फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   reason behind ateeq ahmad's entry in sp

जानिए, सपा में क्यों आए माफिया अतीक

Sat, 07 Dec 2013 02:23 PM IST
राजेंद्र सिंह/लखनऊ
राजेंद्र सिंह/लखनऊ Updated Sat, 07 Dec 2013 02:23 PM IST
विज्ञापन
reason behind ateeq ahmad's entry in sp

बाहुबली अतीक अहमद पर चुनावी दांव लगाने के सपा के फैसले को पूर्वांचल में मुस्लिम कार्ड का रंग गहराने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

विज्ञापन


अतीक के बहाने सपा कई सीटों पर सियासी समीकरण साधना चाहती है।

समाजवादी पार्टी लोकसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों को बदलने का सिलसिला जारी रखे हुए है। सुल्तानपुर सीट पर हुआ ताजा बदलाव चौंकाने वाला जरूर है, लेकिन इसके गहरे राजनीतिक अर्थ निकाले जा रहे हैं।

विज्ञापन


मुस्लिम वोटों पर सपा की नजर

दरअसल, सपा की नजर मुस्लिम वोटों पर टिकी हुई हैं। इसके लिए उसे दागी और बागी दोनों ही तरह के नेता स्वीकार हैं। अतीक अहमद का इलाहाबाद और आसपास की कुछ सीटों पर असर है। वे इलाहाबाद पश्चिम से पांच बार विधायक रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


वर्ष 2009 में जब वे अपना दल के टिकट पर प्रतापगढ़ लोकसभा सीट से चुनाव लड़े तो उन्हें 1.08 लाख वोट मिले थे।

भले ही इस चुनाव में अतीक चौथे नंबर पर रहे लेकिन 1.21 लाख वोट के साथ सपा को भी तीसरे पायदान पर पहुंचा दिया था।

इस सीट पर मुख्य मुकाबला कांग्रेस और बसपा के बीच हुआ था। तब कांग्रेस की रत्ना कुमारी सांसद चुनी गई थीं।

चुनाव से पहले सपा ऐसे मुस्लिम नेताओं पर डोरे डालना चाहती है जो अपने दमखम पर उसका चुनावी गणित बिगाड़ने की हैसियत रखते हैं। अतीक अहमद के बहाने सपा सुल्तानपुर ही नहीं, आसपास की सीटों पर भी मुस्लिम वोटों को साधना चाहती है।

सुल्तानपुर की स्थानीय राजनीति में सपा विधायक अबरार अहमद और पूर्व घोषित प्रत्याशी शकील अहमद के बीच 36 का आंकड़ा है।

मजबूत चेहरे की थी तलाश

इससे लोकसभा चुनाव में होने वाले नुकसान से बचने के लिए सपा को किसी मजबूत चेहरे की तलाश थी जो बाहुबली अतीक अहमद से पूरी हो गई। सपा ने विधानसभा चुनाव में भी शकील अहमद को प्रत्याशी बनाया था लेकिन बाद में उनका टिकट कट गया था।


इस बार खेमेबंदी की जंग में आजम खां के नजदीकी समझे जाने वाले विधायक अबरार उन पर फिर भारी पड़े हैं।

सपा इस नजरिये से भी सुल्तानपुर सीट को अहम मानती है कि विधानसभा चुनाव में यहां की सभी पांचों सीटों पर उसे कामयाबी मिली थी।

अब तक बदले 29 प्रत्याशी
लखनऊ। समाजवादी पार्टी अब तक लोकसभा चुनाव के लिए घोषित 29 प्रत्याशियों को बदल चुकी है। सुल्तानपुर में शकील अहमद की जगह अतीक अहमद को उम्मीदवार बनाने के बाद और प्रत्याशियों में भी बदलाव की संभावना है।

सुल्तानपुर के पहले हाल के दिनों में जालौन (सुरक्षित), जौनपुर, कैसरगंज, गाजीपुर, देवरिया, संत कबीर नगर और लालगंज (सुरक्षित), फतेहपुर सीकरी आदि सीटों पर उम्मीदवार बदले जा चुके हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed