पढ़ें यूपी कैबिनेट के महत्वपूर्ण फैसले : सांसद-विधायक बनाए जाएंगे जिला खनिज फाउंडेशन के सदस्य
बिकरू कांड की जांच रिपोर्ट विधानसभा के पटल पर रखने को मंजूरी, आरआरटीएस के दायरे में आने वाले परिवहन निगम के भवन होंगे स्थानांतरित और प्रशिक्षण के लिए हवाई पट्टी का उपयोग कर सकेंगे फ्लाइंग क्लब... के साथ पढ़ें अन्य महत्वपूर्ण फैसले।
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विस्तार
जिला खनिज फाउंडेशन न्यास की शासी परिषद व प्रबंध समिति में अब लोकसभा व राज्यसभा सांसदों, विधायकों और विधान परिषद सदस्यों को बतौर सदस्य शामिल किया जाएगा। योगी कैबिनेट ने सोमवार को उत्तर प्रदेश जिला खनिज फाउंडेशन न्यास (द्वितीय संशोधन) नियमावली-2021 को मंजूरी दी है। प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि केंद्र सरकार ने जिला खनिज फाउंडेशन न्यास में लोकसभा व राज्यसभा सांसद, विधानसभा सदस्य और विधान परिषद सदस्यों को सदस्य नियुक्त करने के निर्देश दिए हैं। केंद्र सरकार के निर्देश फाउंडेशन की शासी परिषद एवं प्रबंध समिति में सांसद-विधायकों को समिति में सदस्य नामित करने के लिए नियमावली में संशोधन किया है। जिला खनिज फाउंडेशन न्यास में उपलब्ध राशि को भारत सरकार व प्रदेश सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत व्यय कर सकेगी।
आरआरटीएस की परिधि में आने वाले परिवहन निगम के भवन स्थानांतरित होंगे
प्रशिक्षण के लिए हवाई पट्टी का उपयोग कर सकेंगे फ्लाइंग क्लब
हेलीकॉप्टर और विमानों को उड़ाने का प्रशिक्षण देने वाले फ्लाइंग क्लब और अकादमी प्रदेश सरकार की हवाई पट्टियों का उपयोग कर सकेंगी। योगी कैबिनेट ने सोमवार को आयोजित बैठक में हवाई पट्टी के उपयोग की नीति स्वीकृत की है। प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि नागरिक उड्डयन विभाग की ओर से चयनित चयनित फ्लाइंग अकादमी, संगठनों और फ्लाइंग क्लब को अकबरपुर अंबेडकरनगर, अन्धऊ गाजीपुर, श्रावस्ती, फर्रुखाबाद, धनीपुर अलीगढ़, अमहट सुल्तानपुर, म्योरपुर सोनभद्र, सैफई इटावा, पलिया खीरी, झांसी, रसूलाबाद कानपुर देहात, आजमगढ़ व चित्रकूट में स्थित कुल 13 हवाई पट्टियों तथा उन पर निर्मित परिसंपत्तियों हैंगर, भवन का उड्डयन प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए उपयोग कर सकेंगी। उत्तर प्रदेश राज्य में 17 हवाई पट्टियां स्थित है। वर्ष 2007 में स्वीकृत नीति के तहत अलीगढ़ हवाई पट्टी पर चार, सुल्तानपुर हवाई पट्टी पर एक, मेरठ हवाई पट्टी पर एक व अयोध्या हवाई पट्टी एक निजी संस्था प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित कर रही है। उन्होंने बताया कि पूर्व नीति के लागू होने से अब तक लगभग 13 वर्ष के समय में नागरिक उड्डयन के परिवेश में काफी बदलाव हो गया है। इससे पूर्व नीति में कतिपय संशोधन कर नई नीति लागू किए जाने की आवश्यकता अनुभव की जा रही है।
बिकरू कांड की जांच रिपोर्ट विधानसभा के पटल पर रखने को मंजूरी
कानपुर नगर के बिकरू गांव में अपराधियों द्वारा 8 पुलिस कर्मियों की हत्या और मुठभेड़ में मारे गए अपराधियों मामले में न्यायमूर्ति बीएस चौहान की अध्यक्षता में गठित जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है। अब इस रिपोर्ट को विधानमंडल के पटल पर रखा जाएगा। इससे संबंधित प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। बता दें कि पिछले साल 2-3 जुलाई की रात को कानपुर नगर के बिकरू गांव में अपराधियों ने घात लगाकर 8 पुलिस कर्मियों को मौत के घात उतार दिया था। इसके बाद जवाबी कार्रवाई में हुई मुठभेड़ में पुलिस ने अपराधियों को मार गिराया था। इसके अलावा कई लोगों को गिरफ्तार भी कर लिया गया था। इसके बाद सरकार ने मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश बीएस चौहान की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया था।
