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राहुल भटनागर को मिला आर्थिक तंगहाली में यूपी को आगे बढ़ाने का फायदा
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Tue, 13 Sep 2016 02:37 PM IST
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राहुल पूरे करेंगे अखिलेश के अधूरे प्रोजेक्ट
- फोटो : amar ujala
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यूपी में 24 घंटे के अंदर दो कैबिनेट मंत्रियों को बर्खास्त करने के बाद मंगलवार को चीफ सेक्रेट्री दीपक सिंघल की भी छुट्टी हो गई।
यूपी के नए मुख्य सचिव की कुर्सी राहुल प्रसाद भटनागर को दी गई है। 1983 बैच के आईएएस अफसर राहुल भटनागर वित्त आयुक्त एवं प्रमुख सचिव वित्त, संस्थागत वित्त एवं चीनी उद्योग तथा गन्ना विकास विभाग के साथ अपर स्थानिक आयुक्त के पद पर थे।
माना जा रहा है कि राहुल भटनागर ने आर्थिक तंगहाली के बावजूद सीएम की मनपसंद योजनाओं जैसे एक्सप्रेस वे, मेट्रो, समाजवादी पेंशन योजना वगैरह के लिए बजट में रुकावट नहीं आने दी जिसका उन्हें फायदा मिला है।
बता दें राहुल भटनागर को अखिलेश का विश्वासपात्र अफसर माना जाता है। आजमगढ़ में एक शुगर मिल प्रोजेक्ट को नौ महीने से भी कम समय में पूरा कर लेने पर अखिलेश ने एक मीटिंग के दौरान उनकी तारफी भी की थी।
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प्रमुख सचिव वित्त होने के नाते अखिलेश के खजाने की चाभी राहुल भटनागर के हाथ में थी और तंगहाली के बावजूद उन्होंने सीएम के किसी भी ड्रीम प्रोजेक्ट के रास्ते में रुकावट नहीं आनी दी।
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यूपी के नए मुख्य सचिव की कुर्सी राहुल प्रसाद भटनागर को दी गई है। 1983 बैच के आईएएस अफसर राहुल भटनागर वित्त आयुक्त एवं प्रमुख सचिव वित्त, संस्थागत वित्त एवं चीनी उद्योग तथा गन्ना विकास विभाग के साथ अपर स्थानिक आयुक्त के पद पर थे।
माना जा रहा है कि राहुल भटनागर ने आर्थिक तंगहाली के बावजूद सीएम की मनपसंद योजनाओं जैसे एक्सप्रेस वे, मेट्रो, समाजवादी पेंशन योजना वगैरह के लिए बजट में रुकावट नहीं आने दी जिसका उन्हें फायदा मिला है।
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बता दें राहुल भटनागर को अखिलेश का विश्वासपात्र अफसर माना जाता है। आजमगढ़ में एक शुगर मिल प्रोजेक्ट को नौ महीने से भी कम समय में पूरा कर लेने पर अखिलेश ने एक मीटिंग के दौरान उनकी तारफी भी की थी।
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प्रमुख सचिव वित्त होने के नाते अखिलेश के खजाने की चाभी राहुल भटनागर के हाथ में थी और तंगहाली के बावजूद उन्होंने सीएम के किसी भी ड्रीम प्रोजेक्ट के रास्ते में रुकावट नहीं आनी दी।
दीपक की दो महीने में ही हो गई छुट्टी
दीपक सिंघल
- फोटो : amar ujala
दीपक सिंघल को अभी नवीन तैनाती नहीं मिली है वह प्रतीक्षा सूची में हैं। मुख्य सचिव अालोक रंजन के रिटायर होने के बाद 1982 बैच के आईएएस अफसर दीपक सिंघल को जुलाई में मुख्य सचिव का पद दिया गया था। सिंघल को इस पद पर रहते हुए दो महीने ही हुए थे। बता दें कि वह प्रमुख सचिव गृह के पद पर दो महीने ही टिक पाए थे।
दीपक सिंघल को शिवपाल यादव का करीबी माना जाता है। बता दें कि सिंघल अपने से 18 वरिष्ठ आईएएस अफसरों को पीछे छोड़कर मुख्य सचिव बनने में सफल रहे थे।
दीपक सिंघल को शिवपाल यादव का करीबी माना जाता है। बता दें कि सिंघल अपने से 18 वरिष्ठ आईएएस अफसरों को पीछे छोड़कर मुख्य सचिव बनने में सफल रहे थे।