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कक्षा आठ तक कीमान्यता पढ़ाई हाईस्कूल तक की
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मान्यता आठवीं तक, पढ़ाई हाईस्कूल की
छात्रों की शिकायत पर हुई जांच में खुला मामला
स्कूल प्रशासन छात्रों से वसूल रहा मोटी फीस
सीजी सिटी के मस्तेमऊ गंजरिया फार्म स्थित एक स्कूल की मान्यता कक्षा आठवीं तक की है, लेकिन उसमें यूपी बोर्ड के कक्षा 10वीं तक की पढ़ाई चल रही है। स्कूल प्रशासन कक्षा नौ और कक्षा 10 के छात्रों से मोटी फीस वसूलता है। छात्रों को जब हाईस्कूल की मान्यता न होने की भनक लगी तो उन्होंने जिला विद्यालय निरीक्षक से जांच कराने की मंाग की। जांच में स्कूल फर्जीवाड़ा सामने आया।
कलावती कॉन्वेंट पब्लिक स्कूल को बेसिक से कक्षा आठवीं तक की मान्यता है। लेकिन स्कूल प्रशासन हाईस्कूल तक की पढ़ाई कराता है। स्कूल प्रशसन कक्षा नौ के छात्रों से पंजीकरण शुल्क और हाईस्कूल के छात्रों से बोर्ड फीस भी वसूलता है। सोमवार को काफी संख्या में छात्र क्षेत्रीय नेता रितेश साहू व अन्य के साथ जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पहुंचे और लिखित में शिकायत दर्ज कराई। डीआईओएस डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने तुरंत टीम भेजकर मौके पर जांच कराई तो वहां काफी संख्या में कक्ष नौ और 10 में छात्र पढ़ते मिले। जांच टीम ने प्रधानाचार्य विजय शंकर यादव से स्कूल की हाईस्कूल तक की मान्यता के कागजात मांगे तो वे दिखा नहीं पाए।
मोटी फीस की वसूली
स्कूल प्रशासन कक्षा नौ के छात्रों से 500 रुपये और 10 के छात्रों से 520 रुपये महीना फीस वसूलता है। इसके अलावा सभी छात्रों से 100 रुपये डायरी शुल्क वसूला गया। विकास शुल्क के नाम पर 50 रुपये के अलावा कक्षा नौ के छात्रों से 120 रुपये परीक्षा शुल्क और कक्षा 10 के छात्रों से 510 रुपये परीक्षा शुल्क वसूला गया। यही नहीं कक्षा 10 के बोर्ड फॉर्म भरने के लिए हर छात्र से 1500 रुपये बतौर बोर्ड फीस भी मांगी गई। वहीं विकास शुल्क और स्टैंड शुल्क भी छात्रों से वसूला गया। छात्रों ने इन सभी के साक्ष्य प्रस्तुत किए।
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दो साल से करा रहा था हाईस्कूल की पढ़ाई
छात्रों का आरोप है कि स्कूल प्रशसन पिछले दो वर्षाें से हाईस्कूल की पढ़ाई करा रहा था। बिना मान्यता के ही वह छात्रों का पंजीकरण भी करा रहा था और बोर्ड फॉर्म भी भरवा रहा था। कहां से भरवा रहा था यह सबसे बड़ा सवाल है। छात्रों ने इस बाबत स्कूल प्रशासन से सवाल किया, लेकिन उसने बताने से मना कर दिया। स्कूल प्रशासन हाईस्कूल की कक्षाएं परिसर के बरामदे में संचालित करता है।
जांच रिपोर्ट आने पर होगी कार्रवाई
कलावती कॉन्वेंट स्कूल की शिकायत आने पर उसकी तुरंत जांच कराई गई। प्रथम दृष्ट्या यह स्कूल फर्जी निकला है। हाईस्कूल की मान्यता का कोई प्रमाण नहीं दिखा पाया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद स्कूल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. मुकेश कुमार सिंह, डीआईओएस
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छात्रों की शिकायत पर हुई जांच में खुला मामला
स्कूल प्रशासन छात्रों से वसूल रहा मोटी फीस
सीजी सिटी के मस्तेमऊ गंजरिया फार्म स्थित एक स्कूल की मान्यता कक्षा आठवीं तक की है, लेकिन उसमें यूपी बोर्ड के कक्षा 10वीं तक की पढ़ाई चल रही है। स्कूल प्रशासन कक्षा नौ और कक्षा 10 के छात्रों से मोटी फीस वसूलता है। छात्रों को जब हाईस्कूल की मान्यता न होने की भनक लगी तो उन्होंने जिला विद्यालय निरीक्षक से जांच कराने की मंाग की। जांच में स्कूल फर्जीवाड़ा सामने आया।
कलावती कॉन्वेंट पब्लिक स्कूल को बेसिक से कक्षा आठवीं तक की मान्यता है। लेकिन स्कूल प्रशासन हाईस्कूल तक की पढ़ाई कराता है। स्कूल प्रशसन कक्षा नौ के छात्रों से पंजीकरण शुल्क और हाईस्कूल के छात्रों से बोर्ड फीस भी वसूलता है। सोमवार को काफी संख्या में छात्र क्षेत्रीय नेता रितेश साहू व अन्य के साथ जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पहुंचे और लिखित में शिकायत दर्ज कराई। डीआईओएस डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने तुरंत टीम भेजकर मौके पर जांच कराई तो वहां काफी संख्या में कक्ष नौ और 10 में छात्र पढ़ते मिले। जांच टीम ने प्रधानाचार्य विजय शंकर यादव से स्कूल की हाईस्कूल तक की मान्यता के कागजात मांगे तो वे दिखा नहीं पाए।
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मोटी फीस की वसूली
स्कूल प्रशासन कक्षा नौ के छात्रों से 500 रुपये और 10 के छात्रों से 520 रुपये महीना फीस वसूलता है। इसके अलावा सभी छात्रों से 100 रुपये डायरी शुल्क वसूला गया। विकास शुल्क के नाम पर 50 रुपये के अलावा कक्षा नौ के छात्रों से 120 रुपये परीक्षा शुल्क और कक्षा 10 के छात्रों से 510 रुपये परीक्षा शुल्क वसूला गया। यही नहीं कक्षा 10 के बोर्ड फॉर्म भरने के लिए हर छात्र से 1500 रुपये बतौर बोर्ड फीस भी मांगी गई। वहीं विकास शुल्क और स्टैंड शुल्क भी छात्रों से वसूला गया। छात्रों ने इन सभी के साक्ष्य प्रस्तुत किए।
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दो साल से करा रहा था हाईस्कूल की पढ़ाई
छात्रों का आरोप है कि स्कूल प्रशसन पिछले दो वर्षाें से हाईस्कूल की पढ़ाई करा रहा था। बिना मान्यता के ही वह छात्रों का पंजीकरण भी करा रहा था और बोर्ड फॉर्म भी भरवा रहा था। कहां से भरवा रहा था यह सबसे बड़ा सवाल है। छात्रों ने इस बाबत स्कूल प्रशासन से सवाल किया, लेकिन उसने बताने से मना कर दिया। स्कूल प्रशासन हाईस्कूल की कक्षाएं परिसर के बरामदे में संचालित करता है।
जांच रिपोर्ट आने पर होगी कार्रवाई
कलावती कॉन्वेंट स्कूल की शिकायत आने पर उसकी तुरंत जांच कराई गई। प्रथम दृष्ट्या यह स्कूल फर्जी निकला है। हाईस्कूल की मान्यता का कोई प्रमाण नहीं दिखा पाया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद स्कूल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. मुकेश कुमार सिंह, डीआईओएस