पूर्वांचल एक्सप्रेस पर दोनों ओर हर 85 किमी पर होगा एक पेट्रोल पंप
पूर्वांचल एक्सप्रेस पर दोनों ओर हर 85 किलोमीटर पर एक पेट्रोल पंप होगा। ‘कोको’ मॉडल पर पेट्रोल पंप आवंटन के प्रस्ताव को कैबिनेट ने हरी झंडी दे दी है। प्रस्ताव के अनुसार, कुल 8 पेट्रोल पंपों में 4 आईओसी, 2 रिलायंस और 1-1 एचपीसी और बीपी को मिले हैं। राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर ‘कंपनी के और कंपनी द्वारा संचालित’ यानी कोको मॉडल पर पेट्रोल पंप स्थापित किए जाएंगे। इस एक्सप्रेस-वे की कुल लंबाई 340 किलोमीटर है। दोनों ओर कुल 4-4 पेट्रोल पंप होंगे। टेंडर में सबसे ज्यादा मासिक किराया देने का प्रस्ताव देने वाली कंपनियों को ये पंप एलॉट करने का प्रस्ताव आया था, जिसे कैबिनेट ने स्वीकृति दे दी है। इन पंपों के स्थापित होने से ईंधन लेने में कोई दिक्कत नहीं होगी।
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पूर्वांचल और बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे पर भुगतान के लिए नियमों में शिथिलीकरण
विंध्यवासिनी मंदिर के संपर्क मार्ग बनाए जाएंगे, फसाड़ ट्रीटमेंट भी होगा
फोरेंसिक इस्टीट्यूट के संचालन के लिए बनेगी सोसाइटी
मजदूरी न देने पर अब नियोक्ता को नहीं होगी जेल, बस लगेगा जुर्माना
उड़ान योजना के चयनित मार्गों पर मिलेगी शत प्रतिशत गैप फंडिंग
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विदेशी शराब और स्प्रिट पर टैक्स निर्धारण का पुराना नियम समाप्त
बीज ग्राम योजना में भी गेहूं व धान के बीज पर 2,000 रुपये अनुदान
प्रदेश सरकार ने किसानों की मदद को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला किया है। प्रदेश कैबिनेट ने गेहूं व धान के बीज पर अन्य केंद्रीय योजनाओं के समतुल्य अनुदान देने के लिए विशेष अनुदान योजना से संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। केंद्र पोषित योजनाओं में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन, पूर्वी भारत में हरित क्रांति के विस्तार की योजना, एकीकृत धान्य विकास कार्यक्रम के अंतर्गत धान व गेहूं बीज वितरण पर किसानों को मूल्य का 50 प्रतिशत व अधिकतम 2,000 रुपये प्रति कुंतल (जो भी कम हो) अनुदान दिए जाने की व्यवस्था है। बीज ग्राम योजना के अंतर्गत धान के लिए मूल्य का 50 प्रतिशत व अधिकतम 1,750 रुपये प्रति कुन्तल तथा गेहूं के लिए 1,600 रुपये प्रति कुंतल अनुदान की व्यवस्था है। यह अन्य केंद्रीय योजनाओं की तुलना में कम है। इससे किसान इस योजना की ओर कम आकर्षित होते हैं। प्राय: केंद्र से आवंटित धनराशि का भी सदुपयोग नहीं हो पाता। प्रदेश सरकार ने इस विसंगति को दूर करने के लिए अपनी ओर से पहल की है। अब बीज ग्राम योजनांतर्गत गेहूं व धान के बीज मूल्य पर अन्य केंद्रीय योजनाओं के समतुल्य अनुदान की अधिकतम धनराशि 2,000 रुपये प्रति कुंतल दिया जाना सुनिश्चित किया जाएगा। इस पर आने वाला पूरक खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। केंद्र सरकार द्वारा दिए जा रहे अनुदान के अतिरिक्त धान के बीज पर 250 रुपये प्रति कुंतल व गेहूं के बीज पर 400 रुपये प्रति कुन्तल का अतिरिक्त अनुदान प्रदेश सरकार वहन करेगी। यह योजना चालू वित्तीय वर्ष व आगे के वर्षों में भी लागू रहेगी।