सीएमएस स्कूल की मान्यता खत्म करने की सिफारिश, ये है मामला
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निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत गरीब बच्चों को दाखिला न देने के मुद्दे पर सिटी मॉन्टेसरी स्कूल की मान्यता समाप्त करने की सिफारिश की गई है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. अमरकांत सिंह ने सीएमएस की मान्यता काउंसिल फॉर इंडियन स्कूल (सीआईसीएसई) से समाप्त करने के लिए पत्र लिखा है।
सीएमएस पर दुर्बल आय वर्ग के बच्चों को दाखिला आरटीई के तहत दाखिला न देने का आरोप है।आरटीई अधिनियम के तहत अल्पसंख्यक संस्थानों को छोड़कर सभी निजी स्कूलों को उनके यहां की 25 फीसदी सीटों पर गरीब बच्चों को दाखिला देना अनिवार्य है।
इस साल सीएमएस में 270 बच्चे आरटीई के तहत दाखिला लेने के लिए भेजे गए थे। इनमें से विद्यालय ने सिर्फ दो बच्चों को ही दाखिला दिया है। डॉ. अमर कांत सिंह का कहना है कि सीएमएस को नियमानुसार चयनित बच्चों का दाखिला लेने को कहा गया था। इसके बावजूद विद्यालय ने दाखिला नहीं दिया।
वर्ष 2016 में भी की गई थी सिफारिश
नोटिस जारी करने के बाद अब विद्यालय की मान्यता समाप्त करने की सिफारिश की गई है। सीएमएस की मान्यता समाप्ति करने के लिए यह पहला पत्र नहीं है। इससे पहले वर्ष 2016 में भी विद्यालय की मान्यता समाप्त करने की सिफारिश की गई थी। लेकिन इसके बावजूद उस समय कुछ नहीं हुआ था।
'जो बच्चे शर्ते पूरी करते थे उन्हें दाखिला दिया गया है। जिन बच्चों को दाखिला नहीं दिया गया है वे नियमों में नहीं आते हैं। इसलिए उनके दाखिले नहीं किये गये हैं।' - ऋषि खन्ना प्रवक्ता, सीएमएस