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डिफॉल्टर बिल्डरों से वसूला जाएगा जुर्माना, जारी होगा आरसी, तैयार हो रही है सूची

Thu, 26 Nov 2020 12:49 AM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Thu, 26 Nov 2020 12:49 AM IST
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RC will issue RERA against defaulting builders, list of defaulters getting ready
यूपी रेरा का दफ्तर - फोटो : अमर उजाला
आवंटियों को तय समय पर फ्लैट या प्लॉट का कब्जा न देने वाले बिल्डरों से पेनल्टी वसूली जाएगी। इसके लिए प्रदेश के रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (रेरा) ने रिकवरी सर्टिफिकेट (आरसी) जारी करने का फैसला किया है। रेरा मुख्यालय में डिफॉल्टर बिल्डरों की सूची तैयार की जा रही है।
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गौरतलब है कि रेरा ने आवंटियों और बिल्डरों के बीच विवाद सुलझाने के लिए ‘रेरा संवाद’ कार्यक्रम शुरू किया था। इसमें रेरा के अध्यक्ष राजीव कुमार ने दोनों की समस्याओं को सुनकर उनका समाधान करते हैं। संवाद कार्यक्रम में आवंटियों ने बताया कि कई मामले में तय समय पर फ्लैट या प्लाट का कब्जा न देने वाले डिफॉल्टर बिल्डरों के खिलाफ पेनाल्टी वसूली के आदेश हुए, लेकिन वसूली अब तक नहीं हुई है।
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वहीं, रेरा के अधिकारियों ने पिछले दिनों जब पेनाल्टी वसूली के संबंध में दिए आदेशों के अनुपालन की समीक्षा की तो पाया कि छह महीने बाद भी बिल्डरों ने न तो रेरा के आदेशों का पालन किया और न ही पेनल्टी जमा की है। समीक्षा में यह भी पता चला कि निर्धारित समय में कब्जा न देने वाले बिल्डरों के खिलाफ नोटिस जारी हुआ था, लेकिन उन आदेशों का भी पालन नहीं कराया गया। इस पर रेरा अध्यक्ष ने नाराजगी जताई है और ऐसे डिफाल्टर बिल्डरों के खिलाफ आरसी जारी करने का फैसला किया है। वहीं, कई बिल्डरों के पास न तो कंप्लीशन सर्टिफिकेट है और न ही ऑनगोइंग सर्टिफिकेट। इस पर रेरा अधिनियम की धारा 63 के तहत नोटिस जारी किया गया।              
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प्रमोटरों ने भी मांगी और रियायत, बताईं समस्याएं
कोरोना महामारी के मद्देनजर रेरा बिल्डरों के पहले ही परियोजनाओं को पूरा करने की निर्धारित समयसीमा में छह माह की रियायत दे चुका है। मगर, अभी भी कई प्रमोटर और रियायत देने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि श्रमिक और निर्माण सामग्री की अनुपलब्धता अभी भी समस्या बनी हुई है। इसलिए प्रोजेक्ट पूरा करने के लिए बढ़ाई गई समयसीमा पर्याप्त नहीं है। रेरा अध्यक्ष ने कहा कि समय पर इस पर विचार किया जाएगा। वहीं, कई प्रमोटरों ने आवेदन करने के कई दिन बाद भी पंजीकरण नंबर न देने की शिकायत की। इस पर रेरा अध्यक्ष ने अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर पंजीकरण नंबर जारी करने के आदेश दिए हैं।
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