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...तो इस वजह से हो रहे एसएससी के पेपर लीक
सचिन त्रिपाठी/लखनऊ
Updated Sun, 10 Nov 2013 11:45 PM IST
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कर्मचारी चयन आयोग के पास स्टाफ की कमी सॉल्वर गिरोह के लिए फायदेमंद साबित हो रही है।
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अपना स्टाफ न होने के कारण आयोग प्रश्नपत्रों की प्रिटिंग से लेकर पैकिंग संबंधी सारे काम ठेके पर कराए जाते हैं।
ऐसे में सॉल्वर गिरोह के लिए पेपर लीक करना काफी आसान हो जाता है।
कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षाओं में लगातार तीसरी बार पेपर आउट होने की बात सामने आई है।
इससे पहले 20 और 27 अक्टूबर को हुई एसएससी परीक्षा में नकल करते पकड़े गए अभ्यर्थियों को मोबाइल से एसएमएस भेजकर सवालों के जवाब बताए जा रहे थे।
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इनमें ज्यादातर अभ्यर्थी बागपत और सोनीपत इलाकों के थे। रविवार को नकल करते पकड़ा गया अंकित चौधरी भी बागपत का है।
ऐसे में पेपर आउट के तार इस बार भी बागपत से जुड़े हुए हैं। कर्मचारी चयन आयोग के पास स्टाफ की भारी कमी है।
इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यूपी और बिहार दो राज्यों की परीक्षा कराने वाले इलाहाबाद केंद्र में केवल 25 लोगों का नियमित स्टाफ है। बाकी स्टाफ आउटसोर्स किया जाता है।
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यही हालत दिल्ली स्थित मुख्यालय की भी है। प्रश्नपत्र तैयार करने और भेजने का काम मुख्यालय स्तर से ही किया जाता है। स्टाफ की कमी होने पर सारा काम आउटसोर्सिंग के जरिए किया जाता है।
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दिल्ली स्थित मुख्यालय पर परीक्षा और प्रश्नपत्र जैसे गोपनीय काम भी आउटसोर्सिंग के भरोसे हैं। स्टाफ की कमी होने के कारण इस काम की ढंग से मॉनीटरिंग नहीं हो पाती है।
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पेपर की प्रिंटिंग आदि का ठेका लेने वाले लोग दिल्ली और आसपास के लोगों को काम पर लगाते हैं। सॉल्वर गिरोह इन्हीं लोगों को अपने जाल में फांसकर प्रश्नपत्र की कॉपी प्राप्त कर लेते हैं।
इसके बाद शुरू हो जाता है, अभ्यर्थियों को परीक्षा पास कराने का खेल। आयोग से जुडे़ अधिकारी भी इस तथ्य को स्वीकारते हैं लेकिन सीधी तौर पर कुछ भी कहने से बच रहे हैं।