जानिए, इस समय आपको क्यों कम मिल रही बिजली?
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बिजलीघरों के उत्पादन में कमी के चलते प्रदेश में बिजली की किल्लत हो गई है। मांग के मुकाबले उपलब्धता कम होने से आपूर्ति के शिड्यूल पर भी असर पड़ा है।
हालांकि कई इकाइयों के बंद होने के मद्देनजर पावर कॉर्पोरेशन आपूर्ति व्यवस्था पटरी पर रखने के लिए एनर्जी एक्सचेंज से लगभग साढ़े तीन करोड़ रुपये की अतिरिक्त बिजली खरीद रहा है। नई इकाइयों का उत्पादन पटरी पर न आ पाने की वजह से ज्यादा ही समस्या खड़ी हो रही है।
इस साल मानसून के कमजोर रहने से अभी तक बिजली की मांग अनुमान से ज्यादा बनी हुई है। मौजूदा समय में तय शिड्यूल के अनुसार आपूर्ति के लिए लगभग 13,000 मेगावाट बिजली की जरूरत है जबकि उपलब्धता 12,000-12,500 मेगावाट के आसपास ही है।
लैनको के अनपरा ‘सी’ बिजलीघर की 600 मेगावाट क्षमता की इकाई तकनीकी गड़बड़ी के चलते बंद है जबकि पनकी की भी 110 मेगावाट क्षमता की इकाई बंद चल रही है।
बिजली के कोटे में भी आई कमी
उधर, नई परियोजना अनपरा ‘डी’ की 500 मेगावाट क्षमता की पहली इकाई भी साथ नहीं दे रही है। इस इकाई के चलने और बंद होने का सिलसिला जारी है।
ट्रांसमिशन नेटवर्क तैयार न होने से बजाज हिंदुस्तान की ललितपुर परियोजना की 660 मेगावाट क्षमता की इकाई से भी बिजली नहीं मिल पा रही है। केंद्रीय बिजलीघरों के उत्पादन में भी कमी होने से प्रदेश को मिलने वाली बिजली के कोटे में भी कमी हुई है।
पावर कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक एपी मिश्र का कहना है कि उत्पादन में कमी से बिजली की कमी तो है लेकिन शिड्यूल के अनुसार आपूर्ति करने के लिए अतिरिक्त बिजली का इंतजाम किया गया है।
दूसरे राज्यों से उधार के जरिये बिजली लेने के साथ-साथ लगभग साढ़े तीन करोड़ रुपये की अतिरिक्त बिजली खरीदी जा रही है। फिलहाल आपूर्ति सामान्य है और प्रदेश में शिड्यूल के अनुसार ही आपूर्ति हो रही है।