन को गुण-दोष के आधार पर निस्तारित करने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट के इस रुख के बाद नई बहस शुरू हो गयी है कि क्या जेंडर डिस्फोरिया की समस्या से ग्रसित लोगों को पुलिस बल में बने रहने के लिए अनुमति दी जा सकती है। यदि हम अन्य राज्यों में सामने आए ऐसे प्रकरणों की बात करें तो मध्य प्रदेश का नाम सबसे पहले सामने आता है। महाराष्ट्र में भी ऐसा ही मामला सामने आ चुका है, हालांकि वहां आवेदन करने वाली महिला आरक्षी को इसकी अनुमति नहीं मिल सकी। हाईकोर्ट जाने पर उसे मैट (महाराष्ट्र प्रशासनिक न्यायाधिकरण) जाने की सलाह दी गयी थी। फिलहाल यूपी पुलिस के अधिकारी मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में सामने आए ऐसे प्रकरणों की जानकारी जुटा रहे हैं।
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कई राज्य कर रहे ट्रांसजेंडर की भर्ती
वहीं अगर ट्रांसजेंडर की बात करें तो पंजाब पुलिस में इसकी कवायद शुरू हो चुकी है। बीते एक साल के दौरान देश के कई अन्य राज्यों जैसे बिहार, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, कर्नाटक में भी इसी तरह ट्रांसजेंडर को पुलिस बल में शामिल किया जा रहा है। कई राज्यों ने इसकी नियमावली भी बनाई है, जिसमें ट्रांसजेंडर की भर्ती के नियमों का उल्लेख किया गया है। फिलहाल ट्रांसजेंडर को नियुक्ति के बाद रिजर्व श्रेणी में रखा जा रहा है।
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क्या कहा था हाईकोर्ट ने
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महिला सिपाही की याचिका पर सुनवाई के बाद कहा था कि कभी-कभी यह परेशानी बेहद खतरनाक साबित हो सकती है। आधुनिक समाज में पहचान बदलने के अधिकार से वंचित किया जाना लिंग पहचान विकार सिंड्रोम कहलाएगा। ऐसा इंसान विकार, चिंता, अवसाद आदि से ग्रसित हो सकता है। अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का भी जिक्र किया, जिसमें लिंग पहचान को व्यक्ति की गरिमा का अभिन्न अंग माना गया है। वहीं, राजस्थान हाईकोर्ट के एक हालिया फैसले का भी उल्लेख किया, जिसने एक शारीरिक प्रशिक्षण प्रशिक्षक को लिंग परिवर्तन सर्जरी के बाद सेवा रिकॉर्ड में अपना नाम और लिंग बदलने की अनुमति दी गयी थी।

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