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पांच साल बाद संस्कृत स्कूलों में होंगी भर्ती
शैलेंद्र श्रीवास्तव/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Tue, 31 Dec 2013 01:23 AM IST
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संस्कृत स्कूलों में पांच साल बाद फिर से मृतक आश्रित कोटे पर भर्ती प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। इन्हें योग्यता के आधार पर नौकरियां दी जाएंगी।
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प्रदेश में मृतक आश्रित कोटे में नौकरी के कितने दावेदार हैं, इसकी जिलेवार सूची मांगी गई है। इस संबंध में सचिव बेसिक शिक्षा जितेंद्र कुमार ने शासनादेश जारी कर दिया है।
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प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा परिषद के अधीन संस्कृत शिक्षा परिषद का गठन किया गया है। मौजूदा समय परिषद से सहायता प्राप्त 846 संस्कृत स्कूल हैं।
इन स्कूलों में शिक्षक और कर्मचारियों को सरकारी स्कूलों के समान सुविधाएं दी जाती हैं। वर्ष 2009 में नियमावली में संशोधन की प्रक्रिया शुरू होने की वजह से मृतक आश्रित कोटे पर भर्ती प्रक्रिया रोक दी गई।
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इसके बाद से मृतक आश्रित कोटे में नौकरी पाने के लिए कई बार शासन से लिखा-पढ़ी की गई, लेकिन भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद ने शासन से भर्ती प्रक्रिया शुरू करने का अनुरोध किया था। इसके आधार पर ही यह अनुमति दी गई है।
इसके मुताबिक उत्तर प्रदेश माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद विनियमावली 2009 में जब तक संशोधन नहीं हो जाता है, तब तक संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय तथा उससे संबद्ध राज्य सहायता प्राप्त विद्यालयों के सेवाकाल में मृत शिक्षक शिक्षणेतर कर्मियों के आश्रितों संबंधी नियमावली के आधार पर मृतक आश्रितों को नौकरी दी जाएगी।