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आरडीएसओ का मुख्य सतर्कता निरीक्षक घूस लेते गिरफ्तार, बरामद हुई इतनी रकम
Mon, 13 May 2019 12:36 AM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
Published by: Amulya Rastogi
Updated Mon, 13 May 2019 12:36 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
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सीबीआई की एंटी करप्शन शाखा ने रेलवे के अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (आरडीएसओ) के वरिष्ठ सेक्शन अफसर से घूस मांगने वाले मुख्य सतर्कता निरीक्षक अबोध अग्रवाल को शनिवार रात रंगे हाथ दबोच लिया। उसके पास से घूस के 40 हजार रुपये भी मिले हैं।
आरडीएसओ के वरिष्ठ सेक्शन अफसर रवींद्र दुबे ने सीबीआई को बताया कि आरडीएसओ के वित्त एवं लेखा निदेशालय में कुछ दिन पहले प्रोन्नति में धांधली किए जाने की एक शिकायत मिली थी। इस मामले में प्रमुख वित्त सलाहकार ने महानिदेशक को लिखित में जवाब दिया था कि यह शिकायत फर्जी है और प्रोन्नतियों में किसी तरह की अनियमितता नहीं हुई है।
आरडीएसओ के वरिष्ठ सेक्शन अफसर रवींद्र दुबे ने सीबीआई को बताया कि आरडीएसओ के वित्त एवं लेखा निदेशालय में कुछ दिन पहले प्रोन्नति में धांधली किए जाने की एक शिकायत मिली थी। इस मामले में प्रमुख वित्त सलाहकार ने महानिदेशक को लिखित में जवाब दिया था कि यह शिकायत फर्जी है और प्रोन्नतियों में किसी तरह की अनियमितता नहीं हुई है।
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रवींद्र दुबे ने बताया कि बीती एक मई को आरडीएसओ के मुख्य सतर्कता निरीक्षक अबोध अग्रवाल ने उन्हें फोन कर वरिष्ठ सेक्शन अफसर कमलिनी मिश्र की सर्विस बुक लेकर आने को कहा। जब वे इसे लेकर अबोध अग्रवाल के पास पहुंचे तो उन्होंने उसे अपने पास रख ली और कहा कि प्रोन्नति में धांधली की गई है।
साथ ही धमकी दी कि उन्हें इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। बाद में रवींद्र दुबे ने इसकी जानकारी अबोध अग्रवाल से परिचय रखने वाले अपने एक कनिष्ठ अधिकारी अब्दुल लतीफ को दी। लतीफ ने अबोध अग्रवाल से संपर्क किया तो उसने मामला निपटाने के लिए एक लाख रुपये की मांग की।
साथ ही धमकी दी कि उन्हें इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। बाद में रवींद्र दुबे ने इसकी जानकारी अबोध अग्रवाल से परिचय रखने वाले अपने एक कनिष्ठ अधिकारी अब्दुल लतीफ को दी। लतीफ ने अबोध अग्रवाल से संपर्क किया तो उसने मामला निपटाने के लिए एक लाख रुपये की मांग की।
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इतनी रकम देने में असमर्थता जताए जाने पर अबोध ने 50 हजार रुपये की मांग की। इस पर रवींद्र दुबे ने इसकी जानकारी सीबीआई को दी। सीबीआई के कहने पर रवींद्र दुबे 40 हजार रुपये देने का सौदा तय कर शनिवार रात रकम लेकर अबोध के पास पहुंचे। जैसे ही अबोध अग्रवाल ने रकम ली, सीबीआई की टीम ने उन्हें दबोच लिया। सीबीआई ने पूछताछ के बाद अबोध को जेल भेज दिया है।