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अक्षय तृतीया कल: ग्रहों का बन रहा खास योग, जानें क्या कहते हैं ज्योतिषाचार्य
Mon, 02 May 2022 02:22 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Mon, 02 May 2022 02:22 PM IST
सार
अक्षय तृतीया तिथि मंगलवार को प्रात: 5.15 से प्रारंभ होकर 4 मई को प्रात: 7.32 तक रहेगी। श्रेष्ठ पूजा मुहूर्त दोपहर 12.03 तक है।
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विस्तार
वैशाख शुक्ल तृतीया यानी अक्षय तृतीया पर्व तीन मई को मनाया जाएगा। इस दिन रोहिणी नक्षत्र, रवि योग व शोभन योग व वृषभ राशि का संयोग बन रहा है। यह विशेष संयोग विशेष फलदायी होगा। शास्त्रों की मान्यता है कि इस मुहूर्त में किया गया कार्य अक्षय हो जाता है। यह स्वयं सिद्ध मुहूर्त है। तृतीया तिथि मंगलवार को प्रात: 5.15 से प्रारंभ होकर 4 मई को प्रात: 7.32 तक रहेगी। श्रेष्ठ पूजा मुहूर्त दोपहर 12.03 तक है। इसी दिन परशुराम जयंती भी मनाई जाती है।
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केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर, ज्योतिषाचार्य डॉ. अश्विनी पांडेय कहते हैं कि नक्षत्र और योग के हिसाब से देखें तो यह मुहूर्त पूरे साल सौहार्द देने वाला है। इसी दिन रवि योग रात्रि में 1.35 बजे से आ रहा है, जो कि सभी कार्यों को सफल बनाने वाला है। इसके अलावा स्थायीजय योग 4 मई प्रात: 5.18 से प्रारंभ होगा। यह देश के नेताओं में मैत्री भाव बढ़ाएगा। उत्तर प्रदेश के लिए भी इस योग का विशेष महत्व है, क्योंकि रोहिणी नक्षत्र में ही श्रीकृष्ण का जन्म मथुरा में हुआ था। यही वजह है कि यह दिन और काल विशेष फल देने वाला है।
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ज्योतिषाचार्य एसएस नागपाल कहते हैं कि वैशाख शुक्ल तृतीया पर करीब 50 साल बाद दो ग्रह उच्च राशि में विद्यमान रहेंगे, जबकि दो प्रमुख ग्रह स्वराशि में विद्यमान रहेंगे। चंद्रमा अपनी उच्च राशि वृषभ और शुक्र अपनी उच्च राशि मीन में रहेंगे। इसमें शनि अपनी प्रिय राशि कुंभ और बृहस्पति स्वयं की राशि मीन में परिभ्रमण करेंगे। यह विशेष स्थिति है। शुभ संयोग और ग्रहों की विशेष स्थिति में अक्षय तृतीया पर दान करने से पुण्य की प्राप्ति होगी